डीसी आफिस में कृषि मंत्री का पुतला फूंकने को लेकर किसान और पुलिस उलझी
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फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर पिछले नौ दिनों से लघु सचिवालय में धरना दे रहे किसान और पुलिस पुतला जलाने को लेकर उलझ गए। हुआ यूं कि वीरवार को पुलिस फोर्स को चकमा देकर किसान कृषि मंत्री का पुतला लेकर डीसी ऑफिस परिसर में घुस गए और वहीं जलाने का प्रयास करने लगे। किसानों को अंदर देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और हड़कंप मच गया।
पुलिस फोर्स प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने लगी, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों तरफ से काफी तनातनी होने के बीच पुलिस ने बड़ी मुश्किल से किसानों को परिसर से हटाया। गुस्साए किसानों ने डीसी ऑफिस परिसर के मुख्य गेट पर कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ का पुतला फूंककर मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
बता दें कि हरियाणा किसान मंच के बैनर तले जिले के किसान दस फरवरी से खराब हुई फसलों के मुआवजे और बिजली के दामों में कमी की मांग को लेकर लघु सचिवालय में लगातार धरना दे रहे हैं। अभी तक धरनारत किसानों की मांगों पर प्रशासन व सरकार की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया गया है। हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि बीजेपी सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन अभी तक सरकार के रुख को देखकर यह कतई नहीं लगता की वह किसानों की परेशानियों के प्रति तनिक भी गंभीर है। प्रहलाद ने कहा कि लगातार दो फसलें खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। उनके सामने परिवार के पालन-पोषण की भी समस्या खड़ी हो गई है।
काम कर गई किसानों की रणनीति और लस्सी पीकर सुस्त पड़ी फोर्स धरनारत किसानों के लिए गांवों से हर रोज काफी मात्रा में दूध व लस्सी आती है। रोजाना किसानों के पास पुलिस कर्मचारी भी लस्सी पीने आते हैं। किसानों ने रणनीति बनाई कि पुतला डीसी ऑफिस परिसर के अंदर फूंका जाए, लेकिन किसानों को यह पता था कि पुलिस फोर्स किसी भी सूरत में उन्हें अंदर नहीं घुसने देगी। बारह बजे किसानों ने ऐलान किया कि एक बजे कृषि मंत्री का पुतला फूंका जाएगा। प्रशासन को इसका पता चला तो पुलिस फोर्स को डीसी ऑफिस के पास तैनात कर दिया। किसानों ने अपने भाषणों के जरिए यह जताया कि पुतला लघु सचिवालय से बाहर फूंका जाएगा। यह जानकर पुलिस अलर्ट होने की बजाए पार्क में बैठ गई और लस्सी पीने का आनंद लेने लगे। सवा एक बजे किसान पुतले को अर्थी पर लादकर रवाना हुए लेकिन एक दम से सभी किसान भागते हुए डीसी ऑफिस परिसर में घुस गए। यह देख पार्क लस्सी पीकर सुस्त बैठी पुलिस फोर्स में हड़कंप मच गया। वे भागकर किसानों के पीछे गए और उन्हें बाहर खदेड़ने में जुट गए। दोनों तरफ काफी तनातनी के बीच फोर्स किसानों को परिसर से बाहर निकालने में सफल हुई। पुलिस फोर्स को इस लापरवाही के कारण अपने अधिकारी की कुछ लताड़ पड़ी।
21 से सड़कों व ट्रैकों पर उतरने की दी चेतावनी फसलें नहीं होने के कारण किसान कर्ज में डूबते जा रह हैं। कई किसान तो आत्महत्या कर चुके हैं। पिछले नौ दिनों से किसानों अपनी समस्याओं को लेकर लघु सचिवालय में दिए जा रहे धरने के दौरान अभी तक प्रशासन व सरकार की तरफ से किसानों को कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया जा रहा है। किसान नेता ओम प्रकाश सिहाग ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे है इसीलिए सरकार को चाहिए की किसानों की मांगों को पूरा करते हुए समस्या का हल करे। उन्होंने कहा कि 21 फरवरी से किसानों का आंदोलन लघु सचिवालय से सड़कों व रेलवे ट्रैक तक पहुंचना शुरू हो जाएगा। यह कदम उठाने के लिए सरकार किसानों को मजबूर कर ही है।