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Sirsa News: ट्रकों की कमी से उठान में देरी, किसानों का भुगतान फंसा
Mon, 21 Apr 2025 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 21 Apr 2025 10:53 PM IST
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सिरसा की अनाज मंडी में गेहूं की उठान करते मजदूर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में गेहूं की उठान में जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी हो रही है। प्रशासन की उदासीनता के कारण मंडी में गेहूं की उठान का काम रुक-रुक कर हो रहा है। टेंडर के मुताबिक ठेकेदार को 80 ट्रकों से गेहूं की उठान करनी हैं, लेकिन उसके पास केवल 15 ट्रक ही उपलब्ध हैं। इससे उठान की स्थिति बेहद खराब हो गई है। सिरसा के साथ आसपास की मंडियों में 60-65 प्रतिशत गेहूं की उठान बाकी है।
खराब व्यवस्था का आलम यह हो गया है कि आढ़ती निजी तौर पर वाहनों की व्यवस्था कर वह स्वयं व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। जिन अधिकारियों की मंडियों में माल उठाने में ड्यूटी लगाई गई थी, वे सिर्फ कार्यालयों में नजर आ रहे हैं। मार्केट कमेटी के अधिकारी के बस में महज नोटिस जारी करना ही रह गया है। आढ़तियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से ट्रक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से उन्हें हर दिन उठान का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अनुमान के मुताबिक, मंडी में करीब सवा तीन लाख बोरियां पड़ी हैं और 30 प्रतिशत गेहूं बीज कंपनियों और बड़े गोदाम मालिकों द्वारा पहले ही स्टोर कर लिया गया है।
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सीएम फ्लाइंग ने गड़बड़ी का किया खुलासा
सीएम फ्लाइंग की टीम की दो दिनों की छापेमारी में यह बात सामने आई कि सिरसा में लगभग 80 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो चुकी है, लेकिन केवल 50 प्रतिशत गेहूं ही मंडी में पहुंच पाया है। बाकी गेहूं बड़े गोदामों और बीज कंपनियों में चला गया है।
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मंडी में पांच दिन से पड़ा है गेहूं
किसान देवीलाल और हरभगवान ने बताया कि मंडी में फसल को डाले हुए करीब 5 दिन हो गए हैं, अभी तक उठान नहीं हुई है। ऐसे में भुगतान कब होगा, भगवान ही जाने। हर साल इस प्रकार तंग होना पड़ता है। जो हालात आज गेहूं के है, वैसे ही हालात धान के होते हैं।
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प्रशासन की लचर व्यवस्था पर आढ़तियों का गुस्सा
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रेम बजाज ने बताया कि मंडी में समय पर उठान न होने से किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रशासन किसानों और आढ़तियों के हितों को लेकर गंभीर नहीं है। जब वे प्रशासन से बात करते हैं, तो प्रशासन बड़े-बड़े वादे करता है, लेकिन शाम होते-होते सभी हाथ खड़ा कर देते हैं। आढ़तियों को मजबूरी में अपने स्तर पर ट्रकों की व्यवस्था करनी पड़ रही है ताकि किसानों का भुगतान समय पर हो सके। मंडी में समय पर उठान न होने के कारण आढ़तियों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्हें निजी ट्रकों के जरिए उठान करवाने पर प्रति बोरी 4 से 5 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। आढ़तियों का कहना है कि किसानों द्वारा अपनी फसल आढ़ती के पास बोरियों में भरकर देने के बाद उठान की जिम्मेदारी आढ़ती की होती है। लेकिन इस बार हालात इतने खराब हैं कि ट्रकों की कमी के कारण आढ़ती भी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
मंडी में फसल की उठान के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्द ही मंडी से फसल की उठान हो जाएगी। किसानों और आढ़तियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -मुकेश कुमार, डीएफएससी, सिरसा।
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सिरसा। जिले में गेहूं की उठान में जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी हो रही है। प्रशासन की उदासीनता के कारण मंडी में गेहूं की उठान का काम रुक-रुक कर हो रहा है। टेंडर के मुताबिक ठेकेदार को 80 ट्रकों से गेहूं की उठान करनी हैं, लेकिन उसके पास केवल 15 ट्रक ही उपलब्ध हैं। इससे उठान की स्थिति बेहद खराब हो गई है। सिरसा के साथ आसपास की मंडियों में 60-65 प्रतिशत गेहूं की उठान बाकी है।
खराब व्यवस्था का आलम यह हो गया है कि आढ़ती निजी तौर पर वाहनों की व्यवस्था कर वह स्वयं व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। जिन अधिकारियों की मंडियों में माल उठाने में ड्यूटी लगाई गई थी, वे सिर्फ कार्यालयों में नजर आ रहे हैं। मार्केट कमेटी के अधिकारी के बस में महज नोटिस जारी करना ही रह गया है। आढ़तियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से ट्रक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से उन्हें हर दिन उठान का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अनुमान के मुताबिक, मंडी में करीब सवा तीन लाख बोरियां पड़ी हैं और 30 प्रतिशत गेहूं बीज कंपनियों और बड़े गोदाम मालिकों द्वारा पहले ही स्टोर कर लिया गया है।
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सीएम फ्लाइंग ने गड़बड़ी का किया खुलासा
सीएम फ्लाइंग की टीम की दो दिनों की छापेमारी में यह बात सामने आई कि सिरसा में लगभग 80 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो चुकी है, लेकिन केवल 50 प्रतिशत गेहूं ही मंडी में पहुंच पाया है। बाकी गेहूं बड़े गोदामों और बीज कंपनियों में चला गया है।
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मंडी में पांच दिन से पड़ा है गेहूं
किसान देवीलाल और हरभगवान ने बताया कि मंडी में फसल को डाले हुए करीब 5 दिन हो गए हैं, अभी तक उठान नहीं हुई है। ऐसे में भुगतान कब होगा, भगवान ही जाने। हर साल इस प्रकार तंग होना पड़ता है। जो हालात आज गेहूं के है, वैसे ही हालात धान के होते हैं।
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प्रशासन की लचर व्यवस्था पर आढ़तियों का गुस्सा
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रेम बजाज ने बताया कि मंडी में समय पर उठान न होने से किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रशासन किसानों और आढ़तियों के हितों को लेकर गंभीर नहीं है। जब वे प्रशासन से बात करते हैं, तो प्रशासन बड़े-बड़े वादे करता है, लेकिन शाम होते-होते सभी हाथ खड़ा कर देते हैं। आढ़तियों को मजबूरी में अपने स्तर पर ट्रकों की व्यवस्था करनी पड़ रही है ताकि किसानों का भुगतान समय पर हो सके। मंडी में समय पर उठान न होने के कारण आढ़तियों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्हें निजी ट्रकों के जरिए उठान करवाने पर प्रति बोरी 4 से 5 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। आढ़तियों का कहना है कि किसानों द्वारा अपनी फसल आढ़ती के पास बोरियों में भरकर देने के बाद उठान की जिम्मेदारी आढ़ती की होती है। लेकिन इस बार हालात इतने खराब हैं कि ट्रकों की कमी के कारण आढ़ती भी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
मंडी में फसल की उठान के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्द ही मंडी से फसल की उठान हो जाएगी। किसानों और आढ़तियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -मुकेश कुमार, डीएफएससी, सिरसा।