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सिरसा सीडीएलयू में प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासनिक भवन में की तोड़फोड
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बुधवार को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विवि प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जब कुलपति कार्यालय तक जाना चाह तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
इस बीच छात्रों ने तोड़फोड़ करते हुए गेट और शीशे तोड़ डाले। तनाव की स्थिति को देखते हुए विवि प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। पुरुष और महिला पुलिस कर्मियों ने आकर मोर्चा संभाला तब कही जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। कुलपित ने छात्रों से समस्याओं की समाधान के लिए दस दिन का समय मांगा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर मांग पूरी न हुई तो छह मार्च से बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
एसएफआई के बैनर तले छात्र प्रशासनिक भवन के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर अमृत मान, विनोद गिल, रीतू, एकम, प्रमोद कुमार, संजय कुमार सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सुबह करीब 10 बजेे विवि परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता एसएफआई की जिला प्रधान रीतू ने की। प्रदर्शन को इनसो की इकाई ने भी समर्थन दिया। विवि में प्रदर्शन करते हुए सभी छात्र वीसी कार्यालय के समक्ष धरना देकर बैठ गए। काफी देर तक कुलपति के न आने पर विद्यार्थियों ने मांगों को लेकर एक ज्ञापन कुलपति को सौंपने के लिए प्रशासनिक भवन में प्रवेश करने लगे तो वहां पर सुरक्षाकर्मियों ने विद्यार्थियों को प्रशासनिक भवन में जाने से रोक दिया। इस पर छात्र-छात्राओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारी छात्रों की धक्का मुक्की शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने धक्के मारकर प्रशासनिक भवन का गेट तोड़ दिया और खिड़की के शीशे तोड़ डाले। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौके पर पुलिस को बुलाया। पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों ने छात्र-छात्राओं को समझा कर शांत किया। पुलिसकर्मी गेट के बाहर सुरक्षा घेरा डालकर खड़े हो गए, ताकि कोई प्रदर्शन अंदर न जा सके। दोपहर बाद कुलपति डॉ. विजय कायत ने फेडरेशन के पदाधिकारियों को अपने कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया। करीब पौने घंटे समस्याओं पर चर्चा हुई और वीसी के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने धरना स्थगित कर दिया।
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वीसी ने मांगा दस दिन का समय
करीब पौने घंटे कुलपति के साथ चली बातचीत के बाद अमृत मान, विनोद गिल, रीतू, एकम, प्रमोद कुमार, संजय कुमार ने कुलपति कार्यालय से बाहर आकर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को बताया कि वीसी को विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा गया है। कुलपति ने इन सभी समस्याओं का समाधान 10 दिन में करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि अगर पांच मार्च तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो छह मार्च से फिर से आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक भवन के गेट किसी भी छात्र-छात्राओं नहीं तोड़ा बल्कि गेट में प्रवेश करने के दौरान सुरक्षा कर्मियों के धक्का-मुक्की में टूटा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी ओर से कोई तोड़फोड़ नहीं की गई है।
इन समस्याओं को लेकर सौंपा वीसी को ज्ञापन
विद्यार्थियों की मांग है कि विवि कैंपस में 24 घंटे मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जाए, फ्री बस पास की सुविधा लागू की जाए, बस स्टैंड से विवि तक नियमित बस सेवा शुरू की जाए, गर्ल्स हॉस्टल में स्थापित सैनेट्री पैड मशीन को सुचारू रूप से शुरू किया जाए, एससी और बीसी के छात्रों को तुरंत छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए, विवि में विद्यार्थियों से संबंधित योजनाओं को लेकर सहायता केंद्र स्थापित किया जाए, शिक्षण संस्थानों में छेड़छाड़ और गुंडागर्दी की घटनाओं पर रोक लगाई जाए, खराब पड़े कंप्यूटर को ठीक करवाया जाए, विवि में न्यूनतम रेट वाली कैंटीन का प्रबंध करवाया जाए, ब्वॉयज हॉस्टल की ओर जाने वाले मार्ग को पक्का किया जाए, हॉस्टल के अंदर जिम के लिए ट्रेनर का प्रबंध किया जाए, डीएमसी और रिजल्ट समय पर त्रुटि रहित जारी किया जाए, विवि में आईटी प्लेसमेंट सेल की स्थापना की जाए, लॉ डिपार्टमेंट में शीघ्र वाईफाई की व्यवस्था की जाए, विवि में विकलांगों के लिए रैंप की व्यवस्था की जाए, विवि में स्थापित लैब में उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं।
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सिरसा।
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बुधवार को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विवि प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जब कुलपति कार्यालय तक जाना चाह तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
इस बीच छात्रों ने तोड़फोड़ करते हुए गेट और शीशे तोड़ डाले। तनाव की स्थिति को देखते हुए विवि प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। पुरुष और महिला पुलिस कर्मियों ने आकर मोर्चा संभाला तब कही जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। कुलपित ने छात्रों से समस्याओं की समाधान के लिए दस दिन का समय मांगा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर मांग पूरी न हुई तो छह मार्च से बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
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एसएफआई के बैनर तले छात्र प्रशासनिक भवन के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर अमृत मान, विनोद गिल, रीतू, एकम, प्रमोद कुमार, संजय कुमार सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सुबह करीब 10 बजेे विवि परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता एसएफआई की जिला प्रधान रीतू ने की। प्रदर्शन को इनसो की इकाई ने भी समर्थन दिया। विवि में प्रदर्शन करते हुए सभी छात्र वीसी कार्यालय के समक्ष धरना देकर बैठ गए। काफी देर तक कुलपति के न आने पर विद्यार्थियों ने मांगों को लेकर एक ज्ञापन कुलपति को सौंपने के लिए प्रशासनिक भवन में प्रवेश करने लगे तो वहां पर सुरक्षाकर्मियों ने विद्यार्थियों को प्रशासनिक भवन में जाने से रोक दिया। इस पर छात्र-छात्राओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारी छात्रों की धक्का मुक्की शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने धक्के मारकर प्रशासनिक भवन का गेट तोड़ दिया और खिड़की के शीशे तोड़ डाले। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौके पर पुलिस को बुलाया। पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों ने छात्र-छात्राओं को समझा कर शांत किया। पुलिसकर्मी गेट के बाहर सुरक्षा घेरा डालकर खड़े हो गए, ताकि कोई प्रदर्शन अंदर न जा सके। दोपहर बाद कुलपति डॉ. विजय कायत ने फेडरेशन के पदाधिकारियों को अपने कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया। करीब पौने घंटे समस्याओं पर चर्चा हुई और वीसी के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने धरना स्थगित कर दिया।
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वीसी ने मांगा दस दिन का समय
करीब पौने घंटे कुलपति के साथ चली बातचीत के बाद अमृत मान, विनोद गिल, रीतू, एकम, प्रमोद कुमार, संजय कुमार ने कुलपति कार्यालय से बाहर आकर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को बताया कि वीसी को विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा गया है। कुलपति ने इन सभी समस्याओं का समाधान 10 दिन में करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि अगर पांच मार्च तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो छह मार्च से फिर से आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक भवन के गेट किसी भी छात्र-छात्राओं नहीं तोड़ा बल्कि गेट में प्रवेश करने के दौरान सुरक्षा कर्मियों के धक्का-मुक्की में टूटा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी ओर से कोई तोड़फोड़ नहीं की गई है।
इन समस्याओं को लेकर सौंपा वीसी को ज्ञापन
विद्यार्थियों की मांग है कि विवि कैंपस में 24 घंटे मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जाए, फ्री बस पास की सुविधा लागू की जाए, बस स्टैंड से विवि तक नियमित बस सेवा शुरू की जाए, गर्ल्स हॉस्टल में स्थापित सैनेट्री पैड मशीन को सुचारू रूप से शुरू किया जाए, एससी और बीसी के छात्रों को तुरंत छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए, विवि में विद्यार्थियों से संबंधित योजनाओं को लेकर सहायता केंद्र स्थापित किया जाए, शिक्षण संस्थानों में छेड़छाड़ और गुंडागर्दी की घटनाओं पर रोक लगाई जाए, खराब पड़े कंप्यूटर को ठीक करवाया जाए, विवि में न्यूनतम रेट वाली कैंटीन का प्रबंध करवाया जाए, ब्वॉयज हॉस्टल की ओर जाने वाले मार्ग को पक्का किया जाए, हॉस्टल के अंदर जिम के लिए ट्रेनर का प्रबंध किया जाए, डीएमसी और रिजल्ट समय पर त्रुटि रहित जारी किया जाए, विवि में आईटी प्लेसमेंट सेल की स्थापना की जाए, लॉ डिपार्टमेंट में शीघ्र वाईफाई की व्यवस्था की जाए, विवि में विकलांगों के लिए रैंप की व्यवस्था की जाए, विवि में स्थापित लैब में उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं।