{"_id":"65c12d9d9c1a3a8de1012b3f","slug":"farmers-of-15-villages-continue-their-protest-at-the-mini-secretariat-hearing-has-not-been-held-yet-sirsa-news-c-128-1-svns1027-114673-2024-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: 15 गांवों के किसानों का लघु सचिवालय पर धरना जारी, अभी तक नहीं हुई सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: 15 गांवों के किसानों का लघु सचिवालय पर धरना जारी, अभी तक नहीं हुई सुनवाई
Tue, 06 Feb 2024 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 06 Feb 2024 12:19 AM IST
विज्ञापन
सिरसा। धिंगतानियां खरीफ चैनल 1-2 भंभूर-सलारपुर खरीफ चैनलों के निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर किसान संघर्ष समिति का समस्त ग्रामीणों के सहयोग से धरना लघु सचिवालय में जारी है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से किसानों से बातचीत करने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। किसान अभी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और लंबे संघर्ष को तैयार हैं।
धरनारत किसान संघर्ष समिति के प्रधान हीरा सिंह, मीडिया प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि सिरसा के 15 गांवों मंगाला, मोडिया खेड़ा, चौबुर्जा, धिंगतानियां, रंगड़ी खेड़ा, शहीदांवाली, सलारपुर, टीटूखेड़ा, नानकपुर, भम्बूर, ढाणी जस्सा राम राम नगरिया, नटार, चकराईया, खाजा खेड़ा, शाहपुर बेगू आदि गांवों के लोग साल 2009 से घग्घर नदी के पानी के लिए मांग करते चले आ रहे हैं। क्योंकि उनके इलाके के सभी गांवों में जमीनी पानी का वाटर लेवल लगभग 500 फुट तक नीचे जा चुका है। इससे नीचे का पानी खेती व पीने योग्य नहीं है। इस कारण से किसानों की भूमि बंजर हो चुकी है।
ग्रामीणों ने बताया कि फसल न होने के कारण मजबूरी में लोग यहां से पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन चैनलों की मुख्यमंत्री ने 2014 में घोषणा की थी और 2019 में चैनलों के निर्माण को लेकर बजट भी मंजूर हो गया, लेकिन अधिकारियों की कारगुजारी के कारण आज तक काम शुरू नहीं हो पाया। लगातार 15 वर्षों से किसानों के संघर्ष करते रहने के बावजूद सभी राजनैतिक नुमाइंदों व प्रशासनिक अधिकारियों से सैकड़ों बार मिलने के बावजूद अभी तक किसानों की कोई सुनवाई नहीं हुई है। किसानों को मजबूरन धरना लगाना पड़ा। उन्होंने बताया कि 7 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी ने किसानों से बातचीत करना भी मुनासिब नहीं समझा है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई कि जल्द से जल्द इन खरीफ चैनलों का काम शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीण इन गांवों से पलायन करने की बजाय बेहतर तरीके से अपना गुजर बसर कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरनारत किसान संघर्ष समिति के प्रधान हीरा सिंह, मीडिया प्रभारी बलकार सिंह ने बताया कि सिरसा के 15 गांवों मंगाला, मोडिया खेड़ा, चौबुर्जा, धिंगतानियां, रंगड़ी खेड़ा, शहीदांवाली, सलारपुर, टीटूखेड़ा, नानकपुर, भम्बूर, ढाणी जस्सा राम राम नगरिया, नटार, चकराईया, खाजा खेड़ा, शाहपुर बेगू आदि गांवों के लोग साल 2009 से घग्घर नदी के पानी के लिए मांग करते चले आ रहे हैं। क्योंकि उनके इलाके के सभी गांवों में जमीनी पानी का वाटर लेवल लगभग 500 फुट तक नीचे जा चुका है। इससे नीचे का पानी खेती व पीने योग्य नहीं है। इस कारण से किसानों की भूमि बंजर हो चुकी है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि फसल न होने के कारण मजबूरी में लोग यहां से पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन चैनलों की मुख्यमंत्री ने 2014 में घोषणा की थी और 2019 में चैनलों के निर्माण को लेकर बजट भी मंजूर हो गया, लेकिन अधिकारियों की कारगुजारी के कारण आज तक काम शुरू नहीं हो पाया। लगातार 15 वर्षों से किसानों के संघर्ष करते रहने के बावजूद सभी राजनैतिक नुमाइंदों व प्रशासनिक अधिकारियों से सैकड़ों बार मिलने के बावजूद अभी तक किसानों की कोई सुनवाई नहीं हुई है। किसानों को मजबूरन धरना लगाना पड़ा। उन्होंने बताया कि 7 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी ने किसानों से बातचीत करना भी मुनासिब नहीं समझा है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई कि जल्द से जल्द इन खरीफ चैनलों का काम शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीण इन गांवों से पलायन करने की बजाय बेहतर तरीके से अपना गुजर बसर कर सकें।
विज्ञापन