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Sirsa News: घग्गर खरीफ चैनल का पानी बोर में डालने पर गुस्साए किसान, नारेबाजी कर जताया रोष
Sun, 30 Mar 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 30 Mar 2025 11:50 PM IST
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नहरी विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते गांव खारियां निवासी किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। गांव खारियां के पास से गुजरने वाली सदेवा खरीफ चैनल से घग्गर नदी का पानी भूमिगत बोर में डालने के विरोध में गांव मैहना खेड़ा, भून्ना, चक्कां, घोड़ांवाली, गिंदड़ा व सादेवाला के किसानों ने रविवार को नहरी विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। गुस्साए किसानों ने कहा कि सिंचाई विभाग घग्गर का पानी भूमिगत बोर में डालने वाले किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। किसानों ने कहा कि न तो उन्हें भाखड़ा का पानी मिल रहा न ही घग्गर का, ऐसे में कपास की फसलों की बिजाई कर सके।
किसान सुभाष चंद्र, सुरेन्द्र कुमार, वीरपाल, ओम प्रकाश, लालचंद व रामदयाल सहित अन्य ने बताया कि उनके खेत गांव मैहना खेड़ा, भून्ना, चक्कां, घोड़ांवाली, गिंदड़ां व सादेवाला रकबा में आते हैं। जहां पर न तो पर्याप्त मात्रा में भाखड़ा का पानी पहुंचता है और न ही घग्गर का उपलब्ध होता है। किसानों ने बताया कि खारियां क्षेत्र के कई किसान घग्गर खरीफ चैनल से पानी पाइपों से उठाकर सीधा भूमिगत बोर में डालते हैं। इस कारण उनके खेतों तक पानी उपलब्ध नहीं होता और उनकी फसलें सुख जाती हैं।
उन्होंने बताया कि इस बात को लेकर उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों व प्रशासन को अपनी शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन विभागीय अधिकारी उनकी समस्या को हर बार अनसुना कर देते हैं। किसानों का कहना है कि जमीन में पानी डालने वाले किसानों की शिकायत मिलने पर अधिकारी मौके पर पकड़े जाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर तो करवा देते हैं, लेकिन बाद में कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है। इसके बाद दोबारा किसान पाइप लगाकर भूमिगत बोर में पानी डालने लग जाते हैं।
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घग्गर खरीफ चैनल में नहीं हुई सफाई, मिट्टी के ढेर और झाड़ियां उगीं
किसानों ने बताया कि इस घग्गर खरीफ चैनल में प्रशासन की ओर से लंबे समय से सफाई नहीं की गई। इसमें मिट्टी के ढेर व कंटिली झाड़ियां खड़ी हैं, जो पानी में अवरूद्ध बन रही है। इससे पानी की गति भी धीमी हो जाती है। कई बार प्रशासन से चैनल की सफाई करने की मांग की थी। दो साल बीत जाने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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सफाई के दौरान किसानों को लगती है चोट
किसानों ने बताया कि प्रशासन की ओर से सुनवाई न करने के चलते घग्गर खरीफ चैनल की सफाई किसानों को करनी पड़ती है। सफाई को लेकर आधुनिक मशीनरी से लेकर औजार नहीं होते। इस कारण कई बार किसानों को गंभीर चोट लग चुकी है। ब्लॉक समिति सदस्य रामदयाल छापौला ने मौके पर विभागीय अधिकारियों को बुलाकर बोर में डाले जा रहे पानी का मुआयना करवाया और सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी। इस अवसर पर किसान हंसराज, राधाकृष्ण, सुभाष, सुरेन्द्र, नरेश व इन्द्राज सहित बड़ी संख्या में किसान एकत्रित रहे।
कोट्स
कुछ किसान घग्गर खफिब चैनल से पानी को बोर में डाल रहे थे, जिस कारण आगे के किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। जो किसान पानी जमीन में डाल रहे थे, उनके नाम नोट कर विभाग के उच्चाधिकारियों सौंपे गए हैं। अब विभाग उनके खिलाफ एफआईआर कर बनती कार्रवाई करेगा ताकि भविष्य में ये किसान दोबारा ऐसी गलती न करें। - मनोज, जेई नहरी विभाग सिरसा।
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रानियां। गांव खारियां के पास से गुजरने वाली सदेवा खरीफ चैनल से घग्गर नदी का पानी भूमिगत बोर में डालने के विरोध में गांव मैहना खेड़ा, भून्ना, चक्कां, घोड़ांवाली, गिंदड़ा व सादेवाला के किसानों ने रविवार को नहरी विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। गुस्साए किसानों ने कहा कि सिंचाई विभाग घग्गर का पानी भूमिगत बोर में डालने वाले किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। किसानों ने कहा कि न तो उन्हें भाखड़ा का पानी मिल रहा न ही घग्गर का, ऐसे में कपास की फसलों की बिजाई कर सके।
किसान सुभाष चंद्र, सुरेन्द्र कुमार, वीरपाल, ओम प्रकाश, लालचंद व रामदयाल सहित अन्य ने बताया कि उनके खेत गांव मैहना खेड़ा, भून्ना, चक्कां, घोड़ांवाली, गिंदड़ां व सादेवाला रकबा में आते हैं। जहां पर न तो पर्याप्त मात्रा में भाखड़ा का पानी पहुंचता है और न ही घग्गर का उपलब्ध होता है। किसानों ने बताया कि खारियां क्षेत्र के कई किसान घग्गर खरीफ चैनल से पानी पाइपों से उठाकर सीधा भूमिगत बोर में डालते हैं। इस कारण उनके खेतों तक पानी उपलब्ध नहीं होता और उनकी फसलें सुख जाती हैं।
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उन्होंने बताया कि इस बात को लेकर उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों व प्रशासन को अपनी शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन विभागीय अधिकारी उनकी समस्या को हर बार अनसुना कर देते हैं। किसानों का कहना है कि जमीन में पानी डालने वाले किसानों की शिकायत मिलने पर अधिकारी मौके पर पकड़े जाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर तो करवा देते हैं, लेकिन बाद में कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है। इसके बाद दोबारा किसान पाइप लगाकर भूमिगत बोर में पानी डालने लग जाते हैं।
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घग्गर खरीफ चैनल में नहीं हुई सफाई, मिट्टी के ढेर और झाड़ियां उगीं
किसानों ने बताया कि इस घग्गर खरीफ चैनल में प्रशासन की ओर से लंबे समय से सफाई नहीं की गई। इसमें मिट्टी के ढेर व कंटिली झाड़ियां खड़ी हैं, जो पानी में अवरूद्ध बन रही है। इससे पानी की गति भी धीमी हो जाती है। कई बार प्रशासन से चैनल की सफाई करने की मांग की थी। दो साल बीत जाने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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सफाई के दौरान किसानों को लगती है चोट
किसानों ने बताया कि प्रशासन की ओर से सुनवाई न करने के चलते घग्गर खरीफ चैनल की सफाई किसानों को करनी पड़ती है। सफाई को लेकर आधुनिक मशीनरी से लेकर औजार नहीं होते। इस कारण कई बार किसानों को गंभीर चोट लग चुकी है। ब्लॉक समिति सदस्य रामदयाल छापौला ने मौके पर विभागीय अधिकारियों को बुलाकर बोर में डाले जा रहे पानी का मुआयना करवाया और सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी। इस अवसर पर किसान हंसराज, राधाकृष्ण, सुभाष, सुरेन्द्र, नरेश व इन्द्राज सहित बड़ी संख्या में किसान एकत्रित रहे।
कोट्स
कुछ किसान घग्गर खफिब चैनल से पानी को बोर में डाल रहे थे, जिस कारण आगे के किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। जो किसान पानी जमीन में डाल रहे थे, उनके नाम नोट कर विभाग के उच्चाधिकारियों सौंपे गए हैं। अब विभाग उनके खिलाफ एफआईआर कर बनती कार्रवाई करेगा ताकि भविष्य में ये किसान दोबारा ऐसी गलती न करें। - मनोज, जेई नहरी विभाग सिरसा।