पंजाब चुनाव 2022: मतदान से दो दिन पहले डेरा खोलेगा पत्ते, 15 सदस्यीय कमेटी मंथन में जुटी
विधानसभा चुनाव को लेकर डेरे की राजनीतिक विंग फीडबैक हासिल कर रही। डेरे का सहयोग करने वाले उम्मीदवारों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
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डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिलने के बाद यूपी और पंजाब विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेजी से बढ़ी हैं। डेरे की राजनीतिक विंग अब सक्रिय हो गई है और उसकी 15 सदस्यीय कमेटी उम्मीदवारों का फीडबैक लेने में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक पंजाब में मतदान से ठीक दो दिन पहले डेरा अपने पत्ते खोलेगा और फैसला करेगा कि किस पार्टी या उम्मीदवार का समर्थन करना है। उम्मीद है कि इस फैसले से पहले राजनीतिक विंग के पदाधिकारियों की डेरामुखी के साथ बैठक होगी। यह बैठक गुरुग्राम या कहीं और संभावित है।
पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होना है। ऐसे में राजनेताओं की निगाहें इस पर टिकी हैं कि डेरा सच्चा सौदा किसका समर्थन करेगा। पंजाब चुनाव में समर्थन को लेकर सभी पार्टियों के नेता व पदाधिकारियों सहित उम्मीदवार सिरसा डेरे में आकर हाजिरी लगा चुके हैं। पंजाब से सिरसा डेरे में 50 से ज्यादा उम्मीदवार माथा टेक चुके हैं।
इसके अलावा डेरे की ओर से 9 जनवरी को पंजाब के सलाबतपुरा में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहां भी सभी पार्टियों के बड़े नेताओं ने कार्यक्रम में शिरकत कर हाजिरी लगाई थी। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक विंग यहां आने वाले सभी उम्मीदवारों और राजनेताओं की कुंडली निकालकर उस पर मंथन कर रही है। पता किया जा रहा है कि उनका डेरे के प्रति रुख कैसा रहता है। इसके बाद ही डेरा समर्थन को लेकर फैसला करेगा।
जानिये... ऐसे काम करती है डेरे की राजनीतिक विंग, आमजन तक ऐसे पहुंचते हैं
डेरा सच्चा सौदा की ओर से वर्ष 2006-07 में राजनीतिक विंग का अलग से गठन किया गया। इस विंग में डेरामुखी के खास लोगों को शामिल किया जाता है। इस समय इसके राष्ट्रीय स्तर पर चेयरमैन राम सिंह हैं। इसके बाद प्रत्येक राज्य की एक-एक राजनीतिक विंग है जो राष्ट्रीय स्तर पर सिरसा डेरा सच्चा सौदा की विंग को रिपोर्ट करती है। राज्य स्तरीय विंग में 15 सदस्य होते हैं। राज्य स्तरीय विंग की शाखाएं जोन और जिला स्तर पर भी काम करती हैं। चुनाव के दौरान आयोजित होने वाली ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा में सीधा स्थानीय जनता और अनुयायियों से रायशुमारी करके फीडबैक लिया जाता है कि किस पार्टी के किस उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए। फीडबैक मिलने के बाद रिपोर्ट राज्य स्तरीय राजनीतिक विंग तक पहुंचती है। राज्य स्तरीय राजनीतिक विंग के पदाधिकारी राष्ट्रीय स्तरीय विंग की बैठक में रिपोर्ट देते हैं। इसके बाद डेरे की राजनीतिक विंग अपना फैसला लेती है। उम्मीदवारों को समर्थन का संदेश भी इसी रूट से नीचे तक भेजा जाता है।
चुनावों में रहती है डेरे की सीधी भागीदारी
पंजाब में वर्ष 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में डेरे की सीधी भागीदारी रही है। इसके अलावा वर्ष 2014 के लोकसभा और अक्तूबर 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में भी डेरे की राजनीतिक विंग ने खुलकर काम किया था। डेरे ने उस समय भाजपा का समर्थन किया था। बता दें कि डेरे का पंजाब के मालवा एरिया में सीधा प्रभाव है। पंजाब के फिरोजपुर, मोगा, फाजिल्का, अबोहर, फरीदकोट, मुक्तसर साहिब, बठिंडा, पटियाला, लुधियाना, मानसा, संगरूर, मलेर कोटला, फतेहगढ़ साहिब में डेरे के अनुयायी अच्छी खासी संख्या में हैं।
राजनीतिक विंग अभी अपना काम कर रही है। पंजाब और यूपी के प्रदेश स्तरीय सदस्य अभी अपने ग्राउंड पर काम कर रहे हैं। जब बैठक बुलाई जाएगी तो उनसे फीडबैक लिया जाएगा। जब बैठक बुलाएंगे तो आपको बता दिया जाएगा। - राम सिंह, राष्ट्रीय चेयरमैन, राजनीतिक विंग, डेरा सच्चा सौदा, सिरसा।