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फर्जी आरसी बना गाड़ियां बेचने वाला सरगना काबू, 17 वाहन बरामद, उत्तर भारत में फैला है गिरोह

Fri, 22 Jan 2021 11:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 22 Jan 2021 11:07 PM IST
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The main accused who sold vehicles by making fake RC has arrested from Rohtak
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

हरियाणा के सिरसा जिले की सीआईए पुलिस ने फर्जी आरसी बनाकर गाड़ियों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना को काबू कर लिया है। आरोपी की पहचान रोहतक के सुभाष नगर निवासी सुनील चितकारा उर्फ आशु के रूप में हुई है। अभी तक पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 17 गाड़ियां बरामद की है। जिला पुलिस के अनुसार यह गिरोह पूरे उत्तर भारत में फैला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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डीएसपी डबवाली कुलदीप सिंह बेनीवाल व सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि सीआईए सिरसा पुलिस को लगातार फर्जी आरसी वाली गाड़ियां अवैध रूप से चलाने के बारे में सूचनाएं मिल रही थीं। 14 जनवरी को सीआईए टीम को सूचना मिली थी कि रोहतक निवासी सुनील गाड़ियों की फर्जी आरसी तैयार करवाता है, जिसने कुछ गाड़ियां सिरसा में भी बेची हैं। 
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इस पर सीआईए सिरसा पुलिस ने तीनों गाड़ियों को सिरसा से बरामद कर लिया। जब इनकी जांच की गई तो गाड़ियों में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। गाड़ी मालिकों ने बताया कि उन्होंने गाड़ियां सुनील चितकारा के मार्फत खरीद रखी हैं, जिस पर सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह व सहायक उप निरीक्षक अवतार सिंह के नेतृत्व में एक टीम रोहतक भेजी गई। टीम ने रोहतक से मुख्य सरगना सुनील चितकारा को काबू कर लिया।
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फाइनेंस वाली गाड़ियों को ऑनलाइन बोली से खरीदता था आरोपी
डीएसपी कुलदीप सिंह बेनीवाल ने बताया कि आरोपी से पूछताछ पर पता चला कि आरोपी बैंकों की फाइनेंस वाली गाड़ियों को महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल व कर्नाटक से ऑनलाइन बोली के माध्यम से खरीदता और फिर सरकारी टैक्स बचाने के लिए फर्जी बैंक अथॉरिटी प्रमाण पत्र खुद तैयार करता।


इसके लिए गाड़ी के चेसिस नंबर से भी छेड़छाड़ की जाती, ताकि ऑनलाइन नंबर डालने से गाड़ी का पुराना नंबर पता न चले और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की भी नकली रिपोर्ट खुद तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर करता। इसके बाद गाड़ी को मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर से पास न करवाकर खुद ही फर्जी तरीके से पास करता था। इस फर्जीवाड़े में रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी व सरल केंद्र जगाधरी में इंचार्ज यमुनानगर का लक्ष्मी नगर निवासी अमित कुमार आरोपी से मिला हुआ था, जो 60-65 हजार रुपये प्रति गाड़ी लेकर फर्जी तरीके से पास करवाता था।

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