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किसानों का दर्द : 12 घंटे लाइन में लगने के बाद टोकन मिला खाद नहीं, टोकन लेकर पहुंचे किसानों से कर्मचारी बोले- डीएपी लेकर आ रहा ट्रक, फिर किया जाएगा वितरण

Thu, 17 Oct 2024 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 17 Oct 2024 11:28 PM IST
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Farmers' pain: After standing in line for 12 hours, token was not received, fertilizer was not received, the employees told the farmers who arrived with the token - the truck is coming with DAP, then distribution will be done.
अनाज मंडी में जनता भवन रोड पर डीएपी लेने के लिए लगी किसानाें की भीड़।  संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। डीएपी के लिए किसानों में मारामारी मची हुई है। किसानों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी डीएपी नहीं मिल रही है। वीरवार को भी जिले में यही स्थिति रही। किसान सुबह चार बजे खरीद केंद्र के बाहर लाइन में लगना शुरू हो गए, लेकिन शाम तक भी उन्हें खाद नहीं मिली।

किसानों का कहना है कि यह स्थिति हर बार होती है। 12 से 13 घंटे लाइन में लगने के बाद टोकन मिले, लेकिन जब खाद लेने पहुंचे तो कर्मचारी बोले- खाद का ट्रक आ रहा है, आने पर दी जाएगी। दूसरी ओर अधिकारी डीएपी की कमी नहीं होने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो अभी तक गेहूं की बिजाई का सीजन ही शुरू नहीं हुआ है और किसान स्टॉक के चक्कर में लाइन में लगे हुए हैं।
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वीरवार को अनाजमंडी में खाद बिक्री केंद्रों के बाहर किसानों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। किसान सुबह पांच बजे से देर शाम तक लाइनों में लगे नजर आए। अधिकारी भी किसानों को डीएपी वितरण को लेकर परेशान दिखाई दिए। धूप में किसान जद्दोजहद करते हुए नजर आए।
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किसानों ने प्रशासन से मांग की कि जिन खरीद केंद्रों पर खाद वितरण का कार्य किया जाता है, उन केंद्रों पर कम से कम शेड की व्यवस्था करवाए, ताकि किसानों को गर्मी में परेशानी न हो। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 16 हजार मीट्रिक टन डीएपी का वितरण हो चुका है और 2000 मीट्रिक टन का स्टॉक उनके पास है।

दुकानदारों और अधिकारियों की है मिलीभगत : किसानों का कहना है कि दुकानदार डीएपी का स्टॉक करके रखते हैं। मांग बढ़ने पर खेती में प्रयोग होने वाले प्रोडक्ट के साथ महंगे दाम पर डीएपी देते हैं। दुकानदार और अधिकारियों की आपसी मिलीभगत है। इसलिए डीएपी की कमी दिखाई जाती है।

मैं सुबह तीन बजे डीएपी खाद लेने के लिए सिरसा आया था। अब तीन बजने वाले हैं, लेकिन अभी तक खाद नहीं मिली है। पहले लाइनों में लग कर टोकन कटवाए। कर्मचारी बोल रहे हैं कि खाद अभी रास्ते में है, आई नहीं है आने पर आपको खाद दे दी जाएगी। सुबह से भूखे प्यासे भटक रहे हैं। - राजकुमार, किसान, गांव रूपावास।

गांव रायपुरिया से खाद लेने के लिए सुबह 4 बजे आया था। पहले पांच घंटे लाइन में लगने के बाद तो टोकन मिले। टोकन देने के बाद कर्मचारी बोले कि खाद तो नहीं है अभी तक ट्रक नहीं आया है। सुबह से ही बिना खाना खाए लाइन में खड़े हैं। अब समस्या यह है कि खाद के लिए टोकन तो दे दिए हंै पर खाद का इंतजार कर रहे हैं। - विजय सहारण।

सरसाें की बिजाई के लिए सुबह से डीएपी लेने के लिए पहुंच गया था। घंटों से लाइन में इंतजार कर रहा हूं। खाद के लिए ऐसे हालात हर साल होते हैं। कर्मचारी अपनी मनमानी करते हैं, जब दिल करता है दुकान खोलते हैं जब दिल करता है, बंद कर देते हैं। -ताराचंद किसान, गांव रूपावास।


खाद की समस्या है। टोकन बांट दिए हैं और बाद में बोल रहे हैं कि खाद नहीं है। एक टोकन पर सिर्फ तीन कट्टे खाद दे रहे हैं। इससे अब किसान क्या करेगा। सरसों की फसल की बिजाई के जिल जमीन तैयार की है। बाद में पानी नहीं मिलेगा। अब किसान फसल कैसे बिजाई करेगा। - धर्मपाल किसान, रायपुरिया।


डीएपी की कोई कमी नहीं है। अभी तक गेहूं की बिजाई का सीजन भी शुरू नहीं हुआ है। किसान स्टॉक करने में जुटे हैं। हमारे पास 2000 एमटी का स्टॉक है। - अमित कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग।
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