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गर्भवती महिला को रोडी स्वास्थ्य केंद्र में रात को नहीं मिला उपचार, लोगों ने सुबह स्वास्थ्य केंद्र का किया घेराव
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गर्भवती महिला को रोडी स्वास्थ्य केंद्र में रात को नहीं मिला उपचार, ग्रामीणों ने सुबह किया घेराव
ओढां। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर वीरवार को लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र रोड़ी के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना के बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विरेश भूषण, ओढां के एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग, बीडीपीओ वेदपाल सिंह व रोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने डिप्टी सीएमओ से व्यवस्था मेें सुधार करने व लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
दरअसल बुधवार देर सांय रोड़ी निवासी ठंडू सिंह अपनी पुत्री मनप्रीत को प्रसव पीड़ा के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर आया था। लेकिन अस्पताल में चौकीदार केे सिवाए और कोई मौजूद नहीं था। परिजनों ने डेढ़ घंटे तक स्टाफ नर्स का इंतजार किया। लेकिन ड्यूटी पर किसी के न पहुंचने पर महिला को निजी अस्पताल में ले जाया गया। इसी लापरवाही को लेकर नौजवान भारत सभा इकाई रोड़ी ने मुनादी करवाते हुए ग्रामीणों को अस्पताल में एकत्रित कर लिया। ग्रामीणों ने अस्पताल में पहुंचते हुए गेट के समक्ष दरी बिछाकर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक लापरवाह स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई व स्टाफ की पूर्ति नहीं होती वे धरने से नहीं उठेंगे। सूचना पाकर रोड़ी थाना प्रभारी सत्यवान शर्मा ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़ गए कि जब तक स्वास्थ्य विभाग केे अधिकारी यहां आकर उनकी बात नहीं सुनते तब तक वे किसी की नहीं सुनेंगे। वहीं सूचना के बाद हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी, कांग्रेसी नेता कुलदीप सिंह गदराना व ग्राम सरपंच मेजर सिंह सहित अनेक लोग भी मौके पर पहुंच गए।
डिप्टी सीएमओ को सुनाई खरी-खरी :-
करीब डेढ़ घंटे बाद एसएचओ की सूचना पर डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश भूषण, एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग, बीडीपीओ वेदपाल सिंह मौके पर पहुंचे। डॉ. विरेश जैसे ही मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें खूब खरी-खरी सुनाई। लोगों ने डिप्टी सीएमओ से कहा कि ये स्वास्थ्य केंद्र है या औपचारिक केंद्र। लोगों ने कहा कि किसी समय में करीब ढाई सौ की ओपीडी वाले स्वास्थ्य केंद्र में लच्चर व्यवस्था व स्टाफ की लापरवाही के चलते ओपीडी मात्र 60-70 ही रह गई है। डॉ. विरेश ने आक्रोशित लोगों में से कुछ लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। लोगों ने कहा कि उन्हें जो बात करनी है वो सभी के सामने करें।
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लोगों ने कहा कि बुधवार रात्रि प्रसव पीड़िता को उपचार नहीं मिला। ऐसे मामले अस्पताल में लगभग आए दिन होते रहते हैं। लोगों ने बुधवार रात्रि ड्यूटी वाले चिकित्सक व स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं लोगों ने एंबुलेंस सेवा मुहैया करवाने की मांग रखी। लोगों ने स्टॉफ पर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने लैब तकनीशियन की शिकायत करते हुए कहा कि उन्हें टेस्ट के लिए बाहर भेज दिया जाता है। इस बात पर उन्होंने एलटी से पूछा तो उसने तर्क दिया कि एक माह में 100 टैस्ट ही किए गए हैं। जिसके बाद डॉ. विरेश ने एसएमओ से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी। डॉ. विरेश ने कहा कि अगर एलटी बाहर से टेस्ट या चिकित्सक बाहर की दवाई लिखता है तो इस बारे उसे अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि विभाग में स्टाफ की कमी है। इसलिए चिकित्सकों को हर माह 2-3 दिनों के लिए नागरिक अस्पताल में भी बुलाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रोड़ी स्वास्थय केंद्र केे लिए उनसे जो भी बन पड़ेगा वे वो जरूर करेंगे। डॉ. वीरेश ने एमएमवाई अकाउंट से दवाओं की खरीद के लिए पीएचसी को 20 हजार रुपये का चैक दिया।
कोट्स
स्टाफ की कमी हर जगह है। जिला में 160 चिकित्सकों की पोस्ट हैं जिनमें से 100 खाली हैं। हम मुख्यालय को स्थिति से अवगत करवाते हुए अन्य जिलों से चिकित्सकों की डेपुटेशन की मांग करेेंगे। रोड़ी में एंबुलेंस भिजवा दी गई है। अस्पताल में एक स्टाफ नर्स व एक एएनएम की अस्थायी रूप से नियुक्ति कर दी गई है। इसके अलावा एंबुलेंस पर ईएमटी कर्मचारी की भी नियुक्ति की गई है। अस्पताल में जिसने भी कोई लापरवाही बरती है उसके खिलाफ एक सप्ताह में कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल की देखरेख के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की हर माह बैठक होगी।
-डॉ. विरेश भूषण, डिप्टी सीएमओ
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ओढां। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर वीरवार को लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र रोड़ी के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना के बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विरेश भूषण, ओढां के एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग, बीडीपीओ वेदपाल सिंह व रोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने डिप्टी सीएमओ से व्यवस्था मेें सुधार करने व लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
दरअसल बुधवार देर सांय रोड़ी निवासी ठंडू सिंह अपनी पुत्री मनप्रीत को प्रसव पीड़ा के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर आया था। लेकिन अस्पताल में चौकीदार केे सिवाए और कोई मौजूद नहीं था। परिजनों ने डेढ़ घंटे तक स्टाफ नर्स का इंतजार किया। लेकिन ड्यूटी पर किसी के न पहुंचने पर महिला को निजी अस्पताल में ले जाया गया। इसी लापरवाही को लेकर नौजवान भारत सभा इकाई रोड़ी ने मुनादी करवाते हुए ग्रामीणों को अस्पताल में एकत्रित कर लिया। ग्रामीणों ने अस्पताल में पहुंचते हुए गेट के समक्ष दरी बिछाकर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक लापरवाह स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई व स्टाफ की पूर्ति नहीं होती वे धरने से नहीं उठेंगे। सूचना पाकर रोड़ी थाना प्रभारी सत्यवान शर्मा ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़ गए कि जब तक स्वास्थ्य विभाग केे अधिकारी यहां आकर उनकी बात नहीं सुनते तब तक वे किसी की नहीं सुनेंगे। वहीं सूचना के बाद हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी, कांग्रेसी नेता कुलदीप सिंह गदराना व ग्राम सरपंच मेजर सिंह सहित अनेक लोग भी मौके पर पहुंच गए।
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डिप्टी सीएमओ को सुनाई खरी-खरी :-
करीब डेढ़ घंटे बाद एसएचओ की सूचना पर डिप्टी सीएमओ डॉ. विरेश भूषण, एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग, बीडीपीओ वेदपाल सिंह मौके पर पहुंचे। डॉ. विरेश जैसे ही मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें खूब खरी-खरी सुनाई। लोगों ने डिप्टी सीएमओ से कहा कि ये स्वास्थ्य केंद्र है या औपचारिक केंद्र। लोगों ने कहा कि किसी समय में करीब ढाई सौ की ओपीडी वाले स्वास्थ्य केंद्र में लच्चर व्यवस्था व स्टाफ की लापरवाही के चलते ओपीडी मात्र 60-70 ही रह गई है। डॉ. विरेश ने आक्रोशित लोगों में से कुछ लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। लोगों ने कहा कि उन्हें जो बात करनी है वो सभी के सामने करें।
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लोगों ने कहा कि बुधवार रात्रि प्रसव पीड़िता को उपचार नहीं मिला। ऐसे मामले अस्पताल में लगभग आए दिन होते रहते हैं। लोगों ने बुधवार रात्रि ड्यूटी वाले चिकित्सक व स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं लोगों ने एंबुलेंस सेवा मुहैया करवाने की मांग रखी। लोगों ने स्टॉफ पर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने लैब तकनीशियन की शिकायत करते हुए कहा कि उन्हें टेस्ट के लिए बाहर भेज दिया जाता है। इस बात पर उन्होंने एलटी से पूछा तो उसने तर्क दिया कि एक माह में 100 टैस्ट ही किए गए हैं। जिसके बाद डॉ. विरेश ने एसएमओ से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी। डॉ. विरेश ने कहा कि अगर एलटी बाहर से टेस्ट या चिकित्सक बाहर की दवाई लिखता है तो इस बारे उसे अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि विभाग में स्टाफ की कमी है। इसलिए चिकित्सकों को हर माह 2-3 दिनों के लिए नागरिक अस्पताल में भी बुलाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रोड़ी स्वास्थय केंद्र केे लिए उनसे जो भी बन पड़ेगा वे वो जरूर करेंगे। डॉ. वीरेश ने एमएमवाई अकाउंट से दवाओं की खरीद के लिए पीएचसी को 20 हजार रुपये का चैक दिया।
कोट्स
स्टाफ की कमी हर जगह है। जिला में 160 चिकित्सकों की पोस्ट हैं जिनमें से 100 खाली हैं। हम मुख्यालय को स्थिति से अवगत करवाते हुए अन्य जिलों से चिकित्सकों की डेपुटेशन की मांग करेेंगे। रोड़ी में एंबुलेंस भिजवा दी गई है। अस्पताल में एक स्टाफ नर्स व एक एएनएम की अस्थायी रूप से नियुक्ति कर दी गई है। इसके अलावा एंबुलेंस पर ईएमटी कर्मचारी की भी नियुक्ति की गई है। अस्पताल में जिसने भी कोई लापरवाही बरती है उसके खिलाफ एक सप्ताह में कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल की देखरेख के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की हर माह बैठक होगी।
-डॉ. विरेश भूषण, डिप्टी सीएमओ