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न्यायिक हिरासत में मौत का मामला :

Fri, 09 Jun 2017 12:32 AM IST
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:32 AM IST
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न्यायिक हिरासत में मौत का मामला :
अमर उजाला ब्यूरो
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ओढां।
न्यायिक हिरासत में ओढां निवासी रामनाथ की हुई मौत के मामले में मृतक के परिवार के लोग पुलिस से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें झूठा आश्वासन दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आरोपी पुलिस कर्मी सस्पेंड नहीं किए गए तो वे प्रदर्शन करेंगे।
बता दें कि डीएसपी व एसएचओ द्वारा आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शव को घर ले गए थे और शव का अंतिम संस्कार वीरवार सुबह किया गया। इस मामले को लेकर वीरवार सुबह पीड़ित पक्ष के लोग थाना प्रभारी से मिले। उनका कहना था कि पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड नहीं अपितु लाइन हाजिर कर औपचारिकता निभाई हैं। थाना प्रभारी बलवंत जस्सू ने उन्हें समझाते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिख दिया है। इसके अलावा इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच भी की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित पक्ष के लोगों ने एसएचओ के ड्राइवर पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त पुलिसकर्मी का उनके मोहल्ले के एक घर में आना-जाना है। जिसकी वजह से मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा। इससे पहले भी कुछ समय पूर्व इस मामले को लेकर थाना में काफ ी बवाल भी हुआ था। लेकिन उक्त पुलिसकर्मी ने पुन: उस घर में आना-जाना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उक्त कर्मचारी को यहां से पुलिस लाइन में भेज दिया है। पीड़ित पक्ष को जब थाना प्रभारी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के दस्तावेज दिखाए।
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एसएसपी से मिला पीड़ित पक्ष
इस मामले को लेकर पीड़ित पक्ष के लोग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता से भी मिले। एसएसपी को बताया कि थाना के एएसआई व एसए ने 50 हजार रुपये की रिश्वत न देने के चलते शारीरिक यातनाएं दीं जिससे ही रामनाथ की मौत हुई है। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें एएसपी हिमांशु गर्ग के पास भेज दिया। एएसपी ने इस मामले में जांच करने की बात कही है।

विवादों में रही है ओढां पुलिस
सेवा सुरक्षा व सहयोग का दम भरने वाली ओढां पुलिस का विवादों से पुराना नाता है। कुछ समय पूर्व भी तत्कालीन थाना प्रभारी दले राम महला व अन्य स्टाफ पर एक समझौते मामले में जंडवाला के एक व्यक्ति से करीब एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगे थे जिसकी जांच तत्कालीन डीएसपी सत्यपाल यादव द्वारा की गई थी। इसके अलावा कु छ माह पूर्व तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह पर भी जंडवाला के पूर्व सरपंच ने 14 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में ओढां थाना में मुकदमा दर्ज है। एक और थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी भी कुछ इसी तरह के मामले को लेकर चर्चित रह चुके हैं।

कार्रवाई कर दी है
दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन में भेजने व सस्पेंड करने के लिए एएसपी को संदेश भेज दिया है। इसके अतिरिक्त चालक पवन की मिली शिकायत के चलते उसे भी लाइन में भेज दिया है। मृतक रामनाथ के मामले की मजिस्ट्रेट जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

-बलवंत जस्सू, थाना प्रभारी

बॉक्स :
इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है और हम भी जांच करेंगे कि आखिर मौत का कारण क्या रहा। फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-हिमांशु गर्ग, एएसपी सिरसा।
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न्यायिक हिरासत में मौत का मामला :
पीड़ित पक्ष बोला पुलिस ने दिया झूठा आश्वासन
थाना प्रभारी बोले हमने तो कर दी है कार्रवाई की सिफारिश
एसएचओ के ड्राइवर पर भी उठी अंगुली, भेजा लाइन में
एसएसपी से मिले पीड़ित, कहा दोनों पुलिसकर्मी हैं मौत के जिम्मेदार
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