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अलीकां पैक्स घोटाला मामला आरोपी आठ अधिकारियों को नोटिस जारी,
Updated Thu, 08 Feb 2018 01:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ओढां (ब्यूरो)।
अलीकां पैक्स में एक करोड़ 14 लाख 50 हजार 383 रुपये के घोटाले के मामले में विभाग द्वारा आठ आरोपियों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं जिनमें सात शाखा प्रबंधक व एक पैक्स प्रबंधक शामिल है। आरोपियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिन के अंदर गबन की राशि जमा करवाएं अन्यथा वे पुलिस कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। आरोपियों को उनके कार्यकाल में हुए गबन के हिसाब से नोटिस जारी किए गए हैं। गबन के मुख्य आरोपी अलीकां पैक्स प्रबंधक सुभाष चंद के कार्यकाल में कुल एक करोड़ 14 लाख 50 हजार 383 रुपये की राशि का गबन हुआ। तत्कालीन शाखा प्रबंधक देवेंद्र पारीक को 83 लाख रुपये का नोटिस थमाया गया है। पारीक दो वर्ष तक प्रबंधक पद पर रहा। विभाग का कहना है कि उसके समय में सबसे ज्यादा घोटाला हुआ। वहीं वर्ष 2012-13 में शाखा प्रबंधक रहे मोहन लाल को एक लाख रुपये का नोटिस दिया गया है। मोहन लाल वर्ष 2012-13 मेें करीब एक माह तक शाखा प्रबंधक पद पर रहा। इसके बाद वर्ष 2014 में वह सेवानिवृत्त हो गया। वहीं वर्ष 2016-17 में करीब तीन माह तक शाखा प्रबंधक का पद संभालने वाले बीरबल राम को सात लाख रुपये का नोटिस दिया गया है। बीरबल परिहार को करीब दो माह पूर्व देसूजोधा में शाखा प्रबंधक के पद से सस्पेंड किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2012-13 में अलीकां शाखा प्रबंधक रहे राजेंद्र कड़वासरा को साढे़ छह लाख का नोटिस थमाया गया है। आरोपी कड़वासरा 2015 में सेवानिवृत्त हो गया था। इसके अलावा शाखा प्रबंधक रहे सतपाल सिंगला, क्लर्क सुभाष भांभू व धर्मवीर साहु सहित उक्त आठों आरोपियों को नोटिस के साथ ही सख्त निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन के भीतर अगर गबन की राशि की रिकवरी नहीं की गई तो उनके खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए लिखा जाएगा।
दो माह पूर्व किए थे पांच आरोपी सस्पेंड
गौरतलब हो कि मौजगढ़ के किसान सुखदेव सिंह ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज करवाते हुए इस घोटाले से पर्दा उठाया था। इसके बाद जांच करवाई गई तो जांच अधिकारी आशीष बिश्नोई ने अपनी रिपोर्ट में खारियां शाखा में प्रबंधक के पद पर तैनात धर्मवीर सिंह, अबूबशहर में तैनात क्लर्क सुभाष भांभू, देसूजोधा के शाखा प्रबंधक बीरबल राम, डबवाली शाखा में लेखाकार देवेंद्र पारीक, केहरवाला शाखा के क्लर्क एवं मुख्य आरोपी सुुभाष चंद को दोषी ठहराया था। इसके बाद करीब दो माह पूर्व पांच आरोपियों को सस्पेंड किया गया था और तीन सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक थे। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी सुभाष चंद ने जांच अधिकारी को दिए बयान में कहा था वह अस्वस्थ होने के चलते तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजेंद्र कड़वासरा, देवेंद्र पारीक व बीरबल राम से ही कच्ची पेंसिल से जोड़ लगवाता था और विश्वास के चलते वह उन्हें पक्का कर हस्ताक्षर कर देता था।
उल्लेखनीय है कि जांच अधिकारी आशीष बिश्नोई ने सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डबवाली को सौंपी जांच रिपोर्ट में तत्कालीन विकास अधिकारी रायसिंह, रमेश जमालिया, आत्मा राम, मौजूदा कार्यवाहक महाप्रबंधक सुरेंद्र भादू केे अलावा श्रीराम को भी गबन का सह-आरोपी बनाया था। लेकिन बाद में सहायक रजिस्ट्रार डबवाली ने जांच रिपोर्ट को ताक पर रखते हुए उक्त पांचों अधिकारियों को आरोप मुक्त कर दिया था। वहीं इस मामले में शिकायतकर्ता सुखदेव सिंह का आरोप है कि सहायक रजिस्ट्रार डबवाली ने उसके द्वारा डाली गई सीएम विंडो की शिकायत को अपलोड करते समय पांचों विकास अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई व एफआईआर दर्ज करवाने का उल्लेख किया था। लेकिन शिकायत अपलोड होने के बाद आरोपित पांचों विकास अधिकारियों को आरोप मुक्त कर दिया गया।
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सुभाष चंद को दो बार भेजा रिकवरी नोटिस, नहीं दिया जवाब
गबन मामले को लेकर विगत वर्ष की 25 दिसंबर को बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बोर्ड ने मुख्य आरोपी सुभाष चंद से गबन की वसूली व उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की अनुमति प्रदान करने का प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव को सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डबवाली के माध्यम से उप-रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हिसार को भेजा गया। बताया जा रहा है कि सहायक रजिस्ट्रार डबवाली ने आरोपी पैक्स प्रबंधक सुभाष चंद को रिकवरी के लिए दो बार नोटिस भेजा था लेकिन आरोपी ने इसकी कोई परवाह न करते हुए कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार गबन की शिकायत मिलने के बाद विभाग द्वारा स्पेशल ऑडिट भी करवाई जा रही है तो वहीं सहकारी बैंक की ओर से भी एक टीम अपने स्तर पर जांच कर रही है।
15 दिन का समय दिया है
इस मामले में सहायक रजिस्ट्रार डबवाली की ओर से आठ आरोपियों को हमारे कार्यालय के माध्यम से रिकवरी नोटिस दिए गए हैं। इस मामले में चार शाखा प्रबंधकों व एक पैक्स प्रबंधक को जांच के बाद सस्पेंड किया गया था। आरोपियों को रिकवरी के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। सीबी कार्यालय की ओर से भी डीईओ देवीलाल पर आधारित टीम भी अपने स्तर पर जांच कर रही है।
-सुरेंद्र भादू, कार्यवाहक महाप्रबंधक (सीबी सिरसा)
नहीं तो कानूनी कार्रवाई होगी
हां इस मामले में आठ आरोपियों को रिकवरी नोटिस दिए गए हैं अगर आरोपी 15 दिन के भीतर रिकवरी नहीं करवाते तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-एसएन वर्मा, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डबवाली
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आठ अधिकारियों को रिकवरी नोटिस, 15 दिन में गबन की राशि नहीं भरी तो होगा केस
अलीकां पैक्स घोटाला मामला: दो माह पूर्व आरोपी हुए थे सस्पेंड
गबन मामले में सात शाखा प्रबंधक और एक पैक्स प्रबंधक शामिल
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ओढां (ब्यूरो)।
अलीकां पैक्स में एक करोड़ 14 लाख 50 हजार 383 रुपये के घोटाले के मामले में विभाग द्वारा आठ आरोपियों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं जिनमें सात शाखा प्रबंधक व एक पैक्स प्रबंधक शामिल है। आरोपियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिन के अंदर गबन की राशि जमा करवाएं अन्यथा वे पुलिस कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। आरोपियों को उनके कार्यकाल में हुए गबन के हिसाब से नोटिस जारी किए गए हैं। गबन के मुख्य आरोपी अलीकां पैक्स प्रबंधक सुभाष चंद के कार्यकाल में कुल एक करोड़ 14 लाख 50 हजार 383 रुपये की राशि का गबन हुआ। तत्कालीन शाखा प्रबंधक देवेंद्र पारीक को 83 लाख रुपये का नोटिस थमाया गया है। पारीक दो वर्ष तक प्रबंधक पद पर रहा। विभाग का कहना है कि उसके समय में सबसे ज्यादा घोटाला हुआ। वहीं वर्ष 2012-13 में शाखा प्रबंधक रहे मोहन लाल को एक लाख रुपये का नोटिस दिया गया है। मोहन लाल वर्ष 2012-13 मेें करीब एक माह तक शाखा प्रबंधक पद पर रहा। इसके बाद वर्ष 2014 में वह सेवानिवृत्त हो गया। वहीं वर्ष 2016-17 में करीब तीन माह तक शाखा प्रबंधक का पद संभालने वाले बीरबल राम को सात लाख रुपये का नोटिस दिया गया है। बीरबल परिहार को करीब दो माह पूर्व देसूजोधा में शाखा प्रबंधक के पद से सस्पेंड किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2012-13 में अलीकां शाखा प्रबंधक रहे राजेंद्र कड़वासरा को साढे़ छह लाख का नोटिस थमाया गया है। आरोपी कड़वासरा 2015 में सेवानिवृत्त हो गया था। इसके अलावा शाखा प्रबंधक रहे सतपाल सिंगला, क्लर्क सुभाष भांभू व धर्मवीर साहु सहित उक्त आठों आरोपियों को नोटिस के साथ ही सख्त निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन के भीतर अगर गबन की राशि की रिकवरी नहीं की गई तो उनके खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए लिखा जाएगा।
दो माह पूर्व किए थे पांच आरोपी सस्पेंड
गौरतलब हो कि मौजगढ़ के किसान सुखदेव सिंह ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज करवाते हुए इस घोटाले से पर्दा उठाया था। इसके बाद जांच करवाई गई तो जांच अधिकारी आशीष बिश्नोई ने अपनी रिपोर्ट में खारियां शाखा में प्रबंधक के पद पर तैनात धर्मवीर सिंह, अबूबशहर में तैनात क्लर्क सुभाष भांभू, देसूजोधा के शाखा प्रबंधक बीरबल राम, डबवाली शाखा में लेखाकार देवेंद्र पारीक, केहरवाला शाखा के क्लर्क एवं मुख्य आरोपी सुुभाष चंद को दोषी ठहराया था। इसके बाद करीब दो माह पूर्व पांच आरोपियों को सस्पेंड किया गया था और तीन सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक थे। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी सुभाष चंद ने जांच अधिकारी को दिए बयान में कहा था वह अस्वस्थ होने के चलते तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजेंद्र कड़वासरा, देवेंद्र पारीक व बीरबल राम से ही कच्ची पेंसिल से जोड़ लगवाता था और विश्वास के चलते वह उन्हें पक्का कर हस्ताक्षर कर देता था।
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उल्लेखनीय है कि जांच अधिकारी आशीष बिश्नोई ने सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डबवाली को सौंपी जांच रिपोर्ट में तत्कालीन विकास अधिकारी रायसिंह, रमेश जमालिया, आत्मा राम, मौजूदा कार्यवाहक महाप्रबंधक सुरेंद्र भादू केे अलावा श्रीराम को भी गबन का सह-आरोपी बनाया था। लेकिन बाद में सहायक रजिस्ट्रार डबवाली ने जांच रिपोर्ट को ताक पर रखते हुए उक्त पांचों अधिकारियों को आरोप मुक्त कर दिया था। वहीं इस मामले में शिकायतकर्ता सुखदेव सिंह का आरोप है कि सहायक रजिस्ट्रार डबवाली ने उसके द्वारा डाली गई सीएम विंडो की शिकायत को अपलोड करते समय पांचों विकास अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई व एफआईआर दर्ज करवाने का उल्लेख किया था। लेकिन शिकायत अपलोड होने के बाद आरोपित पांचों विकास अधिकारियों को आरोप मुक्त कर दिया गया।
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सुभाष चंद को दो बार भेजा रिकवरी नोटिस, नहीं दिया जवाब
गबन मामले को लेकर विगत वर्ष की 25 दिसंबर को बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बोर्ड ने मुख्य आरोपी सुभाष चंद से गबन की वसूली व उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की अनुमति प्रदान करने का प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव को सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डबवाली के माध्यम से उप-रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हिसार को भेजा गया। बताया जा रहा है कि सहायक रजिस्ट्रार डबवाली ने आरोपी पैक्स प्रबंधक सुभाष चंद को रिकवरी के लिए दो बार नोटिस भेजा था लेकिन आरोपी ने इसकी कोई परवाह न करते हुए कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार गबन की शिकायत मिलने के बाद विभाग द्वारा स्पेशल ऑडिट भी करवाई जा रही है तो वहीं सहकारी बैंक की ओर से भी एक टीम अपने स्तर पर जांच कर रही है।
15 दिन का समय दिया है
इस मामले में सहायक रजिस्ट्रार डबवाली की ओर से आठ आरोपियों को हमारे कार्यालय के माध्यम से रिकवरी नोटिस दिए गए हैं। इस मामले में चार शाखा प्रबंधकों व एक पैक्स प्रबंधक को जांच के बाद सस्पेंड किया गया था। आरोपियों को रिकवरी के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। सीबी कार्यालय की ओर से भी डीईओ देवीलाल पर आधारित टीम भी अपने स्तर पर जांच कर रही है।
-सुरेंद्र भादू, कार्यवाहक महाप्रबंधक (सीबी सिरसा)
नहीं तो कानूनी कार्रवाई होगी
हां इस मामले में आठ आरोपियों को रिकवरी नोटिस दिए गए हैं अगर आरोपी 15 दिन के भीतर रिकवरी नहीं करवाते तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-एसएन वर्मा, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डबवाली
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आठ अधिकारियों को रिकवरी नोटिस, 15 दिन में गबन की राशि नहीं भरी तो होगा केस
अलीकां पैक्स घोटाला मामला: दो माह पूर्व आरोपी हुए थे सस्पेंड
गबन मामले में सात शाखा प्रबंधक और एक पैक्स प्रबंधक शामिल