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अरमानों पर आफत सुंडी : सोचा था फसल बेचकर बेटी की शादी का कुछ कर्ज उतर जाएगा, अब घर का खर्च चलाना भी दुश्वार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 11:18 PM IST
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Disaster Caterpillar on desires: Thought that some debt of daughter's marriage would be cleared by selling crops, now it is also difficult to run the household expenses
नरमें की फसल पर हल चलाता किसान - फोटो : Sirsa
रोड़ी। कभी समय पर पानी नहीं तो कभी खाद। कभी प्राकृतिक आपदा तो कभी फसलों पर बीमारी की मार। ऐसा ही कुछ हुआ इस बार किसानों के साथ। जहां गुलाबी सुंडी ने किसानों को ऐन मौके पर ऐसी चपेट मारी कि उन्हें आमदन तो दूर लागत खर्च भी पूरा नहीं होगा। गुलाबी सूंडी से आहत रोड़ी निवासी एक किसान ने अपनी करीब सवा 2 एकड़ नरमे की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया।
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किसान गुरमेल सिंह ने दुखी मन से बताया कि इस बार अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन प्रकृति और बीमारियों ने उसकी फसल को खराब कर दिया। किसान के अनुसार करीब 20 दिन पूर्व उसे नरमे में गुलाबी सूंडी की शिकायत नजर आई। जिसके बाद उसने कृषि विशेषज्ञों व बीज कंपनियों की सलाह पर महंगे कीटनाशकों का छिड़काव भी किया। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। किसान ने बताया कि धीरे-धीरे गुलाबी सूंडी ने उसकी नरमे की पूरी फसल को चपेट में ले लिया। टिंडे ऊपर से बिल्कुल सही नजर आ रहे थे। लेकिन जब उसे खोलकर देखा गया तो वह गुलाबी सूंडी अंदर से गला हुआ था। किसान ने बताया कि कीटनाशकों का छिड़काव करने के बावजूद भी कोई परिणाम नहीं निकला तो उसे मजबूरन अपनी करीब सवा 2 एकड़ नरमे की फसल पर ट्रैक्टर चलाना पड़ा। पीड़ित किसान के अनुसार फसल पर उसका प्रति करीब 25 हजार रुपये का खर्च आया था, लेकिन आमदन तो दूर उसका लागत खर्च भी पूरा नहीं हुआ।
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सोचा था बेटी की शादी का कर्ज उतारूंगा
किसान गुरमेल सिंह ने बताया कि वह एक छोटा खेतिहर किसान है। उसके पास मात्र ढाई एकड़ भूमि है। जिसमें से उसने करीब सवा 2 एकड़ भूमि में नरमे की बिजाई की थी। इसी भूमि की उपज से उसके परिवार का गुजारा चलता है। उसने बताया कि उसने करीब अढ़ाई वर्ष पूर्व जैसे-तैसे इंतजाम कर अपनी बेटी की शादी की थी। सोचा था कि इस बार फसल अच्छी होगी। जिसे बेचकर शादी के दौरान लिया गया कुछ कर्ज भी उतर जाएगा और कुछ पैसों से घर का सामान भी खरीद लेंगे। लेकिन कर्ज तो दूर घरेलू सामान के पैसे भी नहीं बचे। किसान ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उसे उचित मुआवजे दिया जाए।
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