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Sirsa News: डीडीए की कुर्सी खाली, किसानों के काम अटके
Wed, 07 Oct 2026 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 07 Oct 2026 10:37 PM IST
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सिरसा। जिले में डीडीए की कुर्सी लंबे समय से खाली है और किसानों के काम अटक रहे हैं। फतेहाबाद के डीडीए को सिरसा का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने से विभागीय कामकाज प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने स्थायी अधिकारी की नियुक्ति की मांग उठाई है।
संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त शांतनु शर्मा को ज्ञापन सौंपा। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि सिरसा प्रदेश का सबसे बड़ा कृषि प्रधान जिला है। राज्य की करीब 10 प्रतिशत कृषि भूमि यहां है। कपास, धान और गेहूं उत्पादन में भी जिला अग्रणी है। इसके बावजूद डीडीए का पद लंबे समय से रिक्त है। औलख ने कहा कि एक अधिकारी के पास दो जिलों का जिम्मा होने से किसानों से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं। खरीफ 2025 के फसल बीमा प्रीमियम वापसी और क्लेम विवादों के निपटारे के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठकें नहीं हो पा रही हैं। कई किसान मुआवजे के इंतजार में हैं।
उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के कृषि यंत्रों की सब्सिडी, मेरी फसल मेरा ब्योरा और धान की सीधी बिजाई की प्रोत्साहन राशि से जुड़े सत्यापन व पोर्टल की समस्याएं भी लंबित हैं। इस मौके पर बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली, मनजीत सिंह भदोल, जगदेव सिंह रघुआणा और हरभेत सिंह मौजूद रहे।
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संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त शांतनु शर्मा को ज्ञापन सौंपा। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि सिरसा प्रदेश का सबसे बड़ा कृषि प्रधान जिला है। राज्य की करीब 10 प्रतिशत कृषि भूमि यहां है। कपास, धान और गेहूं उत्पादन में भी जिला अग्रणी है। इसके बावजूद डीडीए का पद लंबे समय से रिक्त है। औलख ने कहा कि एक अधिकारी के पास दो जिलों का जिम्मा होने से किसानों से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं। खरीफ 2025 के फसल बीमा प्रीमियम वापसी और क्लेम विवादों के निपटारे के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठकें नहीं हो पा रही हैं। कई किसान मुआवजे के इंतजार में हैं।
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उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के कृषि यंत्रों की सब्सिडी, मेरी फसल मेरा ब्योरा और धान की सीधी बिजाई की प्रोत्साहन राशि से जुड़े सत्यापन व पोर्टल की समस्याएं भी लंबित हैं। इस मौके पर बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली, मनजीत सिंह भदोल, जगदेव सिंह रघुआणा और हरभेत सिंह मौजूद रहे।
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