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आस्ट्रेलिया से आई युवती ने सेंपल देने के बाद फरार, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, शाम को विभाग की टीम समझा बुझाकर लाई ़

Fri, 13 Mar 2020 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 13 Mar 2020 01:03 AM IST
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Corona virus: The young woman from Australia escaped after giving samples, in the evening, the department's team was extinguished.
Corona virus: The young woman from Australia escaped after giving samples, in the evening, the department's team was extinguished. - फोटो : Sirsa
कुछ दिन पहले आस्ट्रेलिया से पहुंचा संदिग्ध वीरवार को कोरोना वायरस का सैंपल देने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा। सैंपल के बाद संदिग्ध अस्पताल से गायब हो गया। जिसकी सूचना पाकर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। संदिग्ध युवती के पता खंगालने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उस तक पहुंची और बाद में उसे समझा बुझाकर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। उसका सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया। युवती आस्ट्रेलिया से आई थी। वहीं, कोरोना वायरस को लेकर शहर के सिविल अस्पताल में एक फ्लू वार्ड बनाया गया है। अस्पताल में सामान्य ओपीडी में खांसी, जुकाम और नजला के आने वाले मरीजों को अब फ्लू वार्ड में ही जांचा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए चार जगह भी चिह्नित की हैं। जहां आपातकाल की स्थिति में मरीजों को रखा जा सकता है।
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सिविल अस्पताल सिरसा के आयुष विंग में फ्लू ओपीडी का कमरा नंबर 47ए बनाया गया है। वहीं आयुष विभाग में चल रहे आयुर्वेद इलाज को सामने के ही कमरे में स्थानांतरित कर दिया है। अस्पताल में बनाई गई फ्लू ओपीडी में उन मरीजों की जांच की जाएगी जो खांसी, जुकाम, नजला और कोरोना वायरस के संदिग्ध हों। वहीं वार्ड में एक डॉक्टर की भी ड्यूटी लगाई गई है जो मरीजों की जांच करेगा। जांच करने वाले डॉक्टर मरीजों से करीब तीन मीटर की दूरी बनाकर मरीजों की जांच करेंगे। फ्लू वार्ड में रहने वाले सभी कर्मचारियों को मास्क दिए गए हैं वहीं हर 15 मिनट के दौरान वार्ड की सफाई की जा रही है। वार्ड के बाहर एक सुरक्षाकर्मी भी लगाया गया है जो मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को अंदर नहीं जाने देगा। फ्लू ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे डॉक्टर को अगर लगेगा कि यह कोरोना वायरस का संदिग्ध हो सकता है तो इस पर वह मरीज का सैंपल भेज उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर देंगे।
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संदिग्ध अस्पताल से हुआ फरार, शाम को समझा बुझाकर लाया गया अस्पताल
कुछ ही दिन पहले आस्ट्रेलिया से लौटी युवती वीरवार को सिविल अस्पताल में पहुंची। सिविल अस्पताल में पहुंचने के बाद डॉक्टर की टीम ने यात्री के सैंपल भरे। जैसे ही संदिग्ध के सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी अंदर गया तो पीछे से संदिग्ध वहां से गायब हो गई। अस्पताल प्रशासन को जब इस बारे में पता लगा तो सभी अधिकारी उनको ढूंढने में लग गए, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल में काम कर रहे सभी कर्मचारियों से इस बारे में पूछताछ की लेकिन किसी ने उनको नहीं देखा। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए जेजे कॉलोनी पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी। सूचना पाकर जेजे कॉलोनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। सैंपल के लिए आए संदिग्ध और उनके साथ आए परिजनों की जानकारी लेकर पुलिस जांच में जुट गई। युवती कुछ ही दिनों पहले आस्ट्रेलिया से आई थी। युवती शहर के एक बाहरी कॉलोनी की रहने वाली है।
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चार जगह हुई चिह्नित---
शहर में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस को महामारी का रूप देने के बाद अपनी पूरी तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग ने शहर में चार जगह चिह्नित की है जहां पर आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। शहर में सीडीएलयू के मल्टी पर्पज ऑडिटोरियम, जेसीडी में 100 बेड, हुडा सेक्टर 20 का सामुदायिक केंद्र और झूंथरा धर्मशाला में आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे, जहां जरूरत अनुसार मरीजों को रखा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने किया दौरा
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक सूरजभान कंबोज ने सिविल अस्पताल सिरसा का दौरा किया। इस दौरान निदेशक ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही कोरोना वायरस को लेकर निपटने की तैयारियों का जायजा लिया और अस्पताल को 200 बेड का बनाने के लिए सीएमओ के साथ बैठक कर एस्टीमेट तैयार किया। निदेशक सूरजभान कंबोज ने बताया कि अस्पताल को अपग्रेड करने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।

एपेडमिक एक्ट कानून हुआ लागू
डिप्टी सिविल सर्जन विरेश भूषण ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर एपेडमिक एक्ट 188 लागू कर दिया गया है। अगर कोरोना को लेकर कोई भी अफवाह फैलाता है तो उस पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। अब कोरोना वायरस को लेकर अगर कोई सोशल मीडिया पर भी गलत अफवाह फैलाता है तो उस पर एपेडमिक एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
संदिग्ध मिल गया है। वह घबरा गया था। उसे समझा बुझाकर आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
- विरेश भूषण, डिप्टी सिविल सर्जन सिरसा।
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