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अटल कैंटीन पर संकट : मार्केटिंग बोर्ड ने बंद की सब्सिडी तो बिगड़ा बजट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 12:12 AM IST
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Crisis on Atal Canteen: Marketing Board stopped subsidy and spoiled the budget
अटल किसान मजदूर कैंटीन में मजदूर खाना खाते हुए। - फोटो : Sirsa
सिरसा। शहर की अनाज मंडी में करीब डेढ़ साल पहले सांसद की उपस्थिति में जोर-शोर से शुरू की गई अटल कैंटीन बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। राज्य कृषि विपणन विभाग ने कैंटीन चलाने के लिए सब्सिडी देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में 10 महिलाओं के ग्रुप से शुरू हुई कैंटीन में अब केवल दो महिलाएं रह गई हैं। ऐसे में अब कैंटीन में मिलने वाली थाली का मूल्य भी 10 से बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया गया है। केवल फसली सीजन में ही 10 रुपये थाली मिल पाएगी, वह भी तब, जब पर्याप्त बजट मिलता रहा तो।
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किसान और मजदूर को मात्र दस रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने वाली अटल किसान मजदूर कैंटीन पर भी महंगाई का असर पड़ गया है। जिसके तहत अब मजदूरों व किसानों को सीजन में ही 10 रुपये की थाली मिल पाएगी। इसके अलावा आम दिनों में कैंटीन में 20 रुपये थाली मिलेगी। वहीं बढ़ती महंगाई के चलते राज्य कृषि विपणन विभाग ने कैंटीन चलाने के लिए दी जानी वाली सब्सिडी को बंद कर दिया है। विभाग द्वारा अब फसलों की खरीद सीजन में ही सब्सिडी दी जाएगी। गरीब किसान व मजदूर को भरपेट खाना खिलाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता की महिलाओं द्वारा शहर की अनाज मंडी में पिछले दो साल से कैंटीन चलाई जा रही है। जिसमें कुल 10 महिलाएं कैंटीन का संचालन कर रही थी। लेकिन विभाग द्वारा सब्सिडी से हाथ पीछे खींचने के बाद मात्र 2 ही महिलाएं इस समय कैंटीन का संचालन कर रही है।
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सब्सिडी बंद होने से बिगड़ा बजट
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से जागृति महिला क्लस्टर संगठन के तहत 10 महिलाओं का समूह नई अनाज मंडी में अटल किसान मजदूर कैंटीन की रसोई चला रहा है। कैंटीन हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के तहत किसान भवन में चलाई जा रही है। जिसमें महिलाएं एक रसोई का संचालन कर रही है। कैंटीन में आने वाले मजदूर और किसानों को मात्र 10 रुपये में ही भरपेट खाना मिलता है। ऐसे में महिलाओं को 10 रुपये पलेट के और 15 रुपये की सब्सिडी मिलती थी। लेकिन अब सब्सिडी के बंद हो जाने के बाद रसोई का बजट डगमगा गया है। ऐसे में महिलाओं के लिए रसोई का संचालन करना मुश्किल हो गया है। अब इस ग्रुप में केवल दो महिलाएं रह गई हैं, बाकी महिलाएं छोड़कर जा चुकी है। इतना ही नहीं अब कैंटीन पर बिकने वाली थाली की संख्या भी कम हो गई है। पहले प्रतिदिन 300 से ज्यादा थाली बिकती थी, लेकिन अब केवल 50 थाली ही दिन भर में बिकती हैं। वहीं साल में दो बार मार्च से मई और सितंबर से नवंबर फसल खरीद का सीजन आता है। जिसके तहत किसानों को 10 रुपये ही थाली मिलेगी।
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राज्य कृषि विपणन विभाग ने सब्सिडी को सीजनल कर दिया है। जिसके तहत 10 रुपये में खाने की थाली सिर्फ सीजन में ही मिलेगी। लेकिन थाली को ज्यादा महंगा नहीं किया गया है। वहीं अगर थालियों की संख्या ज्यादा हो जाती है तो थाली का मूल्य भी कम हो जाएगा। वहीं स्वरोजगार चलाने वाली महिलाओं के लिए कैंटीन का संचालन करना भी आसान होगा।

- दयानंद जांगड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीण आजीविका मिशन सिरसा।
कैंटीन को लेकर बोर्ड ने फैसला बदला है। अब केवल फसली सीजन में ही कैंटीन के लिए बजट जारी किया जा रहा है। 15 सितंबर 15 नवंबर और 15 मार्च से 15 मई तक ही बोर्ड की ओर बजट दिया जाएगा।
-विकास सेतिया, सचिव, मार्केट कमेटी, सिरसा।

अटल किसान मजदूर कैंटीन में 20 रुपये थाली का लगा पोस्टर।

अटल किसान मजदूर कैंटीन में 20 रुपये थाली का लगा पोस्टर। - फोटो : Sirsa

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