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Sirsa News: किसानों ने खुईया टोल प्लाजा को फ्री कराया
Fri, 29 May 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 29 May 2026 10:55 PM IST
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डबवाली में खुईया टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करते किसान।
डबवाली । किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के रवैये से खफा होकर शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों-मजदूरों की मांगों के समर्थन में भारतीय किसान एकता (बीकेई) के नेतृत्व में किसानों ने शुक्रवार को खुईयाटोल प्लाजा को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक टोल फ्री कराकर अपनी नाराजगी जताई।
इस दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा विभिन्न टोल प्लाजा संघर्ष कमेटियों से पहुंचे किसान नेताओं इंद्रजीत सिंह कोटबुढा, गुरसेवक सिंह धालीवाल, गुरिंदर सिंह भंगू, जसबीर सिंह झामकां, हरिकेश खटकल टोल, एसपी सिंह मसीतां, भाई अमृतपाल सिंह ओढ़ा तथा कुलदीप सिंह मेंबर हरियाणा गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी, सुभाष झोरड़, अंग्रेज सिंह कोटली और गुरप्रीत सिंह आदि ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।
किसान नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकारों की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का एलान किया। बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक की ओर से किसानों और मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा है।
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किसानों की फसलों पर एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाया जाए तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के भाव दिए जाएं। किसान और खेत मजदूरों को संपूर्ण कर्ज मुक्त किया जाए। हरियाणा कोआपरेटिव बैंकों में नए एमसीएल सदस्य बनाए जाएं। किसानों को डीएपी एवं यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि डबवाली, कालांवाली और गोरीवाला क्षेत्र के किसानों का खरीफ-2020 का बकाया मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। इसके अलावा जंगली पशुओं, नीलगाय और बंदरों से किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार करके सही तरीके से लागू की जाए, खरीफ 2023, 2024 तथा 2025 में जिन किसानों के बीमा प्रीमियर काटने के बावजूद भी बीमा क्लेम नहीं दिया गया है, उन्हें तुरंत बीमा क्लेम जारी किया जाए। क्षतिपूर्ति पोर्टल में पंजीकृत किसानों खरीफ-2025 का बकाया मुआवजा जारी किया जाए, नहरी पानी की सप्लाई शेड्यूल के हिसाब से नियमित की जाए।
बीकेई नेताओं ने मांग रखी कि घग्गर नदी से रोड़ी, कालांवाली, ओढ़ां और डबवाली क्षेत्र के लिए फलड़ी नाला निकाला जाए। घग्गर नदी, नहरों, खालों और नालों की सफाई करवाई जाए। ओटू हेड पर एनजीसी नहर पर साइफन बनाया जाए, बैंकों में नकदी की कमी दूर किया जाए, फगू मंडी धान घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा किसानों की भरपाई करवाई जाए आदि मांग रखी।
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इस दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा विभिन्न टोल प्लाजा संघर्ष कमेटियों से पहुंचे किसान नेताओं इंद्रजीत सिंह कोटबुढा, गुरसेवक सिंह धालीवाल, गुरिंदर सिंह भंगू, जसबीर सिंह झामकां, हरिकेश खटकल टोल, एसपी सिंह मसीतां, भाई अमृतपाल सिंह ओढ़ा तथा कुलदीप सिंह मेंबर हरियाणा गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी, सुभाष झोरड़, अंग्रेज सिंह कोटली और गुरप्रीत सिंह आदि ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।
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किसान नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकारों की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का एलान किया। बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक की ओर से किसानों और मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा है।
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किसानों की फसलों पर एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाया जाए तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के भाव दिए जाएं। किसान और खेत मजदूरों को संपूर्ण कर्ज मुक्त किया जाए। हरियाणा कोआपरेटिव बैंकों में नए एमसीएल सदस्य बनाए जाएं। किसानों को डीएपी एवं यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि डबवाली, कालांवाली और गोरीवाला क्षेत्र के किसानों का खरीफ-2020 का बकाया मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। इसके अलावा जंगली पशुओं, नीलगाय और बंदरों से किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार करके सही तरीके से लागू की जाए, खरीफ 2023, 2024 तथा 2025 में जिन किसानों के बीमा प्रीमियर काटने के बावजूद भी बीमा क्लेम नहीं दिया गया है, उन्हें तुरंत बीमा क्लेम जारी किया जाए। क्षतिपूर्ति पोर्टल में पंजीकृत किसानों खरीफ-2025 का बकाया मुआवजा जारी किया जाए, नहरी पानी की सप्लाई शेड्यूल के हिसाब से नियमित की जाए।
बीकेई नेताओं ने मांग रखी कि घग्गर नदी से रोड़ी, कालांवाली, ओढ़ां और डबवाली क्षेत्र के लिए फलड़ी नाला निकाला जाए। घग्गर नदी, नहरों, खालों और नालों की सफाई करवाई जाए। ओटू हेड पर एनजीसी नहर पर साइफन बनाया जाए, बैंकों में नकदी की कमी दूर किया जाए, फगू मंडी धान घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा किसानों की भरपाई करवाई जाए आदि मांग रखी।