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काफिर कहकर शव को नहीं लगाने दिया हाथ

Sun, 04 Jun 2017 07:15 PM IST
Updated Sun, 04 Jun 2017 07:15 PM IST
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काफिर कहकर शव को नहीं लगाने दिया हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
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चोपटा।
गांव कागदाना में हिंदू युवक को मुस्लिम युवक के काफिर बुलाने पर विवाद हो गया है। मामले को लेकर रविवार को गांव में तनाव की स्थिति बन रही। रविवार को गांव के मंदिर में हिंदू समाज के लोगों ने एकत्रित होकर विरोध जाहिर किया और दूसरे समाज के लोगों को पंचायत में बुलाया। मुस्लिम समाज की तरफ से कोई व्यक्ति पंचायत में नहीं आया, जिसके बाद काफिर बुलाने वाले युवक के घर के सामने कुछ युवकों ने जाकर उसे पंचायत में आने के लिए आवाज लगाई। इसके बाद उस घर की महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर गली में आ पहुंची और बाहर खड़े युवकों को गालियां देने लगीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
खंड के गांव कागदाना निवासी मेहरदीन के 27 वर्षीय पुत्र उमरदीन के दो दिन पूर्व सीने में दर्द हुआ। उमरदीन को उसके परिजन राकेश कुमार की गाड़ी पर अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को शव को राकेश की गाड़ी में वापस गांव में लाया गया। जब राकेश के भाई विनोद ने शव को उतारने के लिए हाथ लगाया तो वहां मौजूद कागदाना निवासी इस्माईल खान ने यह कहते हुए उसे एक ओर कर दिया कि काफिरों का यहां पर क्या काम? आरोप है कि इस्माइल ने कहा कि जब उसके बाप की मौत होगी तो दूसरे समाज के किसी व्यक्ति को अपने घर नहीं आने देगा। इस बात को लेकर धीरे-धीरे गांव में चर्चा बढ़ने लगी और शनिवार की शाम को गांव के मंदिर में आवाज लगाकर हिंदू समाज के लोगों को रविवार सुबह आठ बजे गांव के रामदेव मंदिर में एकत्रित होने के लिए कहा गया।
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इसके बाद रविवार को हिंदू समाज के लोग एकत्रित हुए और दूसरे समाज के युवक द्वारा कही गई बात की निंदा करते हुए उसे दूसरे समुदाय के मुखिया लोगों को पंचायत में बुलाया, लेकिन वो नहीं आए। इस पर हिंदू समाज के करीब 10-12 युवकों ने इस्माइल को बुलाने के लिए उसके घर के सामने जाकर आवाज लगाई। आरोप है कि आवाज सुनकर इस्माइल की मां, पत्नी और दो-तीन अन्य महिलाओं ने हाथों में लाठियां लेकर बाहर आकर गालियां देने लगीं। ऐसा मंजर देखकर युवक वहां से लौट आए। उसके बाद पुलिस में मामले की सूचना दी गई जहां पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
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इस्माइल के भाई ने भी चार माह पहले कहा था काफिर
गांव कागदाना निवासी जिस इस्माइल युवक पर काफिर बुलाने का आरोप लगा था उसके भाई इकमुदीन खान ने भी करीब चार माह पहले गांव चाहरवाला में एक रिश्तेदार की मृत्यु पर वहां पहुंचे हिंदू समाज के लोगों को काफिर कहकर बुलाया था। जिसको लेकर भी चाहरवाला गांव में दो-तीन दिन विवाद हुआ था व मामले में गांव में महापंचायत हुई व उनके समुदाय के लोगों द्वारा काफी मांगी गई थी। जिसके उपरांत मामला शांत हुआ था, लेकिन अब फिर उसके सगे भाई ने फिर से काफिर बुलाकर नया विवाद खड़ा कर दिया।


दो युवकों का निजी विवाद था: एसएचओ
चोपटा थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि विनोद और इस्माइल का आपसी विवाद था जिसे बेवजह तूल दे दिया गया था। फिलहाल दोनों पक्षों में शांति है। किसी भी पक्ष की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं करवाई गई। पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए है।
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काफिर कहकर शव को नहीं लगाने दिया हाथ
घटना के बाद से गांव कागदाना में तनाव, मौके पर पहुुंची पुलिस से ग्रामीणों ने कहा अपने स्तर पर निपट लेंगे

फोटो:04एसआईआरपी27:28:सिरसा के गांव कागदाना में दो समुदाय के बीच हुए विवाद को लेकर रामदेव मंदिर में आयोजित पंचायत में पहुंचे लोग।
फोटो:04एसआईआरपी 29:सिरसा के गांव कागदाना में दो समुदाय के बीच हुए विवाद को लेकर रामदेव मंदिर में आयोजित पंचायत में विचार विमर्श करते हुए बुजुर्ग।
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