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Sirsa News: चिकित्सक हड़ताल पर, वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी, बिना इलाज लौटे मरीज
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नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए इंतजार करते हुए मरीज।
सिरसा। अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए चिकित्सक वीरवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले गए हैं। इसके साथ ही नर्सिंग स्टाफ ने भी दो घंटे तक काम बंद रखा। ऐसे में इलाज लेने आए मरीजों को दर्द भी बढ़ गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की गई, जोकि नाकाफी रही। ऐसे में 40 फीसदी मरीजों को बिना इलाज करवाए ही लौटना पड़ा।
वीरवार को जिले 104 चिकित्सक हड़ताल पर रहे और 10 चिकित्सक ने अपनी ड्यूटी देते हुए लोगों का इलाज किया। स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यवस्था बनाते हुए 14 सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) को तैनात किया गया। नगारिक अस्पताल में वीरवार को 1000 मरीजों की ओपीडी हुई। इसमें से 40 फीसदी मरीज हड़ताल को पता चलते ही बिना इलाज करवाए ही लौट गए। अन्य मरीजों को भी इलाज के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। नागरिक अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं जैसे, ट्रामा सेंटर, मोर्चरी और डिलिवरी सहित जच्चा-बच्चा वार्ड में सेवाएं जारी रहीं। वहीं, मरीजों ने अपनी दास्तां में बताया कि हड़ताल की जानकारी होती तो वे कल आ जाते।
सिजेरियन डिलीवरी के लिए दो चिकित्सकों से किया अनुबंध
नागरिक अस्पताल में सुबह 8 बजे से मरीज पर्ची कटवाने के लिए लाइनों में लगे। नर्सिंग स्टाफ न होने के कारण इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। हड़ताल पर चिकित्सकों की जगह पर अतिरिक्त सीएचओ की तैनाती कर मरीजों का इलाज किया गया। सिजेरियन डिलीवरी के लिए बाहर से दो चिकित्सकों से अनुबंध किया गया। इनको ऑन कॉल तैनात किया गया है।
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गर्भवती महिलाओं को बाहर से करवाने पड़े अल्ट्रासाउंड
सुबह 7 बजे से ही मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए लाइनों में लगकर टोकन लेते रहे। चिकित्सक न होने के कारण इनको लौटना पड़ा। गर्भवती महिलाओं को भी बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाने पड़े। हड़ताल के दौरान फिजिशियन, नेत्र जांच, दांत, हड्डी रोग विशेषज्ञ के साथ कोई भी चिकित्सक अपनी सीट पर नहीं रहे।
पहले घंटों किया इंतजार, फिर लौटना पड़ा
बेटी शबनम का इलाज करवाने पहुंची गांव बालासर से ममता रानी ने बताया कि इलाज के लिए चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड के लिए बोला गया था। वीरवार को सुबह 8 बजे से ही लाइन में लगे, टोकन मिलने के बाद भी अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ है। पता चला है कि अब चिकित्सक भी नहीं आएगा। घंटों इंतजार के बाद भी घर वापस जा रहे हैं।
चिकित्सक के इंतजार में बैठे हैं
गांव झंडा कला से आए सुखदेव सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी के कानों में समस्या है। इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में आए हैं। दो घंटे से बैठे है, लेकिन अभी तक चिकित्सक नहीं आया है।
... इलाज के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ेगा
गांव बेगू से आई महिला बिमला रानी ने बताया कि बेटी में कमजोरी के कारण खून की जांच करवाने के लिए आई हूं। सुबह 9 बजे से अस्पताल में आए। सैंपल तो ले लिया गया, लेकिन चिकित्सक के हड़ताल पर होने के कारण बेटी की जांच नहीं की जा सकी। उसे मजबूरन रिपोर्ट लेकर निजी अस्पताल में बेटी के इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
सरकार ने बॉन्ड राशि को एक करोड़ से 50 लाख किया : भट्टी
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. गौरव भट्टी ने कहा कि स्टेट कमेटी के आह्वान पर मांगों को लेकर चिकित्सकों ने हड़ताल की है। जिले में 104 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। सरकार के साथ पदाधिकारियों की बैठक हुई है। उन्हें सूचना मिली है कि सरकार की ओर से चिकित्सकों की एक मांग, जिसमें बॉन्ड राशि को एक करोड़ से 50 लाख कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर बाकी मांगे नहीं मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- नागरिक अस्पताल में 104 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। 10 चिकित्सक डयूटी पर तैनात रहे। इसके साथ ही 14 सीएचओ को तैनात किया गया। इसमें से 6 को लेबर वार्ड में, 5 को ओपीडी में और तीन चिकित्सकों को परामर्श के लिए तैनात किया गया है। - डॉ. प्रमोद शर्मा, कार्यवाहक सिविल सर्जन, सिरसा।
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वीरवार को जिले 104 चिकित्सक हड़ताल पर रहे और 10 चिकित्सक ने अपनी ड्यूटी देते हुए लोगों का इलाज किया। स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यवस्था बनाते हुए 14 सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) को तैनात किया गया। नगारिक अस्पताल में वीरवार को 1000 मरीजों की ओपीडी हुई। इसमें से 40 फीसदी मरीज हड़ताल को पता चलते ही बिना इलाज करवाए ही लौट गए। अन्य मरीजों को भी इलाज के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। नागरिक अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं जैसे, ट्रामा सेंटर, मोर्चरी और डिलिवरी सहित जच्चा-बच्चा वार्ड में सेवाएं जारी रहीं। वहीं, मरीजों ने अपनी दास्तां में बताया कि हड़ताल की जानकारी होती तो वे कल आ जाते।
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सिजेरियन डिलीवरी के लिए दो चिकित्सकों से किया अनुबंध
नागरिक अस्पताल में सुबह 8 बजे से मरीज पर्ची कटवाने के लिए लाइनों में लगे। नर्सिंग स्टाफ न होने के कारण इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। हड़ताल पर चिकित्सकों की जगह पर अतिरिक्त सीएचओ की तैनाती कर मरीजों का इलाज किया गया। सिजेरियन डिलीवरी के लिए बाहर से दो चिकित्सकों से अनुबंध किया गया। इनको ऑन कॉल तैनात किया गया है।
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गर्भवती महिलाओं को बाहर से करवाने पड़े अल्ट्रासाउंड
सुबह 7 बजे से ही मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए लाइनों में लगकर टोकन लेते रहे। चिकित्सक न होने के कारण इनको लौटना पड़ा। गर्भवती महिलाओं को भी बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाने पड़े। हड़ताल के दौरान फिजिशियन, नेत्र जांच, दांत, हड्डी रोग विशेषज्ञ के साथ कोई भी चिकित्सक अपनी सीट पर नहीं रहे।
पहले घंटों किया इंतजार, फिर लौटना पड़ा
बेटी शबनम का इलाज करवाने पहुंची गांव बालासर से ममता रानी ने बताया कि इलाज के लिए चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड के लिए बोला गया था। वीरवार को सुबह 8 बजे से ही लाइन में लगे, टोकन मिलने के बाद भी अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ है। पता चला है कि अब चिकित्सक भी नहीं आएगा। घंटों इंतजार के बाद भी घर वापस जा रहे हैं।
चिकित्सक के इंतजार में बैठे हैं
गांव झंडा कला से आए सुखदेव सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी के कानों में समस्या है। इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में आए हैं। दो घंटे से बैठे है, लेकिन अभी तक चिकित्सक नहीं आया है।
... इलाज के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ेगा
गांव बेगू से आई महिला बिमला रानी ने बताया कि बेटी में कमजोरी के कारण खून की जांच करवाने के लिए आई हूं। सुबह 9 बजे से अस्पताल में आए। सैंपल तो ले लिया गया, लेकिन चिकित्सक के हड़ताल पर होने के कारण बेटी की जांच नहीं की जा सकी। उसे मजबूरन रिपोर्ट लेकर निजी अस्पताल में बेटी के इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
सरकार ने बॉन्ड राशि को एक करोड़ से 50 लाख किया : भट्टी
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. गौरव भट्टी ने कहा कि स्टेट कमेटी के आह्वान पर मांगों को लेकर चिकित्सकों ने हड़ताल की है। जिले में 104 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। सरकार के साथ पदाधिकारियों की बैठक हुई है। उन्हें सूचना मिली है कि सरकार की ओर से चिकित्सकों की एक मांग, जिसमें बॉन्ड राशि को एक करोड़ से 50 लाख कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर बाकी मांगे नहीं मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी।