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ढाणियों में बल्ब की जगह जलता है दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Wed, 03 Sep 2014 11:51 PM IST
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हरियाणा सरकार द्वारा प्रत्येक गांव-ढाणी में बिजली, प्रत्येक गांव में पानी देने के वायदे यहां झूठे साबित हो रहे हैं। साथ ही नंबर वन हरियाणा की पोल खुलती सरेआम दिखाई दे रही है।
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गांव फतेहपुरिया, मैहना, चक्कां, कुस्सर के साथ लगती ढाणियों में पिछले 10 वर्षों से न तो पीने के पानी की व्यवस्था की गई है और न ही बिजली की कोई व्यवस्था है।
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इन गांव की आसपास की दर्जनों ढाणियों में सैकड़ों लोग रह रहे हैं जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित नजर आ रहे हैं और अपने मूलभूत अधिकारों को प्राप्त करने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार विधान सभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
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रात को जलाते हैं लालटेन या दीप
ढाणियों में रहने वाले लोगों को बिजली की सुविधा भी नहीं उपलब्ध करवाई गई है। लोगों को बिजली न होने से अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय खाना बनाने के लिए, बच्चों को पढ़ने के लिए लालटेन या दीए की रोशनी का सहारा लेना पड़ रहा है। ढाणियों में रहने वाले विजय, जय सिंह, रामेश्वर, गिरधारीलाल, सुरेंद्र, हनुमान ढाका, रामजीलाल एचरा, राम ढाका, नरेश, प्यारे लाल, सावत्री, राज बाला, कृष्णा, कमलेश, धापी देवी, महेंद्र, नारायण, रमेश आदि का कहना है कि बिना बिजली के उनका जीवन अंधकारमय है।
पिछले 10 सालों से अपने जीवन को रोशनी देने के लिए प्रशासन व सरकार से अपनी मांग के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभाग व प्रशासन चुप्पी साध रखी हैं।
300 रुपये में खरीदना पड़ता है पानी
ढाणियों के लोगों को पीने के पानी के लिए आसपास के ट्यूबवेलों से पानी लाना पड़ता है। जब वहां भी पानी उपलब्ध न हो तो ऐसे में उन्हें मजबूर होकर 300 रुपये प्रति कैंटर पानी खरीदना पड़ रहा है। नंबर वन हरियाणा सरकार कहलाने वाली इस क्षेत्र के लोगों के लिए बेखबर व चुप्पी साधे हुए है।
मांग न पूरी होने पर होगा चुनाव का बहिष्कार
उन्होंने बताया कि वे अनेक बार बिजली विभाग के एसडीई, एसडीएम, सरपंच के अलावा अनेक प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं के पास जाकर गुहार कर चुके हैं, लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा और कुछ हासिल नहीं हुआ।
उन्होंने विधान सभा चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना लिया है। अगर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे पूर्णत: चुनाव का बहिष्कार करेंगे और नंबर वन हरियाणा की पोल मीडिया के सामने खोलेंगे।
क्या बोले विभाग के अधिकारी
बिजली विभाग के एसडीई किताब सिंह खोखर ने सहमति जताते हुए कहा कि उन्हें जैसे उच्च अधिकारी आदेश देते हैं, ठीक उसी तरह कार्य करना पड़ता है।
वे अपनी मर्जी से कोई भी कार्य नहीं कर सकते। ढाणियों में बिजली देने की कवायत चल रही है। विधानसभा के चुनाव से पहले पहले सभी ढाणियों में बिजली मुहैया करवा दी जाएगी।