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54 दिन बाद किसानों का पक्का माेर्चा समाप्त : पांच दौर की वार्ता के बाद बनी सहमति, बकाया मुआवजे के लिए 15 मई तक का दिया अल्टीमेटम

Fri, 10 Mar 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 10 Mar 2023 11:15 PM IST
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Farmers' Pakka Morcha ends after 54 days: Consent made after five rounds of talks, ultimatum given till May 15 for outstanding compensation
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। बकाया मुआवजा व अन्य मांगों को लेकर 54 दिनों से लघुु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगाकर बैठे किसानों ने शुक्रवार को धरना समाप्त कर दिया है। वीरवार को लघु सचिवालय में किसानों और अधिकारियों के बीच हुई पांच दौर की वार्ता के बाद सहमति बन गई। वहीं बकाया मुआवजे के लिए किसानों ने सरकार को 15 मई तक अल्टीमेटम दिया है। 15 मई तक मुआवजा नहीं आता तो 16 मई को पंचायत कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी। धरने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले डिंग मंडी निवासी ओमप्रकाश झुरिया को वाहनों के काफिले के साथ घर तक सम्मानपूर्वक छोड़ा गया।
भारतीय किसान एकता बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि बैठक में किसानों की ज्यादातर मांगों का समाधान हो गया है। इसकी पुष्टि जिला प्रशासन से एसडीएम सिरसा, कृषि विभाग, बीमा कम्पनी, नहरी विभाग के अधिकारियों ने दी है। बीमा क्लेम से वंचित छह गांवों का क्लेम मार्च महीने में ही आ जाएगा। खरीफ 2020 की सीएससी सेंटरों व बैंकों से वापस हुई बीमा प्रीमियम राशि बीमा कंपनी द्वारा मंजूर कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि बातचीत में नहरी विभाग के अधिकारियों ने एमबीसी नहर जो कि बणी की तरफ जाती है, उसकी बाकायदा प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेज दी गई है। इसके निर्माण के साथ यहां साइफन भी बनाया जाएगा। ऐलनाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी, किशनपुरा माइनर, सुरेरां माइनर, नीमला माइनर इन चारों नहरों को पक्का करने की रिपोर्ट भी भेज दी गई है। औलख ने बताया कि कृषि विभाग से संबंधी मुख्य मांग खाद-बीज की सैंपलिंग की थी। उनकी मांग थी कि एक्ट में संशोधन किया जाए। सरकार ने संशोधन के लिए समय मांगा है। तब तक शिकायत के आधार पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा चार सैंपल लिए जाएंगे और शिकायतकर्ता को भी इसमें गवाह बनाया जाएगा और हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि खाद की कमी की शिकायत पर सरकार ने अधिकारियों को चेताया कि वे समय से पूर्व मांग भेजें।
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ये भी मिले आश्वासन
किसान नेताओं ने बताया कि खाद के साथ किसानों को जबरदस्ती कोई चीज देने पर दुकानदारों व सोसायटी संचालकों को चेताया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को मंच से कहा गया है कि गुजरात से या दुकानों पर कोई बीटी फोर नरमे का बीज नहीं आया है। किसान गुमराह न हों और गुजरात से या किसी दुकान से बीटी फोर बीज न लें। अगर बीज लेना है तो उसका पक्का बिल जरूर लें। बकाया -2020 मुआवजे को लेकर हुई बातचीत के बाद सरकार ने कहा है कि प्रशासन की ओर से किसानों के कागजात मंगवा लिए गए हैं। विधानसभा सेशन के बाद धरना कमेटी की अधिकारियों से फिर बैठक होगी।
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