अदालत परिसर की सुरक्षा में लगी सेंध लगाते हुए अपराधी तत्वों ने अंदर पहुंचाया पिस्तोल

Rohtak Bureau Updated Fri, 08 Dec 2017 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
अपराधी तत्वों ने जिला अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में भी सेंध लगा दी है। वीरवार को अदालत परिसर के बाथरूम में पिस्तौल मिला। पिस्तौल बाथरूम के स्टोर रूम की पाइप में छुपाकर रखा गया था। घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि जिस स्थान पर ये बाथरूम है उसके दस कदम पर सत्र अदालतें शुरू हो जाती हैं और वीडियो कॉन्फ्रें सिंग रूम चंद कदमों की दूरी पर है। 25 अगस्त 2017 से पहले इसी वीडियो कॉन्फ्रें सिंग रूम के माध्यम से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाया करता था।
वीरवार दोपहर करीब 12 बजे अदालत परिसर का सफाई कर्मी सुभाष लाइब्रेरी कक्ष के साथ लगते बाथरूम की सफाई करने गया। सफाई के दौरान उसे पाइप के पीछे एक लिफाफा फंसा दिखाई दिया। सुभाष ने लिफाफा खींचकर निकाला और खोलकर देखा तो उसमें पिस्तौल थी। उसने तुरंत न्यायालय अधीक्षक को घटना के बारे में बताया। सूचना मिलने पर हुडा चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश अदालत परिसर पहुंचे और पिस्तौल को अपने कब्जे में लिया। पिस्तौल की जांच हुई तो वह लोडेेड नहीं था, 12 बोर का यह पिस्तौल बेहतर कंडीशन में था। इसके बाद अदालत परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस ने सफाई कर्मी सुभाष का बयान दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।

कौन हो सकता है टारगेट पर
अदालत परिसर में पिस्तौल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों यह पता लगाने में जुट गई हैं कि किस शख्स को टारगेट बनाने के लिए अपराधी तत्वों ने यह पिस्तौल छुपाकर रखा हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार चौटाला डबल मर्डर मामले में मुख्य आरोपी गैंगस्टर छोटू भाट को टारगेट करने की संभावना ज्यादा लग रही हैं। उस पर डबवाली कोर्ट में भी पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने अपने शूटरों से हमला करवाया था। हमले में छोटू भाट बच गया, इस हमले का बदला लेने के लिए उस पर चौटाला में डबल मर्डर को अंजाम देने का आरोप है। जिस अदालत में छोटू भाट को जेल से पेशी पर लाया जाता है वह अदालत उस बाथरूम से बीस कदम दूर ही है।

कहीं डेरा चीफ तो नहीं था निशाने पर
शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि यह पिस्तौल हाल के दिनों में छुपाकर नहीं रखा गया, इसे यहां रखे हुए को काफी दिन हो चुके हैं। 25 अगस्त से पहले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम अदालत परिसर पहुंचकर वीडियो कॉफ्रें सिंग के जरिए पंचकूला सीबीआई अदालत में पेश होते थे। जिस बाथरूम में पिस्तौल मिला वहां से वीडियो कॉफ्रें सिंग रूम महज दस कदम पर है। ऐसे में यह संभावना भी बनी हुई है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को निशाना बनाने के लिए पिस्तौल छुपाकर रखा गया, ताकि डेरा प्रमुख की सुरक्षा में तनिक चूक दिखने पर सीधा पास से उसे निशाना बनाया जा सके। जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

अदालत परिसर में ऐसे पहुंचा पिस्तौल
इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद अदालत परिसर के अंदर पिस्तौल पहुंचा कैसे? इसको लेकर पुलिस काफी चिंतित है। अदालत परिसर के चारों तरफ सुरक्षा दीवार बनी हुई है और जो दो गेट अंदर आने के हैं, वहां पर सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त हैं। एक गेट से केवल न्यायाधीश और अदालत स्टाफ को ही प्रवेश की इजाजत है, जबकि दूसरा गेट वकीलों और आम जनता के लिए है। अंदर आने से पहले सभी को मेटल डिटेक्टर के बीच में से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे सूई तक भी अंदर ले जाना मुमकिन नहीं। पुलिस सूत्रों की मानें तो अदालत परिसर में पिस्तौल पहुंचाने का केवल मात्र एक ही रास्ता है, और वो है सुरक्षा दीवार। अदालत परिसर के चारों तरफ बनी सुरक्षा दीवार में रॉड लगी हैं। रॉड के बीच में और नीचे इतना गैप है कि आसानी से पिस्तौल या राइफल अंदर गेरी जा सकती है। इसके बाद अंदर आकर हथियार को अदालत परिसर में छुपाकर रखा जा सकता है।

सुरक्षा के बीच कोई नहीं सुरक्षित
अदालत परिसर में पिस्तौल मिलने से एक बात तो साफ हो गई है कि तमाम सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद अदालत परिसर में कोई भी सुरक्षित नहीं। पेशी पर आने वालों से लेकर वकील और न्यायाधीश की सुरक्षा अब पुख्ता नहीं रही। कोई भी शातिर दिमाग वाला शख्स हथियार अंदर पहुंचाकर आसानी से किसी को भी टारगेट कर सकता है। वकील पहले ही सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता सेशन जज समक्ष जाहिर कर चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अगर सुरक्षा दीवार की खामियों को जल्द दूर नहीं किया गया तो किसी भी समय अदालत परिसर के अंदर बड़ी वारदात हो सकती है।

दो लोगों की हो चुकी है हत्या
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कीअदालत के गेट समक्ष वर्ष 2012 और 2014 में पेशी पर आए लाए गए दो हत्यारोपियों की गोली मारकर हत्या हो चुकी है। इसके बाद सुरक्षा के दृष्टिगत सिरसा अदालत परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई। सुरक्षा दीवार के निर्माण के अलावा परिसर में सुरक्षा गार्डों की तैनाती कर दी गई। सुरक्षा प्रबंधों के चलते अब केवल मात्र एक गेट से ही अदालत परिसर में प्रवेश संभव है। एक बाद जो अंदर दाखिल हो गया तो वह बिना आसानी से बाहर नहीं जा सकता। फिर भी चार महीने पहले एक किशोर चाकू लेकर किशोर न्यायालय समक्ष पहुंच गया और पेशी पर आए किशोर पर हमला कर दिया।

होने चाहिए 100 गार्ड, हैं मात्र दस
हाईकोर्ट के निर्देश पर अदालत परिसर के चारों तरफ सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया है। इस चार दीवारी में 14 अदालतें हैं। पेशी पर आए लोगाें और अदालतों की सुरक्षा के लिए आधुुनिक हथियारों से लैस दस पुलिस कर्मचारियों की तैनात जिला पुलिस की ओर से की गई है, जबकि पूरे न्यायिक परिसर की चाक चौबंद सुरक्षा के लिए 100 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती जरूरी है। जिला पुलिस में कर्मचारियों की कमी के चलते पर्याप्त मात्रा में पुलिस कर्मियों की तैनाती विभाग नहीं कर पा रहा।

गंभीरता से की जा रही है जांच
अदालत परिसर में पिस्तौल मिलने के मामले में अज्ञात शख्स के खिलाफ अभियोग दर्ज किया गया है। चूंकि मामला अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए गंभीरता से जांच की जा रही है। हर एंगल से इसे देखा जा रहा है। अदालत परिसर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज को खंगालकर देखा जाएगा। जो पिस्तौल मिला है वह अवैध है।
-एसआई ओमप्रकाश दलाल, इंचार्ज हुडा चौकी सिरसा।

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