सिरसा: जेल में बंदी ने फंदा लगाकर दी जान, परिजनों ने लगाए पुलिस पर परेशान करने के आरोप, पोक्सो एक्ट में था बंद
परिजनों ने कहा कि तीन बार मिलने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने बाहर से ही लौटाया। मृतक के पिता बोले कि बेटे ने बीते दिन शाम को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था।
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हरियाणा के सिरसा में पोक्सो एक्ट में जेल गए बंदी ने बैरक में स्थित बाथरूम में सोमवार को फंदा लगा आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की सूचना उनके परिजनों को दी। परिजनों के बयान दर्ज कर करने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया। अक्कावाली फतेहाबाद हाल गोशाला मोहल्ला निवासी मृतक के पिता चरणजीत ने बताया कि उसका 19 वर्षीय बेटे रमनदीप को पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर सात जनवरी को जेल में भेजा गया था।
इस दौरान उन्होंने अपने बेटे से मिलने के लिए कई बार प्रयास किया लेकिन पुलिस की ओर से कोरोना का हवाला देकर उन्हें हर बार वापस भेज दिया गया। उसके लिए भेजे जाने वाले कपड़ों को भी लौटा दिया गया। लेकिन सोमवार सुबह उनके पास पुलिस का फोन आया कि उनके बेटे को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
जिसके बाद वे सिरसा आ रहे थे कि रास्ते में ही उन्हें फिर से फोन आया कि उनके बेटे ने जेल के बैरक में फंदा लगा लिया था और जिसके कारण उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि जेल में पुलिस या अन्य किसी बंदी की ओर से उसे परेशान किया जा रहा था।
जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उन्होंने बताया कि बीते दिन रविवार शाम को भी उसके पास बेटे का फोन आया और उनको मिलने के लिए जेल में बुलाया था। लेकिन पुलिस की ओर से बार-बार वापस भेज देने के कारण वह एक बार भी बेटे से नहीं मिल पाए। मृतक के पिता ने मामले की जांच उच्च अधिकारियों से करवाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
कंबल को फाड़कर बनाया था फंदा, रोशनदान में लगाया
जानकारी के अनुसार सात जनवरी को जेल में बंद कैदियों को जब जेल कर्मचारी बाहर निकालने के लिए गए तो देखा रमनदीप ने बैरक के बाथरूम में लगे हुए रोशनदान के साथ कंबल के एक टुकड़े को फाड़कर फंदा लगाया हुआ था। जेल कर्मचारी उसे फंदे से उतारकर जांच के लिए नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे। लेकिन यहां पर डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जेल कर्मियों ने मामले की सूचना उनके परिजनों को दी।
पहले भी आ चुके हैं जेल में फंदे लगाने के मामले
जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसी माह की 14 फरवरी को जेल में बंद बंदी हाकम ने भी फंदा लगा आत्महत्या कर ली थी। मृतक के भाई जगविंद्र सिंह ने अन्य बंदियों द्वारा परेशान करने के आरोप लगाए थे। जबकि इससे पहले 29 दिसंबर को भी जेल में बंद बंदी पीर बस्ती निवासी अनिल कुमार ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अनिल ने डिस्पेंसरी के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या की थी।
परिजनों के ब्यान दर्ज किए गए हैं। पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी जेल में बंद था। सुबह जेल कर्मचारियों की ओर से मामले की सूचना दी गई। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया है। परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। -अभय, जांच अधिकारी, हुडा चौकी।