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21 से कम का छोरा नहीं चढ़ पाया घोड़ी
सिरसा।
Updated Mon, 10 Mar 2014 11:52 PM IST
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21 साल से कम उम्र होने के कारण गांव मोचीवाली निवासी लड़का घोड़ी नहीं चढ़ पाया। 9 मार्च को युवक की शादी होनी थी, लेकिन उसी दिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने शादी को रुकवाया दिया। मजिस्ट्रेट मेनका सिंह ने अपने आदेशों में युवक के परिजनों को चेतावनी दी की फैसले के खिलाफ जाकर विवाह किया तो कानूनी कार्रवाई होगी।
मामले के अनुसार जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी साधना मित्तल को कुछ दिन पहले शिकायत मिली की गांव मोचीवाली में 21 वर्ष से कम आयु के युवक की शादी की जा रही है। साधना मित्तल ने युवक के परिजनों को बुलवाया। परिजनों ने उसकी आयु के दो प्रमाण दिए।
एक तो स्कूल प्रमाण पत्र, जिसमें उक्त युवक की जन्म तिथि 6 मार्च 1994 दर्ज थी। दूसरा आधार कार्ड जिसमें जन्म तिथि एक जनवरी 1992 दर्शाई गई है। दो आयु प्रमाण पत्र होने के कारण जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने 8 जनवरी को मामला अदालत में रेफर कर दिया।
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शादी वाले दिन ही सुनाया फैसला
नौ मार्च को उक्त युवक की शादी थी और रविवार को ही छुट्टी के दिन मजिस्ट्रेट मेनका सिंह ने केस की सुनवाई की। दोनों आयु प्रमाण पत्रों को देखने के बाद न्यायाधीश ने स्कूल प्रमाण पत्र सही करार देते हुए युवक की शादी रोकने के आदेश दिए।
स्कूल के आयु प्रमाण पत्र में युवक का जन्म छह मार्च 1994 है। इस हिसाब से उसकी आयु 21 साल से कम थी। न्यायाधीश ने शादी के दिन शादी पर रोक लगाई। युवक की शादी हिसार के गांव दुर्जनपुर में होनी थी।
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मामले के अनुसार जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी साधना मित्तल को कुछ दिन पहले शिकायत मिली की गांव मोचीवाली में 21 वर्ष से कम आयु के युवक की शादी की जा रही है। साधना मित्तल ने युवक के परिजनों को बुलवाया। परिजनों ने उसकी आयु के दो प्रमाण दिए।
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एक तो स्कूल प्रमाण पत्र, जिसमें उक्त युवक की जन्म तिथि 6 मार्च 1994 दर्ज थी। दूसरा आधार कार्ड जिसमें जन्म तिथि एक जनवरी 1992 दर्शाई गई है। दो आयु प्रमाण पत्र होने के कारण जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने 8 जनवरी को मामला अदालत में रेफर कर दिया।
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शादी वाले दिन ही सुनाया फैसला
नौ मार्च को उक्त युवक की शादी थी और रविवार को ही छुट्टी के दिन मजिस्ट्रेट मेनका सिंह ने केस की सुनवाई की। दोनों आयु प्रमाण पत्रों को देखने के बाद न्यायाधीश ने स्कूल प्रमाण पत्र सही करार देते हुए युवक की शादी रोकने के आदेश दिए।
स्कूल के आयु प्रमाण पत्र में युवक का जन्म छह मार्च 1994 है। इस हिसाब से उसकी आयु 21 साल से कम थी। न्यायाधीश ने शादी के दिन शादी पर रोक लगाई। युवक की शादी हिसार के गांव दुर्जनपुर में होनी थी।