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Sirsa News: नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में फैली फॉर्मेलिन गैस, मची अफरा-तफरी
Tue, 21 Jul 2026 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:23 PM IST
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दम घुटने और आंखों में जलन हाेने से खाली करनी पड़ी इमरजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नागरिक अस्पताल में सोमवार दोपहर बाद उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इमरजेंसी वार्ड में अचानक तेज दुर्गंध फैल गई। हवा में फैली तीव्र गंध और आंखों में जलन के कारण मरीजों, उनके परिजनों व ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को इमरजेंसी वार्ड छोड़कर बाहर खुले स्थान पर जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित ऑपरेशन थिएटर में नियमित रूप से की जाने वाली फ्यूमिगेशन के दौरान इस्तेमाल की गई फॉर्मेलिन गैस किसी तकनीकी खामी के कारण रिसकर सीधे ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी वार्ड तक पहुंच गई।
उस समय वार्ड में मरीजों का उपचार चल रहा था। गैस फैलते ही लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और आंखों में तेज जलन शुरू हो गई। हालात ऐसे बने कि मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर सहित बाहर ले जाना पड़ा।
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अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, यह समस्या नई नहीं है। जब-जब ऑपरेशन थिएटर में फ्यूमिगेशन किया जाता है उसकी गैस किसी न किसी रास्ते से इमरजेंसी वार्ड तक पहुंच जाती है।
इससे कई घंटों तक वार्ड में काम करना मुश्किल हो जाता है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि भवन की बनावट या वेंटिलेशन सिस्टम में तकनीकी खामी के कारण यह स्थिति बार-बार पैदा हो रही है।
संक्रमणमुक्त करने में इस्तेमाल होती है गैस
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, फॉर्मेलिन गैस ऑपरेशन थिएटर को संक्रमणमुक्त बनाने के लिए उपयोग की जाती है। हालांकि, यह बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में प्रभावी है लेकिन इसके संपर्क में आने से आंखों में जलन, पानी आना, नाक और गले में परेशानी तथा सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
एसएमओ ने दिए जांच के निर्देश
अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुदीप गोयल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ओटी में नियमित फ्यूमिगेशन किया गया था। उन्होंने कहा कि गैस इमरजेंसी तक कैसे पहुंची। इसकी तकनीकी जांच करवाई जाएगी। खामी दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में मरीजों व स्टाफ को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नागरिक अस्पताल में सोमवार दोपहर बाद उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इमरजेंसी वार्ड में अचानक तेज दुर्गंध फैल गई। हवा में फैली तीव्र गंध और आंखों में जलन के कारण मरीजों, उनके परिजनों व ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को इमरजेंसी वार्ड छोड़कर बाहर खुले स्थान पर जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित ऑपरेशन थिएटर में नियमित रूप से की जाने वाली फ्यूमिगेशन के दौरान इस्तेमाल की गई फॉर्मेलिन गैस किसी तकनीकी खामी के कारण रिसकर सीधे ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी वार्ड तक पहुंच गई।
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उस समय वार्ड में मरीजों का उपचार चल रहा था। गैस फैलते ही लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और आंखों में तेज जलन शुरू हो गई। हालात ऐसे बने कि मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर सहित बाहर ले जाना पड़ा।
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अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, यह समस्या नई नहीं है। जब-जब ऑपरेशन थिएटर में फ्यूमिगेशन किया जाता है उसकी गैस किसी न किसी रास्ते से इमरजेंसी वार्ड तक पहुंच जाती है।
इससे कई घंटों तक वार्ड में काम करना मुश्किल हो जाता है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि भवन की बनावट या वेंटिलेशन सिस्टम में तकनीकी खामी के कारण यह स्थिति बार-बार पैदा हो रही है।
संक्रमणमुक्त करने में इस्तेमाल होती है गैस
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, फॉर्मेलिन गैस ऑपरेशन थिएटर को संक्रमणमुक्त बनाने के लिए उपयोग की जाती है। हालांकि, यह बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में प्रभावी है लेकिन इसके संपर्क में आने से आंखों में जलन, पानी आना, नाक और गले में परेशानी तथा सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
एसएमओ ने दिए जांच के निर्देश
अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुदीप गोयल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ओटी में नियमित फ्यूमिगेशन किया गया था। उन्होंने कहा कि गैस इमरजेंसी तक कैसे पहुंची। इसकी तकनीकी जांच करवाई जाएगी। खामी दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में मरीजों व स्टाफ को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।