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लापता युवक 5 दिन बाद हनुमानगढ़ से बरामद
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:28 AM IST
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पांच दिन से लापता युवक हनुमानगढ़ से बरामद
ओढां। पिछले 5 दिनों से रहस्यमयी ढंग से लापता हुए युवक को हनुमानगढ़ जंक्शन से बरामद कर लिया गया। युवक से ओढां पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी लेकर उसके बयान दर्ज किए हैं। युवक के मुताबिक वह बीती 18 जुलाई की रात्रि ओढां बस स्टैंड पर सब्जी बेचकर अपने पिता के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर घर आ रहा था। बीच रास्ते पीछे से आ रहे इनोवा सवार लोगों ने उसे हाथ का इशारा कर ट्राली से उतार लिया और गाड़ी में डालकर घुंकावाली की ओर से ले गए। आरोप है कि उक्त लोगों ने रास्ते में उसके साथ मारपीट की। युवक के मुताबिक उक्त लोगों ने उसके मुंह पर रूमाल रख दिया। जिसके बाद वह बेहोश हो गया। जब होश आया तो वह एक बंद कमरे में कैद था। युवक ने बताया कि उसे 4 दिन तक उक्त कमरे में कैद रखा गया। रविवार रात्रि करीब 8 बजे उक्त लोग उसे पुन: इनोवा में डालकर हनुमानगढ़ जंक्शन में सब्जी मंडी के पास छोड़ गए। जिसके बाद उसने एक व्यक्ति से मोबाइल लेकर अपने पिता को जानकारी दी और हनुमानगढ़ थाने में पहुंच गया। पुलिस ने उसे सुबह आने केे लिए कहा। युवक ने रात पार्क में सोकर बिताई। दूसरे दिन सुबह वह पुन: थाने में पहुंचा। जहां पुलिस ने उसकी देखरेख करते हुए सूचना ओढां पुलिस को दी। सूचना पाकर युवक के परिजन व ओढां पुलिस मौके पर पहुंची। राजस्थान पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई उपरांत युवक को परिजनों के हवाले कर दिया। युवक ने बताया है कि जब उसे ओढां से इनोवा में डालकर ले जाया गया तो उसका पड़ोसी गाड़ी में साथ था। लेकिन ओढां पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ओढां पुलिस ने युवक से पूरे मामले की जानकारी लेने एवं उसके ब्यान दर्ज करने उपरांत उसेे परिजनों के हवाले कर दिया। वहीं इस मामले में ओढां पुलिस युवक के पिता शंकर पर ही संदेह व्यक्त कर रही है। थाना प्रभारी जय भगवान ने बताया कि इस अपहरण मामले में शंकर का ही रोल है। युवक व शंकर की कॉल डिटेल निकलवाकर मामले की जांच की जा रही है। उधर शंकर ने ओढां पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना प्रभारी ने इस मामले को शुरू से ही गंभीरता से नहीं लिया। उसके लड़के को ढूंढने की बजाए उल्टा उसी पर शक किया जा रहा है। उसने कहा है कि पुलिस उस पर बेवजह आरोप लगाकर न केवल कार्रवाई करने से बच रही है। अपितु एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में है।
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ओढां। पिछले 5 दिनों से रहस्यमयी ढंग से लापता हुए युवक को हनुमानगढ़ जंक्शन से बरामद कर लिया गया। युवक से ओढां पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी लेकर उसके बयान दर्ज किए हैं। युवक के मुताबिक वह बीती 18 जुलाई की रात्रि ओढां बस स्टैंड पर सब्जी बेचकर अपने पिता के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर घर आ रहा था। बीच रास्ते पीछे से आ रहे इनोवा सवार लोगों ने उसे हाथ का इशारा कर ट्राली से उतार लिया और गाड़ी में डालकर घुंकावाली की ओर से ले गए। आरोप है कि उक्त लोगों ने रास्ते में उसके साथ मारपीट की। युवक के मुताबिक उक्त लोगों ने उसके मुंह पर रूमाल रख दिया। जिसके बाद वह बेहोश हो गया। जब होश आया तो वह एक बंद कमरे में कैद था। युवक ने बताया कि उसे 4 दिन तक उक्त कमरे में कैद रखा गया। रविवार रात्रि करीब 8 बजे उक्त लोग उसे पुन: इनोवा में डालकर हनुमानगढ़ जंक्शन में सब्जी मंडी के पास छोड़ गए। जिसके बाद उसने एक व्यक्ति से मोबाइल लेकर अपने पिता को जानकारी दी और हनुमानगढ़ थाने में पहुंच गया। पुलिस ने उसे सुबह आने केे लिए कहा। युवक ने रात पार्क में सोकर बिताई। दूसरे दिन सुबह वह पुन: थाने में पहुंचा। जहां पुलिस ने उसकी देखरेख करते हुए सूचना ओढां पुलिस को दी। सूचना पाकर युवक के परिजन व ओढां पुलिस मौके पर पहुंची। राजस्थान पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई उपरांत युवक को परिजनों के हवाले कर दिया। युवक ने बताया है कि जब उसे ओढां से इनोवा में डालकर ले जाया गया तो उसका पड़ोसी गाड़ी में साथ था। लेकिन ओढां पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ओढां पुलिस ने युवक से पूरे मामले की जानकारी लेने एवं उसके ब्यान दर्ज करने उपरांत उसेे परिजनों के हवाले कर दिया। वहीं इस मामले में ओढां पुलिस युवक के पिता शंकर पर ही संदेह व्यक्त कर रही है। थाना प्रभारी जय भगवान ने बताया कि इस अपहरण मामले में शंकर का ही रोल है। युवक व शंकर की कॉल डिटेल निकलवाकर मामले की जांच की जा रही है। उधर शंकर ने ओढां पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना प्रभारी ने इस मामले को शुरू से ही गंभीरता से नहीं लिया। उसके लड़के को ढूंढने की बजाए उल्टा उसी पर शक किया जा रहा है। उसने कहा है कि पुलिस उस पर बेवजह आरोप लगाकर न केवल कार्रवाई करने से बच रही है। अपितु एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में है।