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Sirsa News: पैरोल अवधि में 40 दिन साथ रहा डेरामुखी का परिवार, आखिरी दो दिन प्रबंधन के साथ मंत्रणा
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सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह की पैरोल अवधि खत्म हो गई है। अब डेरामुखी कभी भी जेल में आत्मसमर्पण कर सकता है। पैरोल अवधि के दौरान डेरामुखी ने जहां एक ओर अनुयायियों से ऑनलाइन सत्संग के दौरान रु-ब-रू हुआ वहीं दूसरी ओर परिवार के साथ भी समय बिताया। विदेश से बेटियां भी लौट आई और मुख्य शिष्या हनीप्रीत के साथ-साथ माता और पत्नी भी साथ रही। इतना ही नहीं डेरामुखी अपने गुरु शाह सतनाम महाराज के परिवार से भी ऑनलाइन रूबरू हुआ और हालचाल जाना। पैरोल अवधि के आखिरी दो दिन के दौरान डेरामुखी प्रबंधन के साथ मंथन कर रहा है।
साध्वी यौन शोषण, पत्रकार छत्रपति और रणजीत सिंह की हत्या के मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहा डेरामुखी गुरमीत सिंह 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। ये अवधि अब समाप्त हो चुकी है। अब डेरामुखी को जेल में आत्मसमर्पण करना है। इसलिए डेरामुखी ने ऑनलाइन हालांकि बंद कर दिए हैं लेकिन बताया जा रहा है कि पैरोल के आखिरी दौर में अब डेरामुखी परिवार और डेरा प्रबंध कमेटी के सदस्यों के साथ बिता रहा है। डेरे को लेकर मंत्रणा भी हुई है। उम्मीद है कि इस दौरान जो भी बदलाव होंगे, उनका जिक्र अधिकारिक तौर पर जेल से लिखी जाने वाले चिट्ठी में होगा।
अनुयायियों को दिया संदेश, मानवता भलाई के कार्य रुकने नहीं चाहिए
डेरामुखी ने बुधवार शाम को जारी अपने संदेश में अनुयायियों को कहा कि मानवता भलाई के कार्य रुकने नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर, अंग दान, शरीर दान, आंखें दान सहित अन्य सामाजिक भलाई के काम करते रहें। इसके अलावा पराली प्रबंधन और नशा मुक्ति के लिए भी संदेश दिया।
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16 वर्ष बाद हुआ गुरु के गांव में कार्यक्रम, परिवार से बात कर जाना हालचाल
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह के गुरु शाह सतनाम महाराज के गांव जलालआना में अभी भी उनका परिवार रह रहा है। बताया जा रहा है कि इस गांव में पिछले 16 साल से डेरे का कोई कार्यक्रम नहीं हुआ था। इस बार ऑनलाइन गुरुकुल के दौरान गांव जलालआना में भी कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में शाह सतनाम महाराज के पुत्र रणजीत सिंह की पत्नी नछत्रकूरे मौजूद थी। कार्यक्रम के दौरान डेरामुखी ने जिक्र किया कि शायद यहां गुरुजी के परिवार के सदस्य भी हैं। इसके बाद उनसे बात की और परिवार के सभी सदस्यों के नाम लेकर हालचाल जाना। इस दौरान ग्रामीणों ने डेरामुखी को कहा कि गांव में नशे का जाल बहुत फैल गया है और इसका समाधान करवाएं। साथ ही डेरामुखी को भी गांव में आने का ेआमंत्रण दिया।
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साध्वी यौन शोषण, पत्रकार छत्रपति और रणजीत सिंह की हत्या के मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहा डेरामुखी गुरमीत सिंह 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। ये अवधि अब समाप्त हो चुकी है। अब डेरामुखी को जेल में आत्मसमर्पण करना है। इसलिए डेरामुखी ने ऑनलाइन हालांकि बंद कर दिए हैं लेकिन बताया जा रहा है कि पैरोल के आखिरी दौर में अब डेरामुखी परिवार और डेरा प्रबंध कमेटी के सदस्यों के साथ बिता रहा है। डेरे को लेकर मंत्रणा भी हुई है। उम्मीद है कि इस दौरान जो भी बदलाव होंगे, उनका जिक्र अधिकारिक तौर पर जेल से लिखी जाने वाले चिट्ठी में होगा।
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अनुयायियों को दिया संदेश, मानवता भलाई के कार्य रुकने नहीं चाहिए
डेरामुखी ने बुधवार शाम को जारी अपने संदेश में अनुयायियों को कहा कि मानवता भलाई के कार्य रुकने नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर, अंग दान, शरीर दान, आंखें दान सहित अन्य सामाजिक भलाई के काम करते रहें। इसके अलावा पराली प्रबंधन और नशा मुक्ति के लिए भी संदेश दिया।
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16 वर्ष बाद हुआ गुरु के गांव में कार्यक्रम, परिवार से बात कर जाना हालचाल
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह के गुरु शाह सतनाम महाराज के गांव जलालआना में अभी भी उनका परिवार रह रहा है। बताया जा रहा है कि इस गांव में पिछले 16 साल से डेरे का कोई कार्यक्रम नहीं हुआ था। इस बार ऑनलाइन गुरुकुल के दौरान गांव जलालआना में भी कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में शाह सतनाम महाराज के पुत्र रणजीत सिंह की पत्नी नछत्रकूरे मौजूद थी। कार्यक्रम के दौरान डेरामुखी ने जिक्र किया कि शायद यहां गुरुजी के परिवार के सदस्य भी हैं। इसके बाद उनसे बात की और परिवार के सभी सदस्यों के नाम लेकर हालचाल जाना। इस दौरान ग्रामीणों ने डेरामुखी को कहा कि गांव में नशे का जाल बहुत फैल गया है और इसका समाधान करवाएं। साथ ही डेरामुखी को भी गांव में आने का ेआमंत्रण दिया।