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Sirsa News: 18 शिकायतें, एक समाधान... आवारा कुत्तों पर टेंडर बता कर निपटा शिविर
Tue, 09 Dec 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:46 PM IST
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सिरसा। भीमसैनी शिकायत पत्र दिखाते हुए। संवाद
सिरसा। नगर परिषद की एक साल पुरानी लंबित 18 शिकायतों के निपटारे के लिए मंगलवार को कार्यालय में लगे शिविर में प्रशासन की लापरवाही साफ झलकी। दरअसल, 12 महीनों से आवारा कुत्तों से परेशान हरि विष्णु कॉलोनी के निवासी को केवल यह बताने में ही एक साल लग गया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है।
लंबे इंतजार के बाद मिली यह सूचना शिविर की एकमात्र शिकायत-निवारण बनकर सामने आई। जबकि बाकी आवेदक महीनों की दौड़–धूप और बार-बार की गुहार के बावजूद समाधान से अब भी दूर हैं। उपायुक्त कार्यालय में सोमवार और वीरवार को लगने वाले समाधान शिविर का परिणाम है कि एक साल या उससे ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी आमजन की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। एक साल से किसी को प्रॉपर्टी आईडी नहीं मिली है तो किसी को लाल डोरे की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है।
इतना ही नहीं दो लोग ऐसे हैं जिनकी शहर की समस्याओं की की गई शिकायतों का रिकॉर्ड तक अधिकारियों को उपायुक्त कार्यालय से नहीं मिला है। सभी शिकायतों पर गौर करें तो प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी से जुड़ी शिकायतें ज्यादा हैं। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के इंचार्ज स्वयं कार्यकारी अधिकारी हैं, जिन्होंने मंगलवार को इनकी सुनवाई की। वहीं, सुनवाई के लिए एक दिन पहले जानकारी देने के कारण मात्र चार शिकायतकर्ता पहुंचे।
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हरि विष्णु कॉलोनी के सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि हरि विष्णु कॉलोनी में आवारा कुत्तों की समस्या है। अगस्त 2024 में समाधान शिविर में शिकायत लगाई थी। एक साल बाद अब बताया है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है। जल्द ही कुत्तों को पकड़ने व बधियाकरण का काम किया जाएगा। हिंसक कुत्तों को डॉग स्टे शेल्टर में रखा जाएगा। अधिकारियों आश्वासन पर मैंने भी संतुष्टि जाहिर की है।
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कुछ इस प्रकार है शिकायतों की स्थिति
शहर के मुख्य चौक चौराहों पर पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी ने कैमरे लगाए थे। बेगू रोड से काठमंडी रोड पर कैमरों के हालत खराब है। उस पर कोई सुनवाई नहीं है। इसके अलावा सड़कों व अन्य समस्याओं की शिकायत की हुई है। सुनवाई में आया था तो अधिकारियों से पूछा कि कौन सी समस्या के समाधान के लिए बुलाया है। अधिकारियों को पता ही नहीं है कि वे मेरी कौन सी शिकायत की सुनवाई कर रहे हैं। एक साल से बस चक्कर ही कटवा रहे हैं। समाधान शिविर का मजाक बना दिया गया है।
- भीमसेन, समाजसेवी।
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अवैध रूप से पूर्व पार्षदों के बोर्ड उतारने से लेकर सड़कों की समस्या को लेकर शिकायत दी हुई हैं। आज सुनवाई के लिए बुला लिया। अधिकारियों के पास रिकॉर्ड ही नहीं है कि कौन सी शिकायत की सुनवाई करनी हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनके पास डीसी कार्यालय से शिकायतों का रिकॉर्ड ही नहीं आया है। ऐसे में कैसे सुनवाई करेंगे। चाय पिलाकर वापस भेज दिया है।
- अमित सोनी, शिकायतकर्ता
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कंगनपुर रोड एरिया के तीन प्लाटों की आईडी के लिए वर्ष 24 अगस्त 2024 को समस्या समाधान शिविर में शिकायत लगाई थी। तीन लोगों के नाम से प्लाट है और उनकी पूरी डिटेल उपलब्ध करवा दी। इसके बाद भी आज तक कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया। प्रॉपर्टी आईडी के लिए पहले 15 दिन लगातार चक्कर कटवाए, उसके बाद भी आईडी नहीं दी। बाद में एक प्रॉपर्टी बाहर के किसी व्यक्ति को दी तो उसने निकलवाकर दी। जबकि अब तक दो आईडी की कोई जानकारी तक नहीं हैं। मुख्यमंत्री के समस्या समाधान शिविर के नाम पर खानापूर्ति अधिकारी कर रहे हैं। सोमवार शाम को फोन आता है कि आपकी कल सुनवाई है। जरूरी काम था तो नहीं जा पाया।
- कमलजीत बेनीवाल, शिकातयकर्ता
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रामनगरिया एरिया में मकान है, जो नगर परिषद की सीमा में आता है। नगर परिषद प्रॉपर्टी टैक्स लेता है। जब वे पिछले साल अगस्त माह में नगर परिषद गया और पूछा कि लाल डोरे में मकान आता है, उसका प्रमाणपत्र दे दें। कर्मचारियों ने कहा कि आपका एरिया अनअप्रूव्ड एरिया में है। लाल डोरे में है या नहीं हम सत्यापित नहीं कर सकते हैं। समाधान शिविर में एक साल से शिकायत की हुई है, कोई समाधान नहीं हुआ है। सुनवाई से एक दिन पहले शाम को फोन करते हैं, ऐसे में पहुंचना भी संभव नहीं होता है। सरकार के इस तरीके से मन उठ गया है।
- यतिन सैनी, शिकायतकर्ता
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वर्जन :
मंगलवार को समाधान शिविर की 18 शिकायतों पर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान चार लोग आए थे, एक व्यक्ति की समस्या का समाधान हुआ है। हमारा प्रयास है कि लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े मामलों का भी समाधान जल्द कर दिया जाएगा। - सुनील रंगा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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लंबे इंतजार के बाद मिली यह सूचना शिविर की एकमात्र शिकायत-निवारण बनकर सामने आई। जबकि बाकी आवेदक महीनों की दौड़–धूप और बार-बार की गुहार के बावजूद समाधान से अब भी दूर हैं। उपायुक्त कार्यालय में सोमवार और वीरवार को लगने वाले समाधान शिविर का परिणाम है कि एक साल या उससे ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी आमजन की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। एक साल से किसी को प्रॉपर्टी आईडी नहीं मिली है तो किसी को लाल डोरे की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है।
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इतना ही नहीं दो लोग ऐसे हैं जिनकी शहर की समस्याओं की की गई शिकायतों का रिकॉर्ड तक अधिकारियों को उपायुक्त कार्यालय से नहीं मिला है। सभी शिकायतों पर गौर करें तो प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी से जुड़ी शिकायतें ज्यादा हैं। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के इंचार्ज स्वयं कार्यकारी अधिकारी हैं, जिन्होंने मंगलवार को इनकी सुनवाई की। वहीं, सुनवाई के लिए एक दिन पहले जानकारी देने के कारण मात्र चार शिकायतकर्ता पहुंचे।
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हरि विष्णु कॉलोनी के सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि हरि विष्णु कॉलोनी में आवारा कुत्तों की समस्या है। अगस्त 2024 में समाधान शिविर में शिकायत लगाई थी। एक साल बाद अब बताया है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है। जल्द ही कुत्तों को पकड़ने व बधियाकरण का काम किया जाएगा। हिंसक कुत्तों को डॉग स्टे शेल्टर में रखा जाएगा। अधिकारियों आश्वासन पर मैंने भी संतुष्टि जाहिर की है।
कुछ इस प्रकार है शिकायतों की स्थिति
शहर के मुख्य चौक चौराहों पर पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी ने कैमरे लगाए थे। बेगू रोड से काठमंडी रोड पर कैमरों के हालत खराब है। उस पर कोई सुनवाई नहीं है। इसके अलावा सड़कों व अन्य समस्याओं की शिकायत की हुई है। सुनवाई में आया था तो अधिकारियों से पूछा कि कौन सी समस्या के समाधान के लिए बुलाया है। अधिकारियों को पता ही नहीं है कि वे मेरी कौन सी शिकायत की सुनवाई कर रहे हैं। एक साल से बस चक्कर ही कटवा रहे हैं। समाधान शिविर का मजाक बना दिया गया है।
- भीमसेन, समाजसेवी।
अवैध रूप से पूर्व पार्षदों के बोर्ड उतारने से लेकर सड़कों की समस्या को लेकर शिकायत दी हुई हैं। आज सुनवाई के लिए बुला लिया। अधिकारियों के पास रिकॉर्ड ही नहीं है कि कौन सी शिकायत की सुनवाई करनी हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनके पास डीसी कार्यालय से शिकायतों का रिकॉर्ड ही नहीं आया है। ऐसे में कैसे सुनवाई करेंगे। चाय पिलाकर वापस भेज दिया है।
- अमित सोनी, शिकायतकर्ता
कंगनपुर रोड एरिया के तीन प्लाटों की आईडी के लिए वर्ष 24 अगस्त 2024 को समस्या समाधान शिविर में शिकायत लगाई थी। तीन लोगों के नाम से प्लाट है और उनकी पूरी डिटेल उपलब्ध करवा दी। इसके बाद भी आज तक कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया। प्रॉपर्टी आईडी के लिए पहले 15 दिन लगातार चक्कर कटवाए, उसके बाद भी आईडी नहीं दी। बाद में एक प्रॉपर्टी बाहर के किसी व्यक्ति को दी तो उसने निकलवाकर दी। जबकि अब तक दो आईडी की कोई जानकारी तक नहीं हैं। मुख्यमंत्री के समस्या समाधान शिविर के नाम पर खानापूर्ति अधिकारी कर रहे हैं। सोमवार शाम को फोन आता है कि आपकी कल सुनवाई है। जरूरी काम था तो नहीं जा पाया।
- कमलजीत बेनीवाल, शिकातयकर्ता
रामनगरिया एरिया में मकान है, जो नगर परिषद की सीमा में आता है। नगर परिषद प्रॉपर्टी टैक्स लेता है। जब वे पिछले साल अगस्त माह में नगर परिषद गया और पूछा कि लाल डोरे में मकान आता है, उसका प्रमाणपत्र दे दें। कर्मचारियों ने कहा कि आपका एरिया अनअप्रूव्ड एरिया में है। लाल डोरे में है या नहीं हम सत्यापित नहीं कर सकते हैं। समाधान शिविर में एक साल से शिकायत की हुई है, कोई समाधान नहीं हुआ है। सुनवाई से एक दिन पहले शाम को फोन करते हैं, ऐसे में पहुंचना भी संभव नहीं होता है। सरकार के इस तरीके से मन उठ गया है।
- यतिन सैनी, शिकायतकर्ता
वर्जन :
मंगलवार को समाधान शिविर की 18 शिकायतों पर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान चार लोग आए थे, एक व्यक्ति की समस्या का समाधान हुआ है। हमारा प्रयास है कि लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े मामलों का भी समाधान जल्द कर दिया जाएगा। - सुनील रंगा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद