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भाजपा के काम नहीं आया डेरा समर्थन, कांग्रेस को सबक सिखाने में कामयाब हुए अनुयायी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 12:28 AM IST
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Dera support did not work for BJP, followers succeeded in teaching a lesson to Congress
सिरसा। कहते हैं कि पंजाब चुनाव में डेरा फैक्टर खूब काम करता है। किसी भी प्रत्याशी की जीत-हार में डेरा अनुयायी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंजाब चुनाव का परिणाम वीरवार को आ गया है। लेकिन इसमें डेरा फैक्टर ने काम किया या नहीं, इस मुद्दे पर अलग-अलग बात सामने आई है।
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पंजाब चुनाव में डेरा की राजनीतिक विंग ने बेशक इस बार खुले तौर पर किसी एक पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में मतदान की अपील नहीं की लेकिन गुप्त संदेश के माध्यम से भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान पर जोर दिया। हालांकि डेरा की ओर से कहा गया था कि जो उम्मीदवार किसी भी तरह से डेरा का हिमायती हो और नियमित रूप से हाजिरी लगाता रहा हो, उसके पक्ष में मतदान करें। साथ ही ये भी कहा गया था कि भाजपा के पक्ष में मतदान करना है। लेकिन इस बार परिणाम उम्मीद के एक दम उलट निकलकर आए हैं। जहां-जहां डेरे का प्रभाव था, वहां परिणाम उम्मीद से परे दिखे। परिणाम से स्पष्ट हो गया है कि इस बार डेरा का समर्थन भाजपा के काम नहीं आया जबकि कांग्रेस को सबक सिखाने में डेरा अनुयायी कामयाब हो गए। बेअदबी मामले में अनुयायी कांग्रेस से नाराज हैं जबकि भाजपा से इसलिए नाराज हैं क्योंकि भाजपा सरकार में बाबा जेल गए। इसका सीधा लाभ आम आदमी पार्टी को मिला।
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अनुयायियों की गुटबाजी का शिकार हो गई राजनीतिक विंग
इस बार पंजाब चुनाव के दौरान डेरा के अनुयायी दो गुटों में बंटे हुए नजर आए। राजनीतिक विंग जो भी आदेश जारी कर रही थी, दूसरा धड़ा उसका विरोध करता हुआ नजर आया। सोशल मीडिया पर भी डेरा अनुयायी खुलकर विरोध करते दिखे। जब राजनीतिक विंग ने भाजपा के समर्थन में वोट की अपील की तो डेरा अनुयायियों ने ये कहते हुए नाराजगी दिखाई की उन्हीं के राज में बाबा जेल गए थे। कांग्रेस के तो सभी डेरा अनुयायी खिलाफत में हैं ही। बेअदबी मामले में पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई से नाराज अनुयायियों ने कांग्रेस को सबक सिखाने का मन बना लिया था।
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डेरामुखी के समधी की जमानत जब्त, एकतरफा दिया था अनुयायियों ने समर्थन
डेरामुखी के समधी जस्सी को पहले कांग्रेस का टिकट मिलने की उम्मीद थी। लेकिन उनकी टिकट कट गई। इसके बाद डेरा अनुयायियों ने एक तरफा खुलकर उनके पक्ष में समर्थन किया था। यहां तक कि डेरा की ओर से आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भी खुलकर जस्सी के पक्ष में प्रचार किया गया। लेकिन इसके बावजूद डेरा फैक्टर काम नहीं आया और परिणाम आए तो जमानत तक भी जब्त हो गई।

मालवा की 69 सीटों पर डेरा का सीधा प्रभाव, फिर भी चौंकाने वाले परिणाम
डेरा प्रबंधन दावा करता है कि मालवा क्षेत्र की 69 सीटों पर सीधा प्रभाव है। लेकिन इसके बावजूद इन सीटों के उन प्रत्याशियों के चौंकाने वाले परिणाम आए हैं, जिन्हें डेरा का समर्थन था। जिस सीट पर डेरा के 25 से 30 हजार वोट थे, उस उम्मीदार के ही 3 से 4 हजार वोट मिले हैं। इससे स्पष्ट है कि डेरा के वोट इस बार राजनीतिक विंग के आदेशों के खिलाफ गए।
चुनाव परिणाम पर करेंगे मंथन, अभी बाहर हूं : राम सिंह
देखिए, चुनाव परिणाम पर अभी हमने मंथन नहीं किया है। मंथन करने के बाद ही कुछ निकलकर सामने आएगा। अभी दो दिन मैं बाहर हूं।
-राम सिंह, चेयरमैन, राजनीतिक विंग, डेरा सच्चा सौदा, सिरसा।
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