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फैसला : आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए निजी अस्पतालों ने गोद लिए 45 गांव, लगाएं जाएंगे कैंप
Tue, 14 Mar 2023 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:16 PM IST
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सिरसा। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए निजी अस्पतालों ने जिले के 45 गांवों को गोद लिया है। निजी अस्पताल के कर्मचारी गांवों में कैंप लगाकर लिस्ट में शामिल लाभार्थियों के कार्ड तैयार करेंगे। जिले में अभी दो लाख 9 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनाने शेष हैं।
एक लाख 80 हजार से कम आय वाले लोगों को पांच लाख तक की स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए सरकार ने उन्हें आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है। चिरायु योजना के तहत सरकार ने जिले के पांच लाख 17 हजार लाभार्थियों को शामिल किया गया था, लेकिन इनमें से अभी तक तीन लाख 8 हजार 185 लाभार्थियों के ही कार्ड बनाए गए हैं। चिरायु योजना में शामिल दो लाख 9 हजार लाभार्थियों के अब तक कार्ड नहीं बनाए गए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना पैनल में शामिल 45 निजी अस्पतालों को एक-एक गांव गोद दिया है। निजी अस्पतालों की ओर से इन गांवों में कैंप लगाकर लाभार्थियों के कार्ड तैयार किए जाएंगे। कई निजी अस्पतालों ने खुद ही गांव का चयन किया है तो कई निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव दिया गया है।
जिले में 59.58 फीसदी लाभार्थियों के बने कार्ड
चिरायु योजना में लाभार्थियों की ओर से कार्ड न बनाए जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य भी तय समय से गिरता जा रहा है। विभाग ने अभी तक केवल 59.58 फीसदी लाभार्थियों के ही कार्ड बनाए गए हैं। लाभार्थियों को कार्ड संबंधित जानकारी न होने के कारण वह एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटने को भी मजबूर होते हैं और बिना कार्ड बनाए ही वापस लौट रहे हैं।
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आयुष्मान मित्रों की हड़ताल के कारण लोगों को हो रही परेशानी
नागरिक अस्पताल आयुष्मान मित्र योजना के तहत रखे गए कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पांच दिनों से धरने पर बैठे हैं। इसके कारण नए लाभार्थियों के कार्ड तैयार नहीं हो पा रहे है। आयुष्मान योजना में शामिल कई लाभार्थी इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे है। यहां पर उनका इलाज किया जा रहा है। नया कार्ड बनवाने के लिए पहुंचने वाले लाभार्थियों को इस खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
वर्जन
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पैनल में शामिल निजी अस्पतालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निजी अस्पतालों ने एक-एक गांव गोद लिया है। निजी अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से गोद लिए गांव में कार्ड बनाए जाएंगे। - डॉ. प्रमोद शर्मा, उप सिविल सर्जन, सिरसा ।
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एक लाख 80 हजार से कम आय वाले लोगों को पांच लाख तक की स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए सरकार ने उन्हें आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है। चिरायु योजना के तहत सरकार ने जिले के पांच लाख 17 हजार लाभार्थियों को शामिल किया गया था, लेकिन इनमें से अभी तक तीन लाख 8 हजार 185 लाभार्थियों के ही कार्ड बनाए गए हैं। चिरायु योजना में शामिल दो लाख 9 हजार लाभार्थियों के अब तक कार्ड नहीं बनाए गए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना पैनल में शामिल 45 निजी अस्पतालों को एक-एक गांव गोद दिया है। निजी अस्पतालों की ओर से इन गांवों में कैंप लगाकर लाभार्थियों के कार्ड तैयार किए जाएंगे। कई निजी अस्पतालों ने खुद ही गांव का चयन किया है तो कई निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव दिया गया है।
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जिले में 59.58 फीसदी लाभार्थियों के बने कार्ड
चिरायु योजना में लाभार्थियों की ओर से कार्ड न बनाए जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य भी तय समय से गिरता जा रहा है। विभाग ने अभी तक केवल 59.58 फीसदी लाभार्थियों के ही कार्ड बनाए गए हैं। लाभार्थियों को कार्ड संबंधित जानकारी न होने के कारण वह एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटने को भी मजबूर होते हैं और बिना कार्ड बनाए ही वापस लौट रहे हैं।
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आयुष्मान मित्रों की हड़ताल के कारण लोगों को हो रही परेशानी
नागरिक अस्पताल आयुष्मान मित्र योजना के तहत रखे गए कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पांच दिनों से धरने पर बैठे हैं। इसके कारण नए लाभार्थियों के कार्ड तैयार नहीं हो पा रहे है। आयुष्मान योजना में शामिल कई लाभार्थी इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे है। यहां पर उनका इलाज किया जा रहा है। नया कार्ड बनवाने के लिए पहुंचने वाले लाभार्थियों को इस खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
वर्जन
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पैनल में शामिल निजी अस्पतालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निजी अस्पतालों ने एक-एक गांव गोद लिया है। निजी अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से गोद लिए गांव में कार्ड बनाए जाएंगे। - डॉ. प्रमोद शर्मा, उप सिविल सर्जन, सिरसा ।