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Sirsa News: रोडवेज को परिचालक न मिलने से बंद पड़ी बसों से जिले के 15 हजार विद्यार्थी परेशान, जान खतरे में डाल कर रहे सफर
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रानियां से सिरसा रूट पर बस में लटक कर सफर करते हुए यात्री।
सिरसा। एक सप्ताह पहले मुख्यालय से 100 परिचालकों की मांग किए जाने के बाद भी रोडवेज को अभी तक परिचालक नहीं मिल पाए हैं। जिसके कारण रोडवेज बसों में सफर करने वाले 15 हजार विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ी रही है। रानियां के बालासर रूट सहित अन्य रूटों पर विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। परिचालक न होने के कारण रोडवेज की एक सप्ताह से पांच गुलाबी सहित अन्य 20 रूटों की बसें बंद हैं। जिसके कारण यात्रियों व विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
रोडवेज में चालक, परिचालक सहित अन्य कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए रोडवेज यूनियन की ओर से लंबे समय से मांग उठाई जा रही है। लेकिन सरकार की ओर से चालक व परिचालकों की भर्ती नहीं की गई है। फरवरी व मार्च में रोडवेज के कई चालक व परिचालक रिटायर्ड हो गए। जिसके चलते अब रोडवेज में 95 परिचालकों की आवश्यकता है। लेकिन नई भर्ती न होने के कारण रोडवेज में कर्मचारियों की काफी कमी हो गई है। सिरसा रोडवेज महाप्रबंधक की ओर से एक सप्ताह पहले मुख्यालय को पत्र लिखकर 100 परिचालकों की मांग की गई थी। लेकिन अभी तक मुख्यालय की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। जिसके कारण सिरसा डिपो की 20 बसों के पहिए अब थम गए हैं। जबकि 24 रूटों की बसों के फेरे भी मिस हो रहे हैं। बसों का कम संचालन होने के कारण छात्र व छात्राओं को बसों की खिड़की पर लटक कर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्राइवेट बस चालकों की मनमानी, नहीं हो रहा सभी बसों का संचालन
जिले में सहकारी समिति की 90 बसों का संचालन होता है। लेकिन निजी बस चालकों की ओर से मनमानी किए जाने के कारण वह कम बसों का ही संचालन कर रहे हैं। अधिक सवारियों को बस में सवार करने को लेकर सहकारी समिति बस चालक बसों के एक फेरे को मिस कर देते हैं। जिसके कारण यात्रियों के साथ विद्यार्थियों को भी परेशान होना पड़ता है। आरटीओ विभाग की तरफ से भी सहकारी समिति बस मालिकों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाती ।
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रोडवेज को मिली 19 नई मिनी बसें, लेकिन नहीं मिले कर्मचारी
परिवहन विभाग की ओर से सिरसा डिपो को 19 नई मिनी बसें दी गई हैं। हालांकि इन बसों के संचालन को लेकर अभी तक मुख्यालय की ओर से कोई भी पत्र नहीं आया है। जिसके कारण इन सभी बसों को भी अब वर्कशाप में खड़ा किया गया है। हालांकि इसके लिए विभाग को नए चालक व परिचालकों की आवश्यकता है। जबकि रोडवेज के पास पहले ही चालक व परिचालकों की कमी के कारण बसों को वर्कशाप में खड़ा किया जा रहा है।
बिना परिचालकों के एक दिन चलाई गुलाबी बसें, फिर की बंद
परिचालकों की कमी होने के कारण रोडवेज की ओर से बिना परिचालक के ही पांच गुलाबी बसों का एक दिन संचालन किया गया है। जिसके बाद फिर से सभी बसों को रोक दिया गया है। हालांकि इससे पहले भी विभाग की ओर से छात्राओं को सुविधा देने के लिए गुलाबी बसों का संचालन बिना परिचालक के किया गया था। लेकिन विभाग की शिकायत होने के बाद बसों को बंद कर दिया गया। जिसमें कई यात्री बिना पास और टिकट के यात्रा करने की शिकायत मुख्यालय में पहुंच गई थी।
बसों का संचालन करने के लिए 92 परिचालकों की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यालय को पत्र लिखकर 100 परिचालकों की मांग भेजी गई है। अभी तक परिचालक नहीं मिल पाए। बिना परिचालक के बसों का संचालन नहीं किया जा सकता। परिचालकों के आने के बाद ही सभी बसों का संचालन हो पाएगा।
दिनेश कुमार, ड्यूटी इंचार्ज, सिरसा डिपो ।
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रोडवेज में चालक, परिचालक सहित अन्य कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए रोडवेज यूनियन की ओर से लंबे समय से मांग उठाई जा रही है। लेकिन सरकार की ओर से चालक व परिचालकों की भर्ती नहीं की गई है। फरवरी व मार्च में रोडवेज के कई चालक व परिचालक रिटायर्ड हो गए। जिसके चलते अब रोडवेज में 95 परिचालकों की आवश्यकता है। लेकिन नई भर्ती न होने के कारण रोडवेज में कर्मचारियों की काफी कमी हो गई है। सिरसा रोडवेज महाप्रबंधक की ओर से एक सप्ताह पहले मुख्यालय को पत्र लिखकर 100 परिचालकों की मांग की गई थी। लेकिन अभी तक मुख्यालय की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। जिसके कारण सिरसा डिपो की 20 बसों के पहिए अब थम गए हैं। जबकि 24 रूटों की बसों के फेरे भी मिस हो रहे हैं। बसों का कम संचालन होने के कारण छात्र व छात्राओं को बसों की खिड़की पर लटक कर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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प्राइवेट बस चालकों की मनमानी, नहीं हो रहा सभी बसों का संचालन
जिले में सहकारी समिति की 90 बसों का संचालन होता है। लेकिन निजी बस चालकों की ओर से मनमानी किए जाने के कारण वह कम बसों का ही संचालन कर रहे हैं। अधिक सवारियों को बस में सवार करने को लेकर सहकारी समिति बस चालक बसों के एक फेरे को मिस कर देते हैं। जिसके कारण यात्रियों के साथ विद्यार्थियों को भी परेशान होना पड़ता है। आरटीओ विभाग की तरफ से भी सहकारी समिति बस मालिकों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाती ।
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रोडवेज को मिली 19 नई मिनी बसें, लेकिन नहीं मिले कर्मचारी
परिवहन विभाग की ओर से सिरसा डिपो को 19 नई मिनी बसें दी गई हैं। हालांकि इन बसों के संचालन को लेकर अभी तक मुख्यालय की ओर से कोई भी पत्र नहीं आया है। जिसके कारण इन सभी बसों को भी अब वर्कशाप में खड़ा किया गया है। हालांकि इसके लिए विभाग को नए चालक व परिचालकों की आवश्यकता है। जबकि रोडवेज के पास पहले ही चालक व परिचालकों की कमी के कारण बसों को वर्कशाप में खड़ा किया जा रहा है।
बिना परिचालकों के एक दिन चलाई गुलाबी बसें, फिर की बंद
परिचालकों की कमी होने के कारण रोडवेज की ओर से बिना परिचालक के ही पांच गुलाबी बसों का एक दिन संचालन किया गया है। जिसके बाद फिर से सभी बसों को रोक दिया गया है। हालांकि इससे पहले भी विभाग की ओर से छात्राओं को सुविधा देने के लिए गुलाबी बसों का संचालन बिना परिचालक के किया गया था। लेकिन विभाग की शिकायत होने के बाद बसों को बंद कर दिया गया। जिसमें कई यात्री बिना पास और टिकट के यात्रा करने की शिकायत मुख्यालय में पहुंच गई थी।
बसों का संचालन करने के लिए 92 परिचालकों की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यालय को पत्र लिखकर 100 परिचालकों की मांग भेजी गई है। अभी तक परिचालक नहीं मिल पाए। बिना परिचालक के बसों का संचालन नहीं किया जा सकता। परिचालकों के आने के बाद ही सभी बसों का संचालन हो पाएगा।
दिनेश कुमार, ड्यूटी इंचार्ज, सिरसा डिपो ।