{"_id":"5aac21ea4f1c1b91778b5da0","slug":"101521230314-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल टावर पर चढ़कर वाईफाई उपकरण लगाने वाले दोनों आरोपी दो दिन के रिमांड पर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मोबाइल टावर पर चढ़कर वाईफाई उपकरण लगाने वाले दोनों आरोपी दो दिन के रिमांड पर
Updated Sat, 17 Mar 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
डेरा मुखी के खिलाफ साध्वी यौन शोषण मामले फैसला आने से पहले प्रदेश सरकार ने राज्य में इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, लेकिन डेरा में इंटरनेट सेवा बहाल करने के आरोप में काबू दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर ले लिया गया है।
हिंसा के दौरान डेरा में इंटरनेट सेवा बहाल रहे इसके लिए दिल्ली से खास हाईटेक उपकरण मंगवाकर सिरसा के राज्यस्थान सीमा पर स्थित गांव निठराना में मोबाइल टावर पर लगवा दिए। इसके बाद 25 अगस्त 2017 को हुई हिंसा के बाद भी डेरा सच्चा सौदा में इंटरनेट सेवा बहाल रही। सिरसा एसआईटी इस मामले में डेरा आईटी विंग हेड विनीत कुमार और साइबर स्पेशलिस्ट प्रवीण को गिरफ्तार कर चुकी है। वीरवार रात को एसआईटी ने उन दो लोगों को गिरफ्तार किया जिन्होंने मोबाइल टावर पर उपकरण लगाए। इस मामले में एसआईटी ने गांव निठराना निवासी लछी राम और मुखराम को गिरफ्तार किया। उक्त दोनों से एसआईटी ने वो उपकरण भी बरामद कर लिए जो राजस्थान सीमा में मोबाइल टावर पर लगाए गए थे। शुक्रवार सुबह दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी लछी राम और मुखराम को दो दिनों के रिमांड में भेज दिया है। शहर थाना प्रभारी अमित बैनीवाल ने बताया कि रिमांड अवधि में दोनों आरोपियों से मोबाइल टावर पर लगाए गए वाईफाई उपकरण और अन्य सामान बरामद किया जाएगा।
गौरतलब है कि 25 अगस्त 2017 को डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के खिलाफ पंचकूला सीबीआई कोर्ट का फैसला आया, उसके बाद पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क गई। डेरा अनुयायियों ने पेट्रोल बम और हथियारों से हमला हमला करके सुरक्षा कर्मियों का घायल कर करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। हिंसा में प्रदेश भर में 44 लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा।
डेरा मुखी के खिलाफ साध्वी यौन शोषण मामले फैसला आने से पहले प्रदेश सरकार ने राज्य में इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, लेकिन डेरा में इंटरनेट सेवा बहाल करने के आरोप में काबू दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर ले लिया गया है।
हिंसा के दौरान डेरा में इंटरनेट सेवा बहाल रहे इसके लिए दिल्ली से खास हाईटेक उपकरण मंगवाकर सिरसा के राज्यस्थान सीमा पर स्थित गांव निठराना में मोबाइल टावर पर लगवा दिए। इसके बाद 25 अगस्त 2017 को हुई हिंसा के बाद भी डेरा सच्चा सौदा में इंटरनेट सेवा बहाल रही। सिरसा एसआईटी इस मामले में डेरा आईटी विंग हेड विनीत कुमार और साइबर स्पेशलिस्ट प्रवीण को गिरफ्तार कर चुकी है। वीरवार रात को एसआईटी ने उन दो लोगों को गिरफ्तार किया जिन्होंने मोबाइल टावर पर उपकरण लगाए। इस मामले में एसआईटी ने गांव निठराना निवासी लछी राम और मुखराम को गिरफ्तार किया। उक्त दोनों से एसआईटी ने वो उपकरण भी बरामद कर लिए जो राजस्थान सीमा में मोबाइल टावर पर लगाए गए थे। शुक्रवार सुबह दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी लछी राम और मुखराम को दो दिनों के रिमांड में भेज दिया है। शहर थाना प्रभारी अमित बैनीवाल ने बताया कि रिमांड अवधि में दोनों आरोपियों से मोबाइल टावर पर लगाए गए वाईफाई उपकरण और अन्य सामान बरामद किया जाएगा।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 25 अगस्त 2017 को डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के खिलाफ पंचकूला सीबीआई कोर्ट का फैसला आया, उसके बाद पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क गई। डेरा अनुयायियों ने पेट्रोल बम और हथियारों से हमला हमला करके सुरक्षा कर्मियों का घायल कर करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। हिंसा में प्रदेश भर में 44 लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन