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बस ड्राइवर का आरोप पीए ने कहा था कि परीक्षा नियंत्रक के परिजनों से लिखवाकर लाना कि मौत एक हादसा थी,

Tue, 24 Jul 2018 02:40 AM IST
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:40 AM IST
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बस ड्राइवर का आरोप पीए ने कहा था कि परीक्षा नियंत्रक के परिजनों से लिखवाकर  लाना कि मौत एक हादसा थी,
सीडीएलयू के बस ड्राइवर ने वीसी के पीए के खिलाफ दी परेशान करने की शिकायत
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सिरसा। सीडीएलयू के बस ड्राइवर ने रजिस्ट्रार को शिकायत लिखकर वीसी के पीए होरीलाल शर्मा और सहायक हेमंत कुमार पर परेशान करने के आरोप लगाए है।
बस ड्राइवर मलख राज ने अपनी शिकायत में लिखा है कि वह परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर के सुसाइड के बाद डेड बॉडी उनके गांव में ले जाने के लिए एंबुलेंस के साथ गया। मुझे पांच हजार रुपये हेमंत कुमार सहायक ने ओबीसी बैंक के आगे दिए और तीस हजार रुपये होरी लाल शर्मा ने भिजवाए। मैंने पांच हजार रुपये एंबुलेंस चालक को दिए और दो अन्य एंबुलेंस चालक का खर्चा मैंने अपनी जेब से करीब 2500 रुपये दिए। करीब एंबुलेंस का खर्च 41 हजार रुपये आया। एंबुलेंस चालक को मैने अपनी जेब से पैसे दिए। जब मैने पीए से अपने खर्च किए गए पैसे मांगे तो उन्होंने कहा कि जो काम तुझे दिया गया तो वो तो तूने किया नहीं। दोनों ने मेरे का प्रोफेसर प्रवीण अगमकर के भाईयों व पत्नी से यह लिखवाने के लिए कहा था कि परीक्षा नियंत्रक की मौत एक हादसा है वह हमें इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं करवानी। बस ड्राइवर ने कहा कि वहां का माहौल देखकर मेरी हिम्मत नहीं हुई। लेकिन अब दोनों ने पांच हजार रुपये जमा करवाने का पत्र थमा दिया। जबकि मैने अपनी जेब से एंबुलेंस चालक को पैसे दिए।

पांच हजार रुपये का हिसाब किताब न देने के लिए रचा गया ड्रामा: होरी लाल
दूसरी ओर वीसी के पीए होरी लाल शर्मा का कहना है कि परीक्षा नियंत्रक की बॉडी छत्तीसगढ़ ले जाने के लिए एंबुलेंस तैयार की गई। इसके लिए बस ड्राइवर मलख राज को पांच हजार रुपये सरकारी खाते से एडवांस में दिए गए, लेकिन डेड बॉडी फिर बड़ी एंबुलेंस में लेकर जाई गई। करीब 30 हजार रुपये ओर दिए गए। ताकि रास्ते में तेल और पैसों की दिक्कत न आए। जब ड्राइवर वापस आया तो उसे बिल जमा करवाने के लिए कहा गया, लेकिन ड्राइवर ने पांच हजार रुपये के बिल जमा नहीं करवाए। यह पैसा सरकारी खाते से दिया गया। उसे बिल जमा करवाने के लिए पत्र लिखा गया। लेकिन तब भी जमा नहीं करवाए। हमने रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर पूरा मामला संज्ञान में लाया है। परीक्षा नियंत्रक के परिवार से कार्रवाई न करवाने के लिखित में लिखवाने के आरोप बेबुनियाद है। पांच हजार रुपये का हिसाब किताब न देने के लिए यह ड्रामा रचा जा रहा है।
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कोट्स
मेरे पास बस ड्राइवर ने शिकायत दी है, लेकिन अभी मैंने शिकायत पढ़ी नहीं है।
असीम मिगलानी, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
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