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कालांवाली के गांव सिंघपुरा पुलिस चौकी में पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध हालात में मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:51 AM IST
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हवालाती की मौत
- फोटो : bureau
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कालांवाली क्षेत्र के गांव सिंघपुरा पुलिस चौकी में रविवार की रात हिरासत में लिए गए तीन युवकों में से एक युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पुलिस मौत को हार्टअटैक बता रही है तो वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है।
जानकारी अनुसार हांसी क्षेत्र के ढाणी कुतुबपुर निवासी करीब 26 वर्षीय संदीप कुमार खेतीबाड़ी करता था। रविवार को वह अपने दोस्त अमित से मिलने सिरसा गोशाला मोहल्ले के पास आया हुआ था। वहां से वह बाइक लेकर कालांवाली क्षेत्र में स्थित दादू रोड पर चला गया। इसी दौरान वहां राजस्थान के गांव गालड़ निवासी राजेश कुमार व राजपुरिया निवासी विकास उसे मिले। तीनों एक माइनर पर खड़े थे। इसी दौरान सिंघपुरा चौकी पुलिस गश्त करती हुई वहां से निकली। पुलिस ने तीनों युवकों को शक के आधार पर तीनों से पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने अपनी पहचान बताई, जिसके बाद पुलिस तीनों को चौकी ले गई। चौकी में तीनों से पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान तीनों युवकों से पुलिस को करीब एक लाख 15 हजार की नगदी भी बरामद हुई।
रात्रि को पुलिस ने तीनों को खाना खिलाया और वे सो गए। हालांकि युवकों ने पहचान के तौर पर गांव के सरपंच से भी पुलिस की बात करवाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। इसके बाद में रात में करीब दो बजे संदीप के सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद युवकों ने पुलिस को बताया। पुलिस कर्मियों ने तुरंत संदीप को कालांवाली के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत हो जाने के बाद पुलिस ने न तो दोनों युवकों को उसकी मौत के बारे बताया और न ही उसके परिजनों को, जिससे उनकी कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है।
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उधर मृतक के साले सूरज और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि अगर संदीप की मौत हार्ट अटैक से हुई तो पुलिस ने सुबह उन्हें क्यों बताया? तीनों युवकों से फोन क्यों छीन लिए। अगर दोनों युवक नशा खरीदने आए थे तो उन्हें सुबह क्यों छोड़ दिया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह होता है। सूरज का आरोप है कि संदीप से उसे एक लाख रुपए लेने थे और वह उसे ही देने के लिए आ रहा था। वहीं राजेश के पास भी मिली 18 हजार की नगदी, जो उसने संदीप को देनी थी। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में लापरवाही बरती है, जिसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहना है मृतक के दोनों दोस्तों का
संदीप के साथ पकड़े गए दोनों युवक राजेश व विकास ने बताया कि वे तीनों दादू रोड पर एक माइनर के पास खड़े थे। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी आकर उनके पास रुकी और तीनों को गाड़ी में डाल लिया। चौकी में ले जाने के बाद पुलिस ने तीनों से पूछताछ की, जिसपर उन्होंने सब कुछ बता दिया। पुलिस ने तीनों से मोबाइल व रुपये छीन लिए। हालांकि उन्होंने पहचान के लिए गांव के सरपंच से भी पुलिस से बातचीत करवाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। युवकों का आरोप है कि संदीप की मौत रात्रि को हो गई थी, लेकिन पुलिस ने सुबह उन्हें बताया, जिसके बाद संदीप के फोन से ही उसके परिजनों को घटना बाबत सूचित किया। युवकों का कहना है कि पुलिस ने लापरवाही की है, जिसकी जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहते हैं एसएचओ
सिंघपुरा चौकी प्रभारी कैलाश चंद्र ने बताया कि रविवार गश्त के दौरान उन्होंने तीनों युवकों को हिरासत में लिया था। इसके बाद तीनों को वे चौकी लेकर गए थे। तीनों के पास नगदी बरामद हुई, जिस पर उन्हें शक था की वे नशा खरीदने आए थे। तीनों को उन्होंने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और सुबह को छोड़ने की बात कही। रात को संदीप के छाती में दर्द हुआ, जिस पर वे उसे एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां युवक की मौत हो गई। उधर पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि युवक की मौत हार्टअटैक से हुई है वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी अनुसार हांसी क्षेत्र के ढाणी कुतुबपुर निवासी करीब 26 वर्षीय संदीप कुमार खेतीबाड़ी करता था। रविवार को वह अपने दोस्त अमित से मिलने सिरसा गोशाला मोहल्ले के पास आया हुआ था। वहां से वह बाइक लेकर कालांवाली क्षेत्र में स्थित दादू रोड पर चला गया। इसी दौरान वहां राजस्थान के गांव गालड़ निवासी राजेश कुमार व राजपुरिया निवासी विकास उसे मिले। तीनों एक माइनर पर खड़े थे। इसी दौरान सिंघपुरा चौकी पुलिस गश्त करती हुई वहां से निकली। पुलिस ने तीनों युवकों को शक के आधार पर तीनों से पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने अपनी पहचान बताई, जिसके बाद पुलिस तीनों को चौकी ले गई। चौकी में तीनों से पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान तीनों युवकों से पुलिस को करीब एक लाख 15 हजार की नगदी भी बरामद हुई।
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रात्रि को पुलिस ने तीनों को खाना खिलाया और वे सो गए। हालांकि युवकों ने पहचान के तौर पर गांव के सरपंच से भी पुलिस की बात करवाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। इसके बाद में रात में करीब दो बजे संदीप के सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद युवकों ने पुलिस को बताया। पुलिस कर्मियों ने तुरंत संदीप को कालांवाली के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत हो जाने के बाद पुलिस ने न तो दोनों युवकों को उसकी मौत के बारे बताया और न ही उसके परिजनों को, जिससे उनकी कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है।
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उधर मृतक के साले सूरज और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि अगर संदीप की मौत हार्ट अटैक से हुई तो पुलिस ने सुबह उन्हें क्यों बताया? तीनों युवकों से फोन क्यों छीन लिए। अगर दोनों युवक नशा खरीदने आए थे तो उन्हें सुबह क्यों छोड़ दिया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह होता है। सूरज का आरोप है कि संदीप से उसे एक लाख रुपए लेने थे और वह उसे ही देने के लिए आ रहा था। वहीं राजेश के पास भी मिली 18 हजार की नगदी, जो उसने संदीप को देनी थी। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में लापरवाही बरती है, जिसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहना है मृतक के दोनों दोस्तों का
संदीप के साथ पकड़े गए दोनों युवक राजेश व विकास ने बताया कि वे तीनों दादू रोड पर एक माइनर के पास खड़े थे। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी आकर उनके पास रुकी और तीनों को गाड़ी में डाल लिया। चौकी में ले जाने के बाद पुलिस ने तीनों से पूछताछ की, जिसपर उन्होंने सब कुछ बता दिया। पुलिस ने तीनों से मोबाइल व रुपये छीन लिए। हालांकि उन्होंने पहचान के लिए गांव के सरपंच से भी पुलिस से बातचीत करवाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। युवकों का आरोप है कि संदीप की मौत रात्रि को हो गई थी, लेकिन पुलिस ने सुबह उन्हें बताया, जिसके बाद संदीप के फोन से ही उसके परिजनों को घटना बाबत सूचित किया। युवकों का कहना है कि पुलिस ने लापरवाही की है, जिसकी जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहते हैं एसएचओ
सिंघपुरा चौकी प्रभारी कैलाश चंद्र ने बताया कि रविवार गश्त के दौरान उन्होंने तीनों युवकों को हिरासत में लिया था। इसके बाद तीनों को वे चौकी लेकर गए थे। तीनों के पास नगदी बरामद हुई, जिस पर उन्हें शक था की वे नशा खरीदने आए थे। तीनों को उन्होंने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और सुबह को छोड़ने की बात कही। रात को संदीप के छाती में दर्द हुआ, जिस पर वे उसे एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां युवक की मौत हो गई। उधर पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि युवक की मौत हार्टअटैक से हुई है वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई की जाएगी।