{"_id":"69e7ba8359358859de0870bc","slug":"dhaincha-seed-subsidy-sirsa-news-c-128-1-svns1027-157081-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: ढैंचा बीज पर अनुदान के लिए किसान 25 तक करें आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: ढैंचा बीज पर अनुदान के लिए किसान 25 तक करें आवेदन
Tue, 21 Apr 2026 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ढैंचे के रकबे को लेकर दिशा की बैठक में विधायक और सांसद ने दी थी चुनौती
चार दिन में किसानों को बिजाई के साथ डालना होगा फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। धान की बिजाई से पहले भूमि की उर्वरा क्षमता को बढ़ाने के लिए ढैंचे पर अनुदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हैरानी की बात है कि अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन करने की तिथि 25 अप्रैल है। वहीं, किसान अब तक खेतों में तूड़ी बनाने के काम लगा है। 25 अप्रैल तक चुनिंदा किसान ही इस योजना का लाभ उठा पाएंगे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल विविधिकरण राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिला में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा ढैंचा की बिजाई पर किसानों को बीज पर अनुदान दिया जा रहा है।
इसी अनुदान को लेकर पिछले वर्ष हुई दिशा की बैठक में विधायक अर्जुन चौटाला, विधायक शीशपाल केहरवाला और सांसद कुमारी सैलजा तक ने सवाल उठाए थे। दिशा की बैठक में मौजूद मौअजिज लोगों ने चुनौती दी थी कि उनके गांव में एक हजार एकड़ से ज्यादा में ढैंचा दिखाया गया है जबकि गांव में चुनिंदा लोगों ने ही मुश्किल से ढैंचे की बिजाई की है।
विज्ञापन
सांसद ने प्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, इस बार गेहूं की फसल की कटाई देरी से हुई है। इस योजना के लाभ का समय महज 25 अप्रैल दिया गया है। किसानों के लिए यह बहुत कम समय है। ऐसे में कृषि विभाग अपना लक्ष्य तक पूर्ण नहीं कर पाएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को फसलडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। किसान स्वयं खुले बाजार से हरी खाद हेतु ढैंचे का बीज, मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर और सोयाबीन व ग्वार खरीद कर बिजाई के बाद अनुदान प्राप्त करने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर बोए गए ढैंचा आदि के खेत का फोटो अपलोड करना होगा। इसका सत्यापन विभाग के अधिकारी खेतों में जाकर करेंगे। डॉ. सुखदेव ने बताया कि सत्यापन के बाद किसानों को 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से किसान के बैंक खाता में स्थानांतरित की जाएगी।
विज्ञापन
चार दिन में किसानों को बिजाई के साथ डालना होगा फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। धान की बिजाई से पहले भूमि की उर्वरा क्षमता को बढ़ाने के लिए ढैंचे पर अनुदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हैरानी की बात है कि अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन करने की तिथि 25 अप्रैल है। वहीं, किसान अब तक खेतों में तूड़ी बनाने के काम लगा है। 25 अप्रैल तक चुनिंदा किसान ही इस योजना का लाभ उठा पाएंगे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल विविधिकरण राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिला में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा ढैंचा की बिजाई पर किसानों को बीज पर अनुदान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
इसी अनुदान को लेकर पिछले वर्ष हुई दिशा की बैठक में विधायक अर्जुन चौटाला, विधायक शीशपाल केहरवाला और सांसद कुमारी सैलजा तक ने सवाल उठाए थे। दिशा की बैठक में मौजूद मौअजिज लोगों ने चुनौती दी थी कि उनके गांव में एक हजार एकड़ से ज्यादा में ढैंचा दिखाया गया है जबकि गांव में चुनिंदा लोगों ने ही मुश्किल से ढैंचे की बिजाई की है।
विज्ञापन
सांसद ने प्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, इस बार गेहूं की फसल की कटाई देरी से हुई है। इस योजना के लाभ का समय महज 25 अप्रैल दिया गया है। किसानों के लिए यह बहुत कम समय है। ऐसे में कृषि विभाग अपना लक्ष्य तक पूर्ण नहीं कर पाएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को फसलडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। किसान स्वयं खुले बाजार से हरी खाद हेतु ढैंचे का बीज, मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर और सोयाबीन व ग्वार खरीद कर बिजाई के बाद अनुदान प्राप्त करने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर बोए गए ढैंचा आदि के खेत का फोटो अपलोड करना होगा। इसका सत्यापन विभाग के अधिकारी खेतों में जाकर करेंगे। डॉ. सुखदेव ने बताया कि सत्यापन के बाद किसानों को 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से किसान के बैंक खाता में स्थानांतरित की जाएगी।