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Sirsa News: सड़क पर न छोड़ें पशु, पशुपालक की पहचान होने पर 5100 रुपये होगा जुर्माना
Thu, 28 Aug 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 28 Aug 2025 12:45 AM IST
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सिरसा। पालतु पशु को शहर में खुला छोड़ने पर प्रशासन पशुपालक की पहचान कर उस पर जुर्माना लगाएगा। पकड़े गए पशु को छोड़ने की एवज में 5100 रुपये का जुर्माना व शपथ पत्र देना होगा कि वह दोबारा से पशु को खुले में नहीं छोड़ेंगे। अतिरिक्त उपायुक्त विरेंद्र सहरावत की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय में गोशाला संचालकों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक हुई।
इस बैठक में निर्णय लिया गया कि बेसहारा पशुओं को सडक़ से हटाया जाए और जिन पशुओं को पशुपालक की ओर से दूध निकालने के बाद खुला छोड़ा जाता है, उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि टैग लगे पशु की भी पहचान की जाए कि उसका पालक कौन है और फिर पशुपालक को तलब कर लिया जाए।
एडीसी ने कहा कि बेसहारा पशु हादसे का कारण बनते हैं, ऐसे में पशुओं को सड़क से हटाया जाना जरूरी है। उन्होंने गोशाला व नंदीशाला के संचालकों से कहा कि बेसहारा पशुओं को लेने की पहल करें। बेसहारा पशुओं के प्रबंधन व पुनर्वास के लिए जिला स्तर पर काम किया जा रहा है। हर नागरिक का कर्तव्य बनता है कि सड़कों पर गोवंश को हटा कर उन्हें गोशाला भेजने में मददगार बनें।
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एडीसी ने बताया कि जिले में पहले भी अभियान चलाकर पशु पकड़े गए हैं, लेकिन अब इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना है। कोई भी पशु गोशाला में लाया जाता है तो रजिस्टर में उसका पंजीकरण किया जाए। इस मौके पर गोशालाओं की ओर से पशु चिकित्सकों की कमी व दवाइयों की मांग रखी गई, जिस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने पशुपालन विभाग से इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा है।
उप निदेशक पशुपालन सुखविंद्र सिंह ने बताया कि जिले में कुल 142 गोशालाएं है, जिनमें से 138 गोशालाएं पंजीकृत है। बैठक में एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार, एसडीएम ऐलनाबाद पारस भागोरिया, डीडीपीओ बलजीत सिंह, डीआरओ संजय कुमार, ईओ एमसी सुशील कुमार, विभिन्न गोशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस बैठक में निर्णय लिया गया कि बेसहारा पशुओं को सडक़ से हटाया जाए और जिन पशुओं को पशुपालक की ओर से दूध निकालने के बाद खुला छोड़ा जाता है, उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि टैग लगे पशु की भी पहचान की जाए कि उसका पालक कौन है और फिर पशुपालक को तलब कर लिया जाए।
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एडीसी ने कहा कि बेसहारा पशु हादसे का कारण बनते हैं, ऐसे में पशुओं को सड़क से हटाया जाना जरूरी है। उन्होंने गोशाला व नंदीशाला के संचालकों से कहा कि बेसहारा पशुओं को लेने की पहल करें। बेसहारा पशुओं के प्रबंधन व पुनर्वास के लिए जिला स्तर पर काम किया जा रहा है। हर नागरिक का कर्तव्य बनता है कि सड़कों पर गोवंश को हटा कर उन्हें गोशाला भेजने में मददगार बनें।
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एडीसी ने बताया कि जिले में पहले भी अभियान चलाकर पशु पकड़े गए हैं, लेकिन अब इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना है। कोई भी पशु गोशाला में लाया जाता है तो रजिस्टर में उसका पंजीकरण किया जाए। इस मौके पर गोशालाओं की ओर से पशु चिकित्सकों की कमी व दवाइयों की मांग रखी गई, जिस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने पशुपालन विभाग से इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा है।
उप निदेशक पशुपालन सुखविंद्र सिंह ने बताया कि जिले में कुल 142 गोशालाएं है, जिनमें से 138 गोशालाएं पंजीकृत है। बैठक में एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार, एसडीएम ऐलनाबाद पारस भागोरिया, डीडीपीओ बलजीत सिंह, डीआरओ संजय कुमार, ईओ एमसी सुशील कुमार, विभिन्न गोशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।