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खारे पानी में झींगा पालन कर कमाए 15 लाख रुपये

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 11:03 PM IST
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Earn 15 lakh rupees by rearing shrimp in salt water
झींगा पालन के लिए बनाया गया तलाब - फोटो : Sirsa
सिरसा। जिन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए ग्रामीण प्रयास कर रहे है। वहीं सरकार कल्याणकारी योजनाएं बना उसी समस्या से रोजगार के अवसर निकालकर उन्हें दे रही है। खारे पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों को खेती के लिए नहरी पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है। वहीं ऐलनाबाद के गांव कर्मशाना एक परिवार इसी खारे पानी में झींगा मछली का पालन कर रहा है। झींगा मछली के पालन से उन्हें रोजगार के साथ अच्छा मुनाफा भी मिल रहा है।
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ऐलनाबाद के गांव कर्मशाना निवासी महिला सुमित्रा ने बताया कि क्षेत्र में जमीन का पानी खारा है। ऐसे में खेती और अन्य कार्य नहरी पानी पर निर्भर है। ऐसे में उन्होंने उसी खारे पानी से रोजगार करने की ठानी। खाली जमीन में पानी की डिग्गी बनाकर महिला ने सफेद झींगा पालन का कार्य शुरू किया। उनका यह प्रयोग सफल रहा। महिला किसान ने झींगा मछली का पालन कर मात्र 113 दिनों में करीब 31 लाख रुपये कमाएं हैं। जिसमें से लागत निकालकर उन्हें करीब 15 लाख रुपये की बचत हुई।
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महिला किसान सुमित्रा ने बताया कि वे ढाई एकड़ जमीन में झींगा मछली के पालन का कार्य कर रहीं है। इस कार्य के लिए उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत 8 लाख रुपये की सब्सिडी मिली और करीब 8 लाख रुपये उन्होंने स्वयं इसमें लगाए। इसके बाद उन्होंने 2 एकड़ भूमि में पानी की डिग्गी बनाई और एक ट्यूबवेल लगाया। पानी में ऑक्सीजन बनाने के लिए एरियेटर लगाया गया।
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खारे पानी को ही बनाया रोजगार का साधन
कर्मशाना गांव के लोग के मुख्य रूप से खेती पर ही निर्भर हैं। गांव के पास 2400 एकड़ कृषि भूमि है जिसमें लोग नरमा, कपास, सरसों व ग्वार की फसल की खेती करते है। खेती के लिए लोगों को बारिश या नहरी पानी पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है। भूमिगत जल खारा है। जो कि खेतों में लगते ही फसलों को नुकसान होने लगता है। इसी भूमिगत खारे पानी से उन्होंने झींगा मछली पालन शुरू किया। झींगा पालन के लिए यह पानी सबसे अच्छा रहता है।
ढाई एकड़ भूमि है लेकिन पानी खारा होने के चलते खेती का कोई विकल्प नहीं था। एक दिन अखबार में खारे पानी में झींगा पालन के बारे में पढ़कर उसे यूट्यूब पर देखा। साथ ही झींगा पालन पर सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में भी पढ़ा। जिसके बाद खारे पानी में झींगा पालन करने की सोची। 1 अप्रैल 2021 को उन्होंने मत्स्य पालन विभाग सिरसा में आवेदन किया। आवेदन पास होने के बाद 18 अप्रैल को उन्होंने झींगा के लारवा खेतों में बनी डिग्गी में डाल दिया। इसके बाद उनके विकसित होने पर पानी से निकालकर आंध्रप्रदेश की कंपनी को बेच दिया। इस कार्य में उन्हें पति का भरपूर सहयोग मिला।

सुमित्रा, महिला किसान फोटो- 18
करीब 16 लाख रुपये की लागत से झींगा पालन का काम शुरू किया। मात्र 113 दिन में 31 लाख रुपये की कमाई की जिसमें से लागत निकालकर करीब 15 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। झींगा पालन में मत्स्य विभाग के अधिकारी डॉ. जगदीश चंद्र का पूरा सहयोग रहा। मछली पालन में भले ही कमाई दोगुना है लेकिन मेहनत इससे भी ज्यादा है। 24 घंटे झींगा के लारवे का ध्यान रखा पड़ता है।
- राजेंद्र सिंह, किसान फोटो- 19
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