फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Crisis of urea fertilizer, 10 centers run in the city, many center operators did not reach even till 2 pm

यूरिया खाद का संकट, शहर में चलाए 10 केंद्र, दोपहर दो बजे तक भी नहीं पहुंचे कई केंद्र संचालक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jan 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
Crisis of urea fertilizer, 10 centers run in the city, many center operators did not reach even till 2 pm
अनाज मंडी में यूरिया खाद लेने के लिए कतार में लगे किसान। - फोटो : Sirsa
सिरसा। लगातार मौसम खराब रहने के कारण गेहूं की फसल अब पीली पड़नी शुरू हो चुकी है। जिसके कारण यूूरिया खाद की मांग भी पहले से बढ़ गई। सिरसा में यूरिया खाद के दो रैक पहुंचने के बाद किसानों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। कृषि विभाग की ओर से अलग-अलग 10 स्थानों पर वितरण केंद्र बनाए गए। लेकिन इनमें से कई केंद्र तो दोपहर दो बजे तक भी नहीं खुले। सुबह चार बजे ही किसान केंद्रों के बाहर आकर लाइनों में लगना शुरू हो गए। लेकिन देर शाम तक किसानों को खाद का वितरण नहीं हो पाया।
विज्ञापन

सिरसा में बीते शनिवार को चंबल फर्टिलाइजर और आईपीएल के दो रैक लगे है। जिसमें 4100 एमटी खाद का स्टॉक पहुंचा है। इनमें से कुछ स्टाक ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा गया है जबकि कुछ शेष स्टाक सिरसा की प्राइवेट दुकानदारों को दिया गया है। किसानों को खाद लेने के लिए परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए अधिकारियों की ओर से 10 केंद्र बनाए गए थे। लेकिन इनमें से कई केंद्र संचालक को दोपहर दो बजे तक खाद वितरित करने के लिए टोकन काटने तक नहीं पहुंचे। किसान खाद लेने के लिए एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर चक्कर काटते रहे। लेकिन कई दुकानदारों ने स्टाक अनुसार लाइन में खड़े दुकानदारों के टोकन काट दिए तो कई किसान एक जगह से दूसरी जगह पर भटकते रहे।
विज्ञापन

इफको का लगना है रैक, पहुंचेंगी 2500 एमटी खाद
सोमवार को इफको रैक लगेगा। जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में खाद का स्टाक अधिक सप्लाई किया जाएगा ताकि किसानों को खाद लेने के लिए शहर में न पहुंचना पड़े। वहीं अब सोमवार को इफको का रैक लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में खाद पहुंचाई जाएगी। रैक में करीब 2500 एमटी खाद सिरसा जिले में पहुंचेंगे। ऐसे में किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान बोले: चक्कर काटने को है मजबूर, सुबह की लगी है लंबी कतार
अनाज मंडी में खाद लेने के लिए पहुंचे किसान सुखदेव सिंह, राजेंद्र कुमार, रामप्रकाश, सहीराम, रघु सिंह ने बताया कि वह सुबह चार बजे खाद लेने के लिए लाइन में लगे थे। मंडी में पहुंचने के बाद न तो खाद किस केंद्र पर मिलेगी इसकी जानकारी थी और न ही दुकान के बाहर कोई जानकारी देने वाले व्यक्ति था। ऐसे में उन्होंने अधिकारियों के साथ भी संपर्क साधने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें कहीं से भी जानकारी नहीं मिली। जिसके बाद अन्य किसानों को लाइन में लगा देखा तो वह भी कतार में लगना शुरू हो गए। सुबह जब कई दुुकानदार मंडी में पहुंचे तो उन्होंने खाद न होने की बात जिसके बाद उन्हें दूसरी दुकान के बाहर लगी लाइन में लगने पर मजबूर होना पड़ा।

देर शाम तक किसानों की लगी रही लंबी कतारें
दोपहर तक कई खरीद केंद्र न खुलने से किसानों को देर शाम तक लाइन में ही लगना पड़ा। दोपहर बाद टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू हुई तो किसानों में भी धक्का मुक्की होना शुरू हो गई। कई किसान दूसरी तरफ से भाग कतार में लगते हुए दिखाई दिए। जिसके कारण लाइन में पहले से खड़े किसानों ने उनका विरोध भी किया और लाइन से उन्हें बाहर निकाल दिया। जबकि कई दुकानों पर पहुंचा स्टाक दोपहर बाद ही खत्म हो गया और किसानों को वापस लौटा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed