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Sirsa News: निजी अस्पताल के डॉक्टरों की हड़ताल आज, इमरजेंसी सेवाएं भी रहेगी बाधित
Mon, 03 Apr 2023 10:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 03 Apr 2023 10:23 PM IST
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सिरसा। राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में आईएमए से जुड़े चिकित्सक मंगलवार से 24 घंटे तक हड़ताल पर रहेंगे। डॉक्टर सुबह 6 बजे से पांच अप्रैल सुबह छह बजे तक सभी इमरजेंसी सेवाएं सहित ओपीडी का काम भी बंद रखेंगे। इसके चलते निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, डॉक्टरों की हड़ताल के समर्थन में सिरसा से 30 डॉक्टरों का एक दल राजस्थान रवाना होगा।
सोमवार को आईएमए भवन में आईएमए से जुड़े चिकित्सकों की हुई बैठक में प्रधान दिनेश गिजवानी की अध्यक्षता में हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रधान डॉ. दिनेश गिजवानी व सचिव डॉ. अंकुश मेहता ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार चिकित्सक संगठनों से बिना बातचीत किए राइट टू हेल्थ बिल लेकर आई है, जोकि डॉक्टर्स को किसी कीमत पर मंजूर नहीं है।
उन्होंने कहा कि देशभर में इस बिल का विरोध किया जा रहा है। बावजूद इसके सरकार बिल को वापस लेने के मुद्दे पर बातचीत से कतरा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार इस बिल के माध्यम से प्राइवेट डॉक्टरों और अस्पतालों को अपने नियंत्रण में लेना चाहती है। चिकित्सा जगत से जुड़े सभी अस्पताल व चिकित्सक नियमों को ध्यान में रखकर ईमानदारी से अपना पेशा चला रहे हैं। सरकार सिर्फ और सिर्फ कमियां निकालकर चिकित्सकों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है, जिसे चिकित्सक जगत कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सक जगत का मकसद आमजन को परेशान करने का नहीं है, बल्कि वे अपने पेशे को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। आमजन भी उनकी इस परीक्षा की घड़ी में साथ दें और इस बिल को वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं।
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सोमवार को आईएमए भवन में आईएमए से जुड़े चिकित्सकों की हुई बैठक में प्रधान दिनेश गिजवानी की अध्यक्षता में हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रधान डॉ. दिनेश गिजवानी व सचिव डॉ. अंकुश मेहता ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार चिकित्सक संगठनों से बिना बातचीत किए राइट टू हेल्थ बिल लेकर आई है, जोकि डॉक्टर्स को किसी कीमत पर मंजूर नहीं है।
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उन्होंने कहा कि देशभर में इस बिल का विरोध किया जा रहा है। बावजूद इसके सरकार बिल को वापस लेने के मुद्दे पर बातचीत से कतरा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार इस बिल के माध्यम से प्राइवेट डॉक्टरों और अस्पतालों को अपने नियंत्रण में लेना चाहती है। चिकित्सा जगत से जुड़े सभी अस्पताल व चिकित्सक नियमों को ध्यान में रखकर ईमानदारी से अपना पेशा चला रहे हैं। सरकार सिर्फ और सिर्फ कमियां निकालकर चिकित्सकों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है, जिसे चिकित्सक जगत कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सक जगत का मकसद आमजन को परेशान करने का नहीं है, बल्कि वे अपने पेशे को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। आमजन भी उनकी इस परीक्षा की घड़ी में साथ दें और इस बिल को वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं।
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