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Sirsa News: किसानों ने किया रोष-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री नायब के उपद्रवी कहने पर जताई नाराजगी

Sun, 07 Apr 2024 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 07 Apr 2024 11:21 PM IST
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Farmers protested, expressed displeasure over Chief Minister calling him a rowdy
सुरखाब चौक पर पुतला फूंकते किसान।
सिरसा। किसानों को उपद्रवी कहने और आंदोलन में गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई नहीं करने से नाराज किसानों ने भारतीय किसान एकता के बैनर तले विरोध मार्च निलाका। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आगमन से पहले किसानों ने विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री से माफी मांगने की अपील की।
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बता दें कि सिरसा में रविवार को भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की अगुवाई में कई गांवों के किसानों ने सिरसा में नेहरू पार्क से चलते हुए जगदेव सिंह चौक, सुभाष चौक, शहीद भगत सिंह चौक, परशुराम चौक होते हुए सुरखाब चौक तक रोष प्रदर्शन किया। जिसके बाद सुरखाब चौक पर भाजपा सरकार का पुतला फूंका।
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उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों पर अत्याचार करने के साथ साथ किसान साथियों को गिरफ्तार करके जेलों में डाल दिया है। जिसमें से अभी तक तीन किसान अनीश खटकड़, नवदीप सिंह व गुरकीरत सिंह जेलों में बंद है। उनकी रिहाई को लेकर व किसानों पर हुए अत्याचार के विरोध में रविवार को पूरे देश में रोष मार्च निकालते हुए भाजपा के पुतले फूंके हैं।
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औलख ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की किसानों को उपद्रवी कहने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कि प्रदेश भाजपा सरकार ने उपद्रव करते हुए किसानों पर सीधी गोलियां चलवाईं हैं। जिसमें किसान नेता शुभकरण सिंह की मौत हो गई और 400 से ज्यादा किसान जख्मी हो गए। अब भाजपा बताए कि उपद्रव भाजपा ने किया या किसानों ने। अगर आंदोलनकारी किसान उपद्रवी हैं तो दिल्ली से चलकर भाजपा के मंत्री चंडीगढ़ में पूरी-पूरी रात उनके साथ मीटिंग कैसे करते रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी किसानों को कहे गए अपशब्दों पर माफी मांगें नहीं तो किसानों को मजबूरन उनका विरोध करना पड़ेगा। इस मौके पर बीकेई से अंग्रेज सिंह कोटली, हंसराज पचार, साहुवाला, थिराज, खारिया, काशी का बास, कोटली, वैदवाला, फूलकां, दारेवाला, पंजुआना, जोधपुरिया, कुमथला, उमेदपुरा, कासनखेड़ा, फगू, रोड़ी, रोहण, भीवां, मलड़ी, जलालआना, चकेरियां, घुक्कांवाली, भंगू, जसानिया, गुडिया खेड़ा, बकरियांवाली, बच्चेर, नथोर, भंभूर व मौजगढ़ सहित अनेक गांवों के किसानों ने भाग लिया।
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