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कोर्ट ने जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभिंयता की सरकारी गाड़ी अटैच की, तनख्वाह और ठेकेदारों की पेमेंट भी हैड
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:36 AM IST
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कार्यकारी अभियंता की सरकारी गाड़ी अटैच, तनख्वाह और ठेकेदारों की पेमेंट भी रुकी
सिरसा। अदालत ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी की याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद कार्यकारी अभियंता की गाड़ी अटैच कर उसे अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा उनकी तनख्वाह और ठेकेदारों का भुगतान भी रोक दिया है। ऐसे में मंगलवार को कार्यकारी अभियंता को अब अपनी निजी गाड़ी में कार्यालय पहुंचना पड़ेगा। कोर्ट का आदेश है कि जब तक कर्मवीर को एरियर का भुगतान नहीं करते, तब तक गाड़ी अटैच रहेगी।
जानकारी के अनुसार रानियां रोड पर वाटर पंप आपरेटर कर्मवीर सिंह ने 2013 में टेक्निकल ग्रेड न देने पर कोर्ट में याचिका दायर की थी। कर्मवीर ने कहा कि उसके जूनियर को टेक्निकल ग्रेड दे दिया गया, लेकिन उसे नहीं मिला। उसको टेक्निकल ग्रेड 1993 से मिलना था। केस का फैसला 21 जुलाई 2018 को हुआ। कोर्ट ने जनस्वास्थ्य विभाग को दो महीने में एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए। कर्मवीर का करीब सात लाख का एरियर बनता था। लेकिन उसे भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में आदेशों की अवहेलना होने पर कोर्ट ने चार दिन पहले जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके शर्मा की सरकारी गाड़ी और तनख्वाह और ठेकेदारों की पेमेंट के हैड सील कर दिए और सोमवार को गाड़ी अटैच कर दी।
कोट्स
हमने कर्मवीर का एरियर का भुगतान करने के लिए मुख्यालय के पास भेज दिया था। फाइनेंस विभाग से एप्रूवल में देरी हुई है। हमारे स्तर पर कोई कमी देरी नहीं हुई। कोर्ट का फैसला माननीय है।
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आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग डिवीजन नंबर दो।
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सिरसा। अदालत ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी की याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद कार्यकारी अभियंता की गाड़ी अटैच कर उसे अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा उनकी तनख्वाह और ठेकेदारों का भुगतान भी रोक दिया है। ऐसे में मंगलवार को कार्यकारी अभियंता को अब अपनी निजी गाड़ी में कार्यालय पहुंचना पड़ेगा। कोर्ट का आदेश है कि जब तक कर्मवीर को एरियर का भुगतान नहीं करते, तब तक गाड़ी अटैच रहेगी।
जानकारी के अनुसार रानियां रोड पर वाटर पंप आपरेटर कर्मवीर सिंह ने 2013 में टेक्निकल ग्रेड न देने पर कोर्ट में याचिका दायर की थी। कर्मवीर ने कहा कि उसके जूनियर को टेक्निकल ग्रेड दे दिया गया, लेकिन उसे नहीं मिला। उसको टेक्निकल ग्रेड 1993 से मिलना था। केस का फैसला 21 जुलाई 2018 को हुआ। कोर्ट ने जनस्वास्थ्य विभाग को दो महीने में एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए। कर्मवीर का करीब सात लाख का एरियर बनता था। लेकिन उसे भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में आदेशों की अवहेलना होने पर कोर्ट ने चार दिन पहले जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके शर्मा की सरकारी गाड़ी और तनख्वाह और ठेकेदारों की पेमेंट के हैड सील कर दिए और सोमवार को गाड़ी अटैच कर दी।
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कोट्स
हमने कर्मवीर का एरियर का भुगतान करने के लिए मुख्यालय के पास भेज दिया था। फाइनेंस विभाग से एप्रूवल में देरी हुई है। हमारे स्तर पर कोई कमी देरी नहीं हुई। कोर्ट का फैसला माननीय है।
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आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग डिवीजन नंबर दो।