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Sirsa News: पार्षदों के साइन बोर्ड पर हुआ विवाद, अधिकारियों को देनी पड़ी सफाई

Sun, 22 Mar 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 22 Mar 2026 11:48 PM IST
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dispute on sign board
नगर परिषद कार्यालय के बाहर लगाए गए बोर्ड। संवाद
- पार्षदों और रानजीतिक प्रतिनिधियों के बीच शुरू हुआ विवाद
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डबवाली नगर परिषद में 4.22 लाख रुपये के साइन बोर्ड का टेंडर लगाया गया है
फोटो -- 30 से 33
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नगर परिषद में पार्षदों के साइन बोर्ड को लेकर लगाया टेंडर विवादों में आ गया है। पार्षदों और राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच आरोप- प्रत्यारोप शुरू हो गया है। मामला विवादों में आने के बाद अधिकारियों ने भी इस पूरे मामले में प्रतिक्रिया देकर मामले की सफाई दी। पार्षद ने इस टेंडर की जांच करवाने की मांग की है।

पार्षद विकास शर्मा ने बताया कि नगर परिषद की ओर से तीन साइन बोर्ड को लेकर 4 लाख 22 हजार रुपये का टेंडर लगाया गया है। एक साइन बोर्ड की लागत करीब 5,000 से 7,000 रुपये के बीच होती है। ऐसे में मात्र तीन बोर्डों पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना जनता के पैसे का दुरुपयोग है।
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पार्षद ने इस मामले में नगर परिषद अध्यक्ष को पत्र लिखकर टेंडर को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। वहीं, उन्होंने अध्यक्ष से मांग की है कि उनके नाम पर कोई साइन बोर्ड इस टेंडर के तहत न लगाया जाए। वह किसी प्रकार से जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं होना चाहते हैं।बोर्ड की राशि को विकास कार्यों पर खर्च करे प्रशासन
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पार्षद विकास शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि बोर्ड पर लाखों रुपये खर्च करना सरासर गलत है। यह बोर्ड महज संकेतक होते हैं। इतने महंगे बोर्ड की कोई जरूरत नहीं है। जनता के इस पैसे को सड़क, सफाई, पार्क व अन्य मूलभूत सुविधाओं पर खर्च करना चाहिए जिससे जनता को फायदा मिल सके।

इनेलो नेताओं ने भी उठाई जांच की मांग
इस मुद्दे पर इनेलो नेताओं सुखविंदर सूर्या और जगदीप धनोआ ने भी प्रतिक्रिया देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी भी कार्य में अनावश्यक खर्च हो रहा है तो इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इसको लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
व्यक्तिगत प्रचार के लिए बोर्ड लगाना गलत

पार्षद समनदीप बराड़ ने भी इस विषय पर कहा कि यह मामला केवल सूचना बोर्ड लगाने का नहीं है बल्कि कुछ भाजपा पार्षदों की ओर से अपने नाम के बोर्ड लगवाने की मांग से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों के सामने इस प्रकार की मांग एक से अधिक बार रखी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि किसी भी बोर्ड का उद्देश्य केवल जनता को आवश्यक जानकारी देना होना चाहिए न कि व्यक्तिगत प्रचार करना। यदि ऐसे बोर्डों की आवश्यकता नहीं है तो 25 तारीख को होने वाली नगर परिषद की बैठक में इस मुद्दे को उठाकर टेंडर रद्द करवाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।

कोटस
यह टेंडर केवल तीन बोर्डों तक सीमित नहीं है। इसमें तीन मनोनीत पार्षदों के बोर्डों के अलावा उन पार्षदों के टूटे हुए बोर्डों को भी दोबारा लगाया जाएगा जिनके बोर्ड पहले से क्षतिग्रस्त हैं। इसके अतिरिक्त, नए विकसित पार्कों और अन्य स्थानों पर लगाए जाने वाले बोर्ड भी इसी टेंडर में शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 11 बोर्ड लगाए जाने प्रस्तावित हैं और भुगतान बोर्ड के वजन के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
-राकेश पूनिया, एक्सईएन, नगर परिषद
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