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हत्यारोपी को पुलिस कस्टडी में मारी गोली
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 11 Nov 2015 12:49 AM IST
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पंजाब से सिरसा अदालत में पेशी पर आ रहे एक हत्यारोपी को बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में पुलिस कस्टडी के बीच गोली मार दी।
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मानसा पुलिस हत्यारोपी अमनदीप को पुलिस पंजाब रोडवेज की बस में बैठाकर सिरसा आ रही थी। गांव पनिहारी के पास बस सवारियों को उतारने के लिए जैसे रुकी उसी समय तीन बदमाश बस में घुसे और पुलिस सुरक्षा में बैठे अमनदीप पर गोली दाग दी।
गोली लगने से घायल आरोपी को पुलिस ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। गैंगवार का पता चलते ही सिरसा का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही फतेहाबाद पुलिस अधीक्षक संगीता ने पुलिस को जल्द से जल्द बदमाशों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
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जानकारी के अनुसार सिरसा जिले के गांव रोड़ी निवासी अमनदीप सिंह के खिलाफ रोड़ी थाने में वर्ष 2012 को फायरिंग करने व मारपीट का केस दर्ज हुआ था।
अमनदीप का मानसा जिला के गांव जटाना कलां में ससुराल है। आरोप है कि छह माह पहले उसने जटाना कलां में अपने साथी सुखविंद्र के साथ मिलकर इसी गांव के राजू की हत्या कर दी थी। इसके बाद से दोनों हत्यारोपी मानसा जेल में बंदी हैं।
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मंगलवार को मारपीट और गोली चलाने के मामले में अमनदीप की सिरसा अदालत में पेशी थी। सुबह पंजाब पुलिस के चार कर्मचारी अमनदीप को जेल से निकालकर उसे पंजाब रोडवेज की बस में बैठाकर सिरसा पेशी पर ला रहे थे।
बस सदर थाना क्षेत्र के गांव पनिहारी बस अड्डे पर सवारियां उतारने के लिए रुकी और इसी दौरान तीन बदमाश बस में घुस गए। पुलिस से बेखौफ बदमाशों ने पुलिस कस्टडी में ही अमनदीप को सीधा गोली मार दी। इसके बाद बदमाश बाइक में सवार होकर फरार हो गए। वारदात को जिस अंदाज से अंजाम दिया गया उससे पंजाब पुलिस को जवाबी कार्रवाई का मौका तक नहीं मिला।
वारदात से सिरसा और सरदुलगढ़ पुलिस में हड़कंप
सुबह दस बजकर 45 मिनट पर हुई इस वारदात की सूचना जैसे पुलिस अधिकारियों को मिली उनमें हड़कंप मच गया। थाना सदर प्रभारी बलवंत सिंह दस मिनट पर वारदात स्थल पर पहुंच गए।
इसके बाद पंजाब की सरदुलगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। घायल हत्यारोपी अमनदीप को पहले सरदूलगढ़ के सिविल अस्पताल में ले जाया गया।
डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक होते देख उसे सिरसा रेफर कर दिया। इसके बाद घायल को सिरसा के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके शरीर से गोली निकाली। गनीमत रही कि गोली कंघे के पास लगी, नहीं तो हत्यारोपी का बचना मुश्किल था।
पांच टीमों ने पंजाब में डाला डेरा, छापेमारी जारी
वारदात की सूचना मिलते ही सिरसा जिले का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही फतेहाबाद पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया ने अधिकारियों को जल्द से जल्द बदमाशों को दबोचने का आदेश दिया।
उन्होंने पांच टीमों का गठन किया। एक टीम डीएसपी हैडक्वार्टर जगदीश काजला के नेतृत्व में, दूसरी टीम सदर थाना प्रभारी बलवंत सिंह, तीसरी सीआईए प्रभारी यादविंद्र सिंह, चौथी टीम साइबर सेल इंचार्ज और पांचवीं टीम स्पेशल स्टाफ की गठित की। पांचों टीमें घटना के बाद से पंजाब में बदमाशों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
बदमाशों की हुई पहचान
कुख्यात बदमाश एवं हत्यारोपी अमनदीप को पुलिस हिरासत में गोली मारने वाले बदमाशों की पहचान हो गई है। तीनों पंजाब के गांव जटाना कलां निवासी मोटा सिंह, मिक्का सिंह व दर्शन सिंह थे। दर्शन सिंह ने अपने भाई राजू को मौत के घाट उतारने वाले अमनदीप की हत्या करके बदला लेना चाहता था।
उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। तीनों बाइक पर सवार होकर बस के पीछे-पीछे सिरसा आ रहे थे। जैसे ही पनिहारी के पास बस रुकी उसी समय तीनों बस में घुस और पुलिस हिरासत में हत्यारोपी अमनदीप को गोली मार दी। पंजाब पुलिस के पास एके 47 थी लेकिन उन्हें जवाबी कार्रवाई का समय ही नहीं मिला।
बदमाशों के करीब पहुंची पुलिस
सिरसा पुलिस की पांच टीमें पंजाब के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस बदमाशों के करीब पहुंच चुकी है। देर रात तक बदमाशों को दबोच लिया जाएगा। घायल हवालाती का बयान दर्ज कर करके जटाना कलां निवासी दर्शन सिंह, मिक्का सिंह व मोटा सिंह के खिलाफ धारा 307 व शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
बलवंत सिंह, सदर थाना प्रभारी, सिरसा।