फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Ellenabad by-election: After a dispute in 1968, the Supreme Court canceled the result of the election

ऐलनाबाद उपचुनाव: 1968 में विवाद होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया ता चुनाव का परिणाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 11:45 PM IST
विज्ञापन
Ellenabad by-election: After a dispute in 1968, the Supreme Court canceled the result of the election
सिरसा। ऐलनाबाद उपचुनाव की घोषणा के बाद नेता अपने रंग में आ चुके हैं। इस बार तिकोना मुकाबला बना हुुुआ है। भाजपा-जजपा, इनेलो और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत के लिए पूरा जोर लगा दिया है। ऐसे में चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। लेकिन इससे इतर ऐलनाबाद का सियासी सफर रोचक और विवादित भी रहा है।
विज्ञापन

कृषि कानूनों को लेकर अभय सिंह चौटाला के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। इस बार मैदान में इनेेेलो से एक बार फिर अभय सिंह चौटाला, भाजपा-जजपा से साझे उम्मीदवार गोबिंद कांडा और कांग्रेस पार्टी से पवन बैनीवाल चुनाव मैदान में उतरे हैं। ऐलनाबाद विधानसभा का इस बार तीसरा उपचुनाव होगा। इससे पहले दो उपचुनाव 1970 और 2010 में हो चुके हैं। ऐलनाबाद का एक चुनाव विवादित रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। 1970 के उपचुनाव के पीछे रोचक कहानी है। ये चुनाव सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद हुआ था। 14 मई 1968 को हुए चुनाव में विशाल हरियाणा पार्टी के उम्मीदवार लालचंद खोड़ ने कांग्रेस के उम्मीदवार ओमप्रकाश चौटाला को हराया था। चौटाला ने खोड़ की जीत को लेकर पहले हाईकोर्ट की शरण ली और बाद में सुप्रीम कोर्ट भी गए। सुप्रीम कोर्ट ने चौटाला की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद खोड़ का चुनाव शून्य यानी रद्द कर दिया था। चौटाला ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। व्यक्तिगत चरित्र पर हमला बोलने, एक धार्मिक संप्रदाय की ओर से चौटाला को हराने की अपील करने और विजेता प्रत्याशी खोड़ पर पृथ्वीराज को 20 हजार रुपये नकद देकर चुनाव लड़वाने के आरोप लगाए। इतना ही नहीं चुनाव के दौरान एक विवादित इश्तिहार भी प्रकाशित हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और साक्ष्यों के आधार पर चुनाव रद्द कर दिया। इस कारण 1970 में दोबारा चुनाव करवाना पड़ा। दूसरी बार हुए चुनाव में ओमप्रकाश चौटाला कांग्रेस की बजाय एनसीजे के उम्मीदवार थे और लालचंद खोड चुनाव नहीं लड़ सके। इस चुनाव में चौटाला करीब 18 हजार 746 वोटों से विजेता रहे।
विज्ञापन

बड़े भाई से पहले विधायक बने प्रताप चौटाला
ओमप्रकाश चौटाला से छोटे प्रताप चौटाला पहले विधायक बने जबकि ओमप्रकाश चौटाला बाद में। ऐलनाबाद ऐसी सीट है जहां से चौधरी देवीलाल के दो बेटे विधानसभा पहुंचे। 1967 के चुनाव में 28 साल के प्रताप चौटाला विधायक चुने गए। जबकि उनके बड़े भाई ओमप्रकाश चौटाला 1970 के उपचुनाव में पहली बार विधायक बनने में कामयाब हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed