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नगर परिषद के 30 गलियों के टेंडर को लेकर पार्षदों और ठेकेदारों ने किया हंगामा
Updated Sat, 14 Apr 2018 01:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
नगर परिषद सिरसा में पार्षदों की आपसी खींचतान के चलते विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। जो भी कार्य शुरू होता है वह विवादों में घिर जाता हैै। अब 30 गलियों के निर्माण को लेकर खोले गए 54 में 10 टेंडर रद्द कर दिए गए तो विरोधी पार्षदों और ठेकेदारों ने परिषद कार्यालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एक साजिश के तहत फाइल गायब करने का आरोप लगाया है। उधर कार्यकारी अधिकारी और एमई का कार्य देख रहे मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ श्रवण कुमार ने कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार है और ठेकेदारों की गलतफहमी दूर करने का प्रयास जारी है।
नगर में 30 गलियों के निर्माण को लेकर 10 अप्रैल को टेेंडर आमंत्रित किए गए थे जो 12 अप्रैल को खोले गए। प्रदर्शनकारी ठेकेदार विजय झूंथरा, दलीप कुमार, लीलाधर शर्मा, दीपक कुमार, सुशील सैैनी, राहुल कुमार, अजीत भांदू, केंडी, पार्षद राजेंद्र कुमार, जयन इसां, रोहताश, पार्षद प्रतिनिधि राजेेश शर्मा, दौलतराम सुखरालिया, हरिश कुमार, राजेश डाबर, गोपीचंद और परिषद के उप प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि जिस समय टेंडर खोले गए उस समय किसी जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया। एक पार्षद प्रतिनिधि और प्रधान का भतीजा मौजूद था। उन्होंने बताया कि 30 गलियों के लिए 54 टेंडर डाले गए थे जिनमें से 10 रद्द कर दिए गए पर अधिकारियों ने रद्द किए गए दस टेंडर की फाइल ही गायब कर दी। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने ऐसा एक साजिश के तहत किया है। अधिकारी अपने चहेते ठेकेदरों को 16 अप्रैल को खुलने वाले टेंडर में शामिल कर उन्हें लाभ पहुंचाना चाहते हैं। प्रदर्र्शन में शामिल पार्षद और पार्षद प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
प्रधान के कक्ष में डाला डेरा
प्रदर्शनकारियाें ने कार्यकारी अधिकारी और प्रधान से मिलने के लिए प्रधान के कक्ष में डेरा डाले रखा। प्रदर्शनकारी फोन पर अधिकारियों से संपर्क करते रहे पर कोई नहीं आया। दो बजे प्रदर्शनकारी ईओ के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और परिषद प्रधान और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उप प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि वे परिषद के उप प्रधान हैं पर उन्हें भी कोई सूचना समय पर नहीं दी जाती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परिषद प्रशासन की कोई साजिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।
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फाइल पूरी नहीं थी
टेंडर डालने वाले ठेकेदार को फाइल पूरी करके देनी होती है। फाइलों पर फर्म का नाम तक नहीं था, ऐसे में टेंडर रद्द ही किए जाने थे। प्रदर्शनकारियों के आरोप निराधार हैैं।
-वीरेंद्र सिंह सहारण, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
गलतफहमी हैै दूर कर दी जाएगी
कुछ ठेकेदार तो ऐसे हैै जो पहले काम करवा चुके हैैं पर उनकी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। अब जिन ठेकेदरों ने टेंडर डाले थे वे उनकी ही वजह से रद्द हुए हैं। फाइल ही पूरी नहीं थी। फाइल पूरी न होेने पर टेंडर को रद्द कर दिया जाता है। इसे लेकर ठेकेदारों को कुछ गलतफहमी हो र्गई है जिसे दूर कर दिया जाएगा। वैसे जब टेंडर खोले गए थे तो उसकी वीडियोग्राफी करवाई गई थी।
-श्रवण कुमार, एसडीओ मार्केटिंग बोर्ड, कार्यकारी एर्मई नगर परिषद सिरसा
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सिरसा।
नगर परिषद सिरसा में पार्षदों की आपसी खींचतान के चलते विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। जो भी कार्य शुरू होता है वह विवादों में घिर जाता हैै। अब 30 गलियों के निर्माण को लेकर खोले गए 54 में 10 टेंडर रद्द कर दिए गए तो विरोधी पार्षदों और ठेकेदारों ने परिषद कार्यालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एक साजिश के तहत फाइल गायब करने का आरोप लगाया है। उधर कार्यकारी अधिकारी और एमई का कार्य देख रहे मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ श्रवण कुमार ने कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार है और ठेकेदारों की गलतफहमी दूर करने का प्रयास जारी है।
नगर में 30 गलियों के निर्माण को लेकर 10 अप्रैल को टेेंडर आमंत्रित किए गए थे जो 12 अप्रैल को खोले गए। प्रदर्शनकारी ठेकेदार विजय झूंथरा, दलीप कुमार, लीलाधर शर्मा, दीपक कुमार, सुशील सैैनी, राहुल कुमार, अजीत भांदू, केंडी, पार्षद राजेंद्र कुमार, जयन इसां, रोहताश, पार्षद प्रतिनिधि राजेेश शर्मा, दौलतराम सुखरालिया, हरिश कुमार, राजेश डाबर, गोपीचंद और परिषद के उप प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि जिस समय टेंडर खोले गए उस समय किसी जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया। एक पार्षद प्रतिनिधि और प्रधान का भतीजा मौजूद था। उन्होंने बताया कि 30 गलियों के लिए 54 टेंडर डाले गए थे जिनमें से 10 रद्द कर दिए गए पर अधिकारियों ने रद्द किए गए दस टेंडर की फाइल ही गायब कर दी। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने ऐसा एक साजिश के तहत किया है। अधिकारी अपने चहेते ठेकेदरों को 16 अप्रैल को खुलने वाले टेंडर में शामिल कर उन्हें लाभ पहुंचाना चाहते हैं। प्रदर्र्शन में शामिल पार्षद और पार्षद प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
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प्रधान के कक्ष में डाला डेरा
प्रदर्शनकारियाें ने कार्यकारी अधिकारी और प्रधान से मिलने के लिए प्रधान के कक्ष में डेरा डाले रखा। प्रदर्शनकारी फोन पर अधिकारियों से संपर्क करते रहे पर कोई नहीं आया। दो बजे प्रदर्शनकारी ईओ के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और परिषद प्रधान और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उप प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि वे परिषद के उप प्रधान हैं पर उन्हें भी कोई सूचना समय पर नहीं दी जाती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परिषद प्रशासन की कोई साजिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।
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फाइल पूरी नहीं थी
टेंडर डालने वाले ठेकेदार को फाइल पूरी करके देनी होती है। फाइलों पर फर्म का नाम तक नहीं था, ऐसे में टेंडर रद्द ही किए जाने थे। प्रदर्शनकारियों के आरोप निराधार हैैं।
-वीरेंद्र सिंह सहारण, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
गलतफहमी हैै दूर कर दी जाएगी
कुछ ठेकेदार तो ऐसे हैै जो पहले काम करवा चुके हैैं पर उनकी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। अब जिन ठेकेदरों ने टेंडर डाले थे वे उनकी ही वजह से रद्द हुए हैं। फाइल ही पूरी नहीं थी। फाइल पूरी न होेने पर टेंडर को रद्द कर दिया जाता है। इसे लेकर ठेकेदारों को कुछ गलतफहमी हो र्गई है जिसे दूर कर दिया जाएगा। वैसे जब टेंडर खोले गए थे तो उसकी वीडियोग्राफी करवाई गई थी।
-श्रवण कुमार, एसडीओ मार्केटिंग बोर्ड, कार्यकारी एर्मई नगर परिषद सिरसा