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सीएम के पुतले की शवयात्रा निकाल फूंकी बिलों की होली
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sat, 21 Nov 2015 02:02 AM IST
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बिजली बिलों में फ्लैट यूनिट रेट व्यवस्था लागू होने एवं फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के बाद बिलों में हुई भारी बढ़ोतरी पर लोगों का गुस्सा लगातार जारी है।
इसके चलते शुक्रवार को गांव कालांवाली के सैकड़ों ग्रामीण हलका विधायक के पुत्र गुरसेवक सिंह के नेतृत्व में रविदास धर्मशाला के पास एकत्रित हुए।
बाद में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकालकर पंजाब बस अड्डा रोड, पुराना थाना रोड और डबवाली रोड से होते हुए बिजली निगम कालांवाली में पहुंचे। बिजली निगम कार्यालय के गेट पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और सैकड़ों बिजली बिल जलाए।
ग्रामीण गुरसेवक सिंह, काला सिंह, अमरजीत सिंह, जगदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, अमनदीप सिंह, पिंदा सिंह, मनजीत कौर, हरभजन कौर, सरबजीत कौर, रानी कौर, लक्ष्मी रानी ने बताया कि सरकार ने बिजली यूनिट के दामों में वृद्धि करते हुए लोगों को बड़ा झटका दिया है, जिससे हर वर्ग की कमर टूट गई है।
उन्होंने बताया कि इस बार कमजोर हुई आर्थिक मंदी और फसलों से उनकी वैसे ही उनकी आर्थिक हालत खराब है और ऊपर से ये दिल दहला देने वाले बिलों ने उनको दोहरी चोट मारने का काम किया है।
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हममें से अधिकांश ऐसे गरीब मजदूर हैं, जिनका चूल्हा भी दिनभर दिहाड़ी करने के बाद जलता है और रोशनी के नाम पर उनके घरों में मात्र एक-दो बल्ब हैं, जबकि विभाग ने बिल अत्यधिक भेज दिए।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसी व्यक्ति को एक पंखा और लाइट का बिल भी दो हजार से लेकर सात हजार तक भेजा जा रहा है और कई ग्रामीणों का बिल करीब दस हजार रुपये से अधिक भेजा गया है।
ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते समय एकजुटता दिखाते हुए कहा वे सभी तब तक बिल नहीं भरेंगे, जब तक उनके भारी भरकम बिल दुरुस्त नहीं कर दिए जाते।
इसके साथ ही उन्होंने बिजली कर्मचारियों को बिजली कनेक्शन काटने के लिए गांव में न आने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विभाग ने उनके साथ कनेक्शन काटने के नाम पर धक्काशाही की तो वे इसका डटकर विरोध करेंगे। इसके बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया। वहीं उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बढ़े हुए बिजली बिल वापस नहीं लिए गए तो वे मंडी बंद कर प्रदर्शन करेंगे।
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इसके चलते शुक्रवार को गांव कालांवाली के सैकड़ों ग्रामीण हलका विधायक के पुत्र गुरसेवक सिंह के नेतृत्व में रविदास धर्मशाला के पास एकत्रित हुए।
बाद में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के पुतले की शव यात्रा निकालकर पंजाब बस अड्डा रोड, पुराना थाना रोड और डबवाली रोड से होते हुए बिजली निगम कालांवाली में पहुंचे। बिजली निगम कार्यालय के गेट पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और सैकड़ों बिजली बिल जलाए।
ग्रामीण गुरसेवक सिंह, काला सिंह, अमरजीत सिंह, जगदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, अमनदीप सिंह, पिंदा सिंह, मनजीत कौर, हरभजन कौर, सरबजीत कौर, रानी कौर, लक्ष्मी रानी ने बताया कि सरकार ने बिजली यूनिट के दामों में वृद्धि करते हुए लोगों को बड़ा झटका दिया है, जिससे हर वर्ग की कमर टूट गई है।
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उन्होंने बताया कि इस बार कमजोर हुई आर्थिक मंदी और फसलों से उनकी वैसे ही उनकी आर्थिक हालत खराब है और ऊपर से ये दिल दहला देने वाले बिलों ने उनको दोहरी चोट मारने का काम किया है।
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हममें से अधिकांश ऐसे गरीब मजदूर हैं, जिनका चूल्हा भी दिनभर दिहाड़ी करने के बाद जलता है और रोशनी के नाम पर उनके घरों में मात्र एक-दो बल्ब हैं, जबकि विभाग ने बिल अत्यधिक भेज दिए।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसी व्यक्ति को एक पंखा और लाइट का बिल भी दो हजार से लेकर सात हजार तक भेजा जा रहा है और कई ग्रामीणों का बिल करीब दस हजार रुपये से अधिक भेजा गया है।
ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते समय एकजुटता दिखाते हुए कहा वे सभी तब तक बिल नहीं भरेंगे, जब तक उनके भारी भरकम बिल दुरुस्त नहीं कर दिए जाते।
इसके साथ ही उन्होंने बिजली कर्मचारियों को बिजली कनेक्शन काटने के लिए गांव में न आने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विभाग ने उनके साथ कनेक्शन काटने के नाम पर धक्काशाही की तो वे इसका डटकर विरोध करेंगे। इसके बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया। वहीं उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बढ़े हुए बिजली बिल वापस नहीं लिए गए तो वे मंडी बंद कर प्रदर्शन करेंगे।