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राशन नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं का प्रदर्शन
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खोखर डिपो पर विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त करते उपभोक्ता। संवाद
- फोटो : Sirsa
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ओढां। पिछले कुछ समय से खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यशैली सुर्खियों में है। ओढां खंड के गांव खोखर के राशन डिपो पर राशन न केवल एक माह की देरी से पहुंचा अपितु पूर्व की भांति ही वजन में भी हेरफेर मिला। डिपो पर बिल अधिक राशन का भेजा गया और तोल मेें राशन कम मिला। इससे पूर्व भी वजन में कई क्विंटल गेहूं का हेर-फेर सामने आ चुका है। विभाग की कार्यशैली से उपभोक्ताओं में रोष है तो डिपो संचालक ने भी मामले की जांच की मांग उठाई है।
गांव खोखर में पिछले कई दिनों से डिपो के चक्कर काट रहे उपभोक्ताओं को सोमवार को राशन आने की सूचना मिली। इस पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता डिपो पर पहुंच गए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा यदि उन्हें राशन नहीं मिला तो वे विभाग के कालांवाली कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभागीय नियमानुसार डिपो पर राशन विगत वर्ष की 31 दिसंबर तक आना था लेकिन राशन एक माह बाद 31 जनवरी को डिपो पर पहुंचा लेकिन डिपो संचालक ने दोपहर करीब एक बजे ट्रक खाली होने के बाद राशन बांटना शुरू किया। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी कार्यालय में अधिकारी के विदाई समारोह में व्यस्त रहे और उपभोक्ता पिछले काफी दिनों से डिपो के चक्कर काट रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि महीने का आखिरी दिन होने के चलते आज सभी को राशन वितरित होना स्वाभाविक नहीं है। डिपो संचालक गुरप्रीत ने कहा कि डिपो पर विगत वर्ष की 31 दिसंबर की रात को राशन आया था, लेकिन राशन का वजन कम था। इस कारण उसे राशन लौटा दिया था।
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वजन में किया जा रहा बड़ा गोलमाल
सूत्रों के मुताबिक विभाग द्वारा डिपो पर भेजे जा रहे गेहूं के वजन में गोलमाल किया जा रहा है। पर्ची में गेहूं अधिक दिखाया जाता है और जबकि असल में गेहूं कम भेजा जाता है। खोखर डिपो पर कुछ समय पूर्व 70 क्विंटल 85 किलोग्राम गेहूं का बिल आया था जबकि तुलाई की गई तो गेहूं 2 क्विंटल 16 किलोग्राम कम पाया गया।
डिपो संचालक के मुताबिक उसने इस बारे विभाग को अवगत भी करवाया था, लेकिन अभी तक राशन नहीं भेजा गया। सोमवार को खोखर डिपो पर 83 क्विंटल 84 किलोग्राम गेहूं का बिल पहुंचा लेकिन तोल पर 66 किलोग्राम गेहूं कम पाया गया। डिपो संचालक गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उसके पास सिरसा कार्यालय से फोन आया कि उसकी सप्लाई सस्पेंड कर दी गई है। कारण पूछने पर जवाब नहीं दिया गया। डिपो संचालक गुरप्रीत ने मामले की जांच करने की मांग उठाई है।
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हमने विगत वर्ष की 31 दिसंबर को खोखर डिपो पर राशन का ट्रक भेजा था लेकिन डिपो संचालक ने रात होने की बात कहकर राशन नहीं उतरवाया। हमने उसे कई बार राशन ले जाने के लिए कहा भी था। पहले कम राशन आने की बात कही जा रही है, उस समय निरीक्षक मैं नहीं था। राशन का वितरण करना डिपो संचालक का काम है। यदि इस महीने कोई उपभोक्ता रह जाता है तो अधिकारियों से बात कर उसे राशन मुहैया करवाने की कोशिश की जाएगी।
-- चंद्रमोहन, खाद्य आपूर्ति अधिकारी, कालांवाली
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गांव खोखर में पिछले कई दिनों से डिपो के चक्कर काट रहे उपभोक्ताओं को सोमवार को राशन आने की सूचना मिली। इस पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता डिपो पर पहुंच गए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा यदि उन्हें राशन नहीं मिला तो वे विभाग के कालांवाली कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
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उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभागीय नियमानुसार डिपो पर राशन विगत वर्ष की 31 दिसंबर तक आना था लेकिन राशन एक माह बाद 31 जनवरी को डिपो पर पहुंचा लेकिन डिपो संचालक ने दोपहर करीब एक बजे ट्रक खाली होने के बाद राशन बांटना शुरू किया। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी कार्यालय में अधिकारी के विदाई समारोह में व्यस्त रहे और उपभोक्ता पिछले काफी दिनों से डिपो के चक्कर काट रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि महीने का आखिरी दिन होने के चलते आज सभी को राशन वितरित होना स्वाभाविक नहीं है। डिपो संचालक गुरप्रीत ने कहा कि डिपो पर विगत वर्ष की 31 दिसंबर की रात को राशन आया था, लेकिन राशन का वजन कम था। इस कारण उसे राशन लौटा दिया था।
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वजन में किया जा रहा बड़ा गोलमाल
सूत्रों के मुताबिक विभाग द्वारा डिपो पर भेजे जा रहे गेहूं के वजन में गोलमाल किया जा रहा है। पर्ची में गेहूं अधिक दिखाया जाता है और जबकि असल में गेहूं कम भेजा जाता है। खोखर डिपो पर कुछ समय पूर्व 70 क्विंटल 85 किलोग्राम गेहूं का बिल आया था जबकि तुलाई की गई तो गेहूं 2 क्विंटल 16 किलोग्राम कम पाया गया।
डिपो संचालक के मुताबिक उसने इस बारे विभाग को अवगत भी करवाया था, लेकिन अभी तक राशन नहीं भेजा गया। सोमवार को खोखर डिपो पर 83 क्विंटल 84 किलोग्राम गेहूं का बिल पहुंचा लेकिन तोल पर 66 किलोग्राम गेहूं कम पाया गया। डिपो संचालक गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उसके पास सिरसा कार्यालय से फोन आया कि उसकी सप्लाई सस्पेंड कर दी गई है। कारण पूछने पर जवाब नहीं दिया गया। डिपो संचालक गुरप्रीत ने मामले की जांच करने की मांग उठाई है।
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हमने विगत वर्ष की 31 दिसंबर को खोखर डिपो पर राशन का ट्रक भेजा था लेकिन डिपो संचालक ने रात होने की बात कहकर राशन नहीं उतरवाया। हमने उसे कई बार राशन ले जाने के लिए कहा भी था। पहले कम राशन आने की बात कही जा रही है, उस समय निरीक्षक मैं नहीं था। राशन का वितरण करना डिपो संचालक का काम है। यदि इस महीने कोई उपभोक्ता रह जाता है तो अधिकारियों से बात कर उसे राशन मुहैया करवाने की कोशिश की जाएगी।
-- चंद्रमोहन, खाद्य आपूर्ति अधिकारी, कालांवाली