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200 रुपये के लिए तीन दिन की मासूम को घंटों अस्पताल की चौखट पर रुलाया
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:58 AM IST
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प्रसूता महिला
- फोटो : Bureau
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घर जाने के लिए जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस चाहिए थी। एंबुलेंस चालक ने दो सौ रुपये की मांग की। जेब में फूटी कौड़ी न होने के कारण सिविल अस्पताल की चौखट नसीब हुई। तीन दिन की नवजात बेटी अपनी मां की गोद में रोती-बिलखती रही। दोहती को बिलखता देख वृद्ध नानी की आंखों में आंसू आ गए। तीन घंटे तक जच्चा-बच्चा एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा। जब बेटी के रोने की गूंज एसएमओ के कानों तक पहुंची तो एंबुलेंस नसीब हुई। यह शर्मनाक घटनाक्रम मंगलवार को डबवाली में हुआ।
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गर्भवती महिला को अस्पताल में लाने तथा डिलीवरी के बाद जच्चा तथा बच्चा को सुरक्षित वापस घर पहुंचाने के लिए सरकार ने जननी-शिशु सुरक्षा योजना के तहत एंबुलेंस सेवा शुरू की हुई है। मंगलवार को एक एंबुलेंस चालक ने शर्मनाक हरकत की। जिसने स्वास्थ्य विभाग को चालक के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेने के लिए मजबूर कर दिया।
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दरअसल, डबवाली के गांव पाना निवासी मलकीत कौर ने अपनी बेटी बेअंत कौर को रविवार को डबवाली के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया था। उसने बेटी को जन्म दिया। तीन दिन बाद मंगलवार को चिकित्सक ने उन्हें छुट्टी दे दी। सुबह 10 बजे छुट्टी मिलने के बाद मलकीत कौर ने डिस्चार्ज स्लिप मौके पर मौजूद एंबुलेंस चालक को पकड़ा दी।
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चालक टालमटोल करने लगा। डिस्चार्ज होने के बाद जच्चा-बच्चा अस्पताल की चौखट पर बैठ गया। तीन दिन की नवजात बेटी ने रो-रोकर अस्पताल सिर पर उठा दिया। लेकिन एंबुलेंस चालक जाने को तैयार नहीं हुआ। उसने गांव पाना जाने के बदले 200 रुपये की मांग की। नवजात बेटी ने मां तथा नानी को भी रूला दिया। गर्मी सह रही मासूम कली पर भी चालक ने तरस नहीं खाया। तीन घंटे बाद पुकार एसएमओ एमके भादू तक पहुंची।
यही है, जिसने मेरे से 200 रुपये मांगे
आंखों में आंसू लिए मलकीत कौन ने एसमएओ को बताया कि उसके पति के दोनों हाथ कटे हुए हैं। वह घर पर भूखा प्यासा तड़प रहा है। अस्पताल की चौखट पर उसकी दोहती तथा बेटी तड़प रही है। वे घर जाना चाहते हैं, पिछले तीन घंटों से एंबुलेंस चालक के चक्कर काट रहे हैं। वह जाने को तैयार नहीं। दो सौ रुपये मांगता है। मेरे पास देने को कुछ नहीं, आप ही बताएं मैं क्या करूं? इससे बढिय़ा अस्पताल में न ही आते और बच्चा गांव में करवा लेते, ठीक रहता। पुकार सुनते ही एसएमओ ने चालकों को मौके पर बुलाया। महिला ने एक चालक की ओर हाथ करते हुए बताया कि इसने पैसे मांगे हैं। चालक को ऊपर से लेकर नीचे तक पसीना आ गया। वह तुरंत जच्चा-बच्चा को छोड़ने के लिए चला गया।
एंबुलेंस चालक को इसका दंड मिलेगा। विभागीय कार्रवाई के लिए उसके खिलाफ विभाग को लिखा जाएगा।
-एमके भादू, एसएमओ, डबवाली