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कोरोना वायरस का फेक मैसेज वायरल होने से सामान्य अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप
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कोरोना वायरस का फेक मैसेज वायरल होने से अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप
मैसेज वायरल करने वाले के खिलाफ अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत
फोटो : 09
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। व्हाट्सएप व फेसबुक पर शुक्रवार को गांव पन्नीवाला मोरिका में कोरोना वायरस का एक फेक मैसेज वायरल हो जाने से सामान्य अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मैसेज में यह अंकित किया गया था कि डबवाली में कोरोना वायरस का एक मरीज आ चुका है। मरीज की पहचान पन्नीवाला मोरिक निवासी गुरनूर के रुप में बताई गई, जो इटली से वापस आया है और मरीज को आइसोलेशेन वार्ड में रखा गया है। इस मैसेज के वायरल होने के बाद सामान्य अस्पताल प्रशासन सकते में आ गया और एसएमओ डॉ. एमके भादू ने तुरंत आशा वर्करों और चिकित्सकों की टीमों का गठन कर गांव पन्नीवाला सहित आसपास के गांवों में दस्तक देने के आदेश दे दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में जाकर सरपंच के साथ मिलकर घर-घर जाकर पूछताछ की। दिन भर कोरोना वायरस से प्रभावित मरीज की खोज की जाती रही, लेकिन एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं पाया गया जो कोरोना वायरस से प्रभावित हो। एसएमओ डॉ. एमके भादू ने बताया कि कोरोना वायरस से पीड़ित कोई भी व्यक्ति इस क्षेत्र में नहीं पाया गया और न ही कोई अस्पताल में जांच के लिए आया है। उन्होंने आमजन को जागरूक करने के लिए कहा है कि सोशल मीडिया इस तरह के आने वाले फेक मैसेज पर ध्यान न दें। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का मैसेज वायरल करने वाले के खिलाफ अस्पताल प्रशासन की ओर से शहर थाना पुलिस को एक शिकायत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे उपमंडल के प्रत्येक गांव में कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डॉ. भादू ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो अधिकार उन्हें दिए गए हैं उन अधिकारों का प्रयोग करते हुए बेवजह सोशल मीडिया पर भय फैलाने वालों के साथ कोरोना वायरस भय दिखाकर इलाज करने वाले चिकित्सकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के चिकित्सकों को भी कोरोना से बचाव के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एसएमओ डॉ. भादू ने कहा कि कोई भी सामाजिक संस्था अपने स्तर पर कोरोना वायरस का प्रचार-प्रसार न करे नहीं तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बॉक्स :::::::
सामान्य अस्पताल प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर जारी कोरोना वायरस से संबंधित फेक न्यूज फैलाने के मामले में एक शिकायत आई है। उक्त मैसेज कहां से जारी हुआ है, इसकी जांच की जा रही है। जांच उपरांत आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- इंस्पेक्टर सत्यवान, शहर थाना प्रभारी डबवाली।
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मैसेज वायरल करने वाले के खिलाफ अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत
फोटो : 09
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। व्हाट्सएप व फेसबुक पर शुक्रवार को गांव पन्नीवाला मोरिका में कोरोना वायरस का एक फेक मैसेज वायरल हो जाने से सामान्य अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मैसेज में यह अंकित किया गया था कि डबवाली में कोरोना वायरस का एक मरीज आ चुका है। मरीज की पहचान पन्नीवाला मोरिक निवासी गुरनूर के रुप में बताई गई, जो इटली से वापस आया है और मरीज को आइसोलेशेन वार्ड में रखा गया है। इस मैसेज के वायरल होने के बाद सामान्य अस्पताल प्रशासन सकते में आ गया और एसएमओ डॉ. एमके भादू ने तुरंत आशा वर्करों और चिकित्सकों की टीमों का गठन कर गांव पन्नीवाला सहित आसपास के गांवों में दस्तक देने के आदेश दे दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में जाकर सरपंच के साथ मिलकर घर-घर जाकर पूछताछ की। दिन भर कोरोना वायरस से प्रभावित मरीज की खोज की जाती रही, लेकिन एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं पाया गया जो कोरोना वायरस से प्रभावित हो। एसएमओ डॉ. एमके भादू ने बताया कि कोरोना वायरस से पीड़ित कोई भी व्यक्ति इस क्षेत्र में नहीं पाया गया और न ही कोई अस्पताल में जांच के लिए आया है। उन्होंने आमजन को जागरूक करने के लिए कहा है कि सोशल मीडिया इस तरह के आने वाले फेक मैसेज पर ध्यान न दें। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का मैसेज वायरल करने वाले के खिलाफ अस्पताल प्रशासन की ओर से शहर थाना पुलिस को एक शिकायत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे उपमंडल के प्रत्येक गांव में कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डॉ. भादू ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो अधिकार उन्हें दिए गए हैं उन अधिकारों का प्रयोग करते हुए बेवजह सोशल मीडिया पर भय फैलाने वालों के साथ कोरोना वायरस भय दिखाकर इलाज करने वाले चिकित्सकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के चिकित्सकों को भी कोरोना से बचाव के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एसएमओ डॉ. भादू ने कहा कि कोई भी सामाजिक संस्था अपने स्तर पर कोरोना वायरस का प्रचार-प्रसार न करे नहीं तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बॉक्स :::::::
सामान्य अस्पताल प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर जारी कोरोना वायरस से संबंधित फेक न्यूज फैलाने के मामले में एक शिकायत आई है। उक्त मैसेज कहां से जारी हुआ है, इसकी जांच की जा रही है। जांच उपरांत आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- इंस्पेक्टर सत्यवान, शहर थाना प्रभारी डबवाली।