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सिरसा शहर में दौड़ेंगी बिजली संचालित सिटी बसें
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सिरसा। शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। प्रोजेक्ट सिरे चढ़ा तो जल्द ही बिजली संचालित सिटी बस सेवा शुरू होगी। इसके लिए मुख्यालय से प्रस्ताव मांगा गया है। अब नगर परिषद के आयुक्त की ओर से बसों की डिमांड संबंधी प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे शहर आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। अभी ऑटो चालक यात्रियों से 20 रुपये प्रति सवारी वसूल कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से हर रोज 25 से 30 हजार लोग बसों व अन्य माध्यमों से स्कूल, काम करने, खरीदारी और अन्य कार्य के लिए पहुंचते हैं। जिसके बाद यात्रियों को बस स्टैंड से ऑटो रिक्शा के माध्यम से ही बाजार में पहुंचना पड़ता था। लेकिन बिजली संचालित सीटी बसों के पहुंचने के बाद यात्रियों को ऑटो में अधिक किराया देने की बजाए कम किराए में ही सफर करवाया जाएगा। जिसके यात्रियों को आर्थिक लाभ मिलेगा और एक जगह से दूसरी जगह पर सफर करने में आसानी होगी। हालांकि इससे पहले भी सिटी बसों का संचालक शहर के अलग-अलग स्थानों पर किया जाता था लेकिन बसों के कंडम होने के बाद दोबारा से शहर को बस नहीं मिल पाई। संवाद
20 रुपये वसूलते है ऑटो चालक एक यात्री से किराया
महंगाई बढ़ने के बाद ई रिक्शा और ऑटो चालकों की ओर से किराया बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया। जिसके कारण यात्रियों को अब एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचने के लिए 20 रुपये अदा करने पड़ते हैं। जोकि दैनिक यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं अगर शहर वासियों को एक एक या दो बार ऑटो में सवार होना पड़ जाए तो उन्हें 60 रुपये तक अदा करने पड़ते हैं।
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पांच किलोमीटर के दायरे में बसा है सिरसा शहर
शहर का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर अब करीब पांच किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। अगर किसी यात्री को बस स्टैंड से सवार होकर शहर के दूसरे हिस्से में पहुंचना होता है तो उन्हें दो से तीन बार ऑटो भी बदलना पड़ता है। जिसके कारण आम व्यक्ति को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोडवेज की ओर से कई बसों को शहर के बाईपास की तरफ से निकाला जा रहा है। जिसके कारण यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग ने नगर आयुक्त को बिजली संचालित बसों की आवश्यकता संबंधित मांग की गई है। जिसके बाद अब नगर आयुक्त की ओर से मांग भेजी जाएगी।
-शेर सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक, डिपो सिरसा।
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ग्रामीण क्षेत्रों से हर रोज 25 से 30 हजार लोग बसों व अन्य माध्यमों से स्कूल, काम करने, खरीदारी और अन्य कार्य के लिए पहुंचते हैं। जिसके बाद यात्रियों को बस स्टैंड से ऑटो रिक्शा के माध्यम से ही बाजार में पहुंचना पड़ता था। लेकिन बिजली संचालित सीटी बसों के पहुंचने के बाद यात्रियों को ऑटो में अधिक किराया देने की बजाए कम किराए में ही सफर करवाया जाएगा। जिसके यात्रियों को आर्थिक लाभ मिलेगा और एक जगह से दूसरी जगह पर सफर करने में आसानी होगी। हालांकि इससे पहले भी सिटी बसों का संचालक शहर के अलग-अलग स्थानों पर किया जाता था लेकिन बसों के कंडम होने के बाद दोबारा से शहर को बस नहीं मिल पाई। संवाद
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20 रुपये वसूलते है ऑटो चालक एक यात्री से किराया
महंगाई बढ़ने के बाद ई रिक्शा और ऑटो चालकों की ओर से किराया बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया। जिसके कारण यात्रियों को अब एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचने के लिए 20 रुपये अदा करने पड़ते हैं। जोकि दैनिक यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं अगर शहर वासियों को एक एक या दो बार ऑटो में सवार होना पड़ जाए तो उन्हें 60 रुपये तक अदा करने पड़ते हैं।
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पांच किलोमीटर के दायरे में बसा है सिरसा शहर
शहर का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर अब करीब पांच किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। अगर किसी यात्री को बस स्टैंड से सवार होकर शहर के दूसरे हिस्से में पहुंचना होता है तो उन्हें दो से तीन बार ऑटो भी बदलना पड़ता है। जिसके कारण आम व्यक्ति को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोडवेज की ओर से कई बसों को शहर के बाईपास की तरफ से निकाला जा रहा है। जिसके कारण यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग ने नगर आयुक्त को बिजली संचालित बसों की आवश्यकता संबंधित मांग की गई है। जिसके बाद अब नगर आयुक्त की ओर से मांग भेजी जाएगी।
-शेर सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक, डिपो सिरसा।