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तीन करोड़ की ठगी व लूटपाट मामले में डीजीपी ने किया एसआईटी का गठन ़
Updated Sat, 05 May 2018 10:28 PM IST
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एसआईटी की टीम पहुंची सिरसा, आरोपियों को किया नोटिस जारी, 15 आरोपियों के खिलाफ डिंग थाने में दर्ज है केस
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। गांव कोटली के एक व्यक्ति से लूटपाट व तीन करोड़ की ठगी मामले में पुलिस महानिदेशक एसपी हिसार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। शनिवार को एसआईटी की टीम एसआई दयाराम के नेतृत्व में सिरसा पहुंची और आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ में शामिल होने के निर्देश दिए। ठगी और लूटपाट के इस मामले में 11 फरवरी 2018 को 12 आरोपियों के खिलाफ डिंग थाना में केस दर्ज हुुआ था। एसआईटी ने इस मामले में तीन ओर लोगों को आरोपी बनाया है। नामजद आरोपियों में कोटली निवासी दलीप, अमित व चरण सिंह शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार गांव कोटली निवासी रमेश कुमार ने कुछ लोगों के साथ मिलकर गांव में ही प्राची गैस कंपनी की एजेंसी ली थी। इसमें कई लोग पार्टनर थे। पार्टनरों ने रमेश कुमार से धोखाधड़ी करके तीन करोड़ रुपये हड़प लिए। 11 दिसंबर 2014 को पार्टनरों ने गुड़े भेजकर रमेश कुमार का अपहरण करवा लिया। अपहरण करने में जिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ वह आरोपी सत्यनारायण व कोशी जोसन की थी। अपहरणकर्ता ने पिस्तोल के बल पर रमेश से खाली चेकों व कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए और जबरन नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। रमेश को जब होश आया तो वह हिसार के एक प्राइवेट अस्पताल में था। हाईकोर्ट के निर्देश पर फतेहाबाद डीएसपी ने इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर डिंग थाना पुलिस ने तीन करोड़ की ठगी व लूटपाट करने के आरोप में कोटली निवासी बलबीर, सत्यनारायण, सुमित , दीपेश , दवित, आशीष, धर्मपाल, चरण सिंह, भारतीय एनर्जी वोटलिंग प्राइवेेट लि. कंपनी के कर्मचारी, अजय कुमार हैदराबाद, खालिद गाजियाबाद व प्रवीण कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया। रमेश कुमार ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर गुहार लगाई थी कि उसे सिरसा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं है। इसलिए अन्य जिले की पुलिस से मामलेे की जांच करवाई जाए। डीजीपी ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हिसार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया।
किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में कई ओर आरोपी भी शामिल पाए गए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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एसआई दयाराम, जांच अधिकारी, एसआईटी
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। गांव कोटली के एक व्यक्ति से लूटपाट व तीन करोड़ की ठगी मामले में पुलिस महानिदेशक एसपी हिसार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। शनिवार को एसआईटी की टीम एसआई दयाराम के नेतृत्व में सिरसा पहुंची और आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ में शामिल होने के निर्देश दिए। ठगी और लूटपाट के इस मामले में 11 फरवरी 2018 को 12 आरोपियों के खिलाफ डिंग थाना में केस दर्ज हुुआ था। एसआईटी ने इस मामले में तीन ओर लोगों को आरोपी बनाया है। नामजद आरोपियों में कोटली निवासी दलीप, अमित व चरण सिंह शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार गांव कोटली निवासी रमेश कुमार ने कुछ लोगों के साथ मिलकर गांव में ही प्राची गैस कंपनी की एजेंसी ली थी। इसमें कई लोग पार्टनर थे। पार्टनरों ने रमेश कुमार से धोखाधड़ी करके तीन करोड़ रुपये हड़प लिए। 11 दिसंबर 2014 को पार्टनरों ने गुड़े भेजकर रमेश कुमार का अपहरण करवा लिया। अपहरण करने में जिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ वह आरोपी सत्यनारायण व कोशी जोसन की थी। अपहरणकर्ता ने पिस्तोल के बल पर रमेश से खाली चेकों व कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए और जबरन नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। रमेश को जब होश आया तो वह हिसार के एक प्राइवेट अस्पताल में था। हाईकोर्ट के निर्देश पर फतेहाबाद डीएसपी ने इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर डिंग थाना पुलिस ने तीन करोड़ की ठगी व लूटपाट करने के आरोप में कोटली निवासी बलबीर, सत्यनारायण, सुमित , दीपेश , दवित, आशीष, धर्मपाल, चरण सिंह, भारतीय एनर्जी वोटलिंग प्राइवेेट लि. कंपनी के कर्मचारी, अजय कुमार हैदराबाद, खालिद गाजियाबाद व प्रवीण कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया। रमेश कुमार ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर गुहार लगाई थी कि उसे सिरसा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं है। इसलिए अन्य जिले की पुलिस से मामलेे की जांच करवाई जाए। डीजीपी ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हिसार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया।
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किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में कई ओर आरोपी भी शामिल पाए गए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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